About Us - Fatehpur

अनुक्रमणिका

बिन्दु संख्या विवरण पेज नम्बर
1. पुलिस बल के संगठन, कार्य तथा कर्तव्यों का विवरण 4
2. अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियाॅं एवं कर्तव्य 5
3. निर्णय लेने की प्रक्रिया की कार्यविधि के पर्यवेक्षण व उत्तरदायित्व के स्तर 11
4. कर्तव्यों के सम्पादन हेतु अपनाये जाने वाले मानदण्ड 25
5. कर्तव्यों के निर्माण हेतु अपनायें जाने वाले नियम, विनियम, निर्देश, निर्देशिका व अभिलेख 26
6. विभाग द्वारा रखे जाने वाले अभिलेखोें की श्रेणी 27
7. जनता की परामर्श दात्री समितियाॅं 31
8. बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकाय 32
9. अधिकारियों तथा कर्मचारियों की टेलीफोन डायरेक्ट्री 32
10. अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन/पारितोषिक 33
11. बजट 35
12. सब्सिडी कार्यक्रम के निस्पादन का ढंग 35
13. संगठन द्वारा प्रदत्त छूट, अधिकार पत्र तथा अधिकृतियों के प्राप्त कर्ताओं का विवरण 36
14. इलेक्ट्रानिक प्रारूप में सूचनाओं की उपलब्धता 37
15. अधिनियम के अन्तर्गत नागरिकों को प्रदत्त सुविधाएं 38
16. लोक सूचना अधिकारियों के नाम व पदनाम 39
17. अन्य कोई विहित सूचना 40

 

 

सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा (1) बी के अनुसार जनपद फतेहपुर के पुलिस विभाग के सम्बन्ध में निम्नलिखित सूचना प्रकाशित की जाती हैः-

 

 1.    पुलिस बल के संगठन, कार्य तथा कर्तव्यों का विवरणः-

 

       पुलिस अधिनियम-1861 की धारा 03 के अनुसार जिले में पुलिस का अधीक्षण उस राज्य सरकार में निहित होगा, जिसके अधीन ऐसा जिला होगा और इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन जैसा प्राधिकृत हो उसके सिवाय कोई व्यक्ति, अधिकारी या न्यायालय, राज्य सरकार किसी पुलिस कर्मचारी को अधिकृमित या नियंत्रित करने के लिए सशक्त नहीं किया जायेगा।

पुलिस का मूल कर्तव्य कानून-व्यवस्था व लोक व्यवस्था को स्थापित करना तथा अपराध नियंत्रण व निवारण तथा जनता से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करना है, समाज के समस्त वर्गो में सद्भाव कायम रखने हेतु आवश्यक प्रबन्ध करना, महत्वपूर्ण व्यक्तियों तथा संस्थानों की सुरक्षा करना तथा समस्त व्यक्तियों के जान व माल की सुरक्षा करना है। लोक जमावों और जुलूसों को विनियमित करना तथा अनुमति देना व सार्वजनिक इत्यादि पर व्यवस्था बनायें रखना है।

जनपद पुलिस, पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण एवं निर्देश में कार्य करती है। जनपद में कुल 0121 थानाध्यक्षों के पद सृजित है। अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में सभी क्षेत्राधिकारीगण कार्य करते है।

 

1.1 जनपद में पुलिस का संगठनः-

    जनपद में पुलिस का संगठन निम्न प्रकार से हैः- 

 

अपर पुलिस अधीक्षक क्षेत्राधिकारी क्र0सं0 थाना क्षेत्र
  क्षेत्राधिकारी नगर 1. कोतवाली
  2. मलवाॅं
  3. हुसैनगंज
  4. महिला थाना
  क्षेत्राधिकारी खागा 5. खागा
  6. किशनपुर
  7. खखरेरू
  8. धाता
  9. सुल्तानपुर घोष
  क्षेत्राधिकारी बिन्दकी 10. बिन्दकी
  11. कल्यानपुर
  12. औंग
  13. बकेवर
  14. जहानाबाद
  क्षेत्राधिकारी जाफरगंज 15. जाफरगंज
  16. चाॅंदपुर
  17. ललौली
  18. गाजीपुर
  क्षेत्राधिकारी थरियाॅंव क्षेत्राधिकारी 19. थरियाॅंव
  20. हथगाॅंव
  21. असोथर

 

 

1.2   जनपद में स्थित विभिन्न इकाइयों के कार्यो के पर्यवेक्षण अधिकारीः-

 

 

क्र0सं0 इकाई का नाम पर्यवेक्षण क्षेत्राधिकारी पर्यवेक्षण पुलिस अधिकारी
1. जिला नियंत्रण कक्ष क्षेत्राधिकारी लाइन्स पुलिस अधीक्षक
2. नगर नियंत्रण कक्ष क्षेत्राधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक
3. एल0आई0यू0 शाखा क्षेत्राधिकारी थरियाॅंव पुलिस अधीक्षक
4. फायर सर्विस बिन्दकी क्षेत्राधिकारी बिन्दकी पुलिस अधीक्षक
5. फायर सर्विस शाखा क्षेत्राधिकारी खागा पुलिस अधीक्षक
6. फायर सर्विस नगर क्षेत्राधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक
7. यातायात पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक
8. नारकोटिक शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
9. डी0सी0आर0बी0 शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
10. पुलिस लाइन क्षेत्राधिकारी थरियाॅंव पुलिस अधीक्षक
11. फील्ड यूनिट क्षेत्राधिकारी लाइन्स पुलिस अधीक्षक
12. पत्र व्यवहार शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
13. आंकिक शाखा क्षेत्राधिकारी का्रइम पुलिस अधीक्षक
14. विशेष जाॅंच प्रकोष्ठ क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
15. महिला सहायता प्रकोष्ठ क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
16. न्यायालय प्रकरण सेल सी0जे0एम0 डी0जे0
17. सम्मन सेल क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
18. शिकायत प्रकोष्ठ क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
19. एस0आई0एस0 शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
20. छाप अंगुष्ठ एस0पी0ओ0 पुलिस अधीक्षक
21. मीसिंग चिल्ड्रेन शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
22. एच्छिक ब्यूरो क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक

       पुलिस अधिनियम की धारा 22 के अनुसार प्रत्येक पुलिस अधिकारी कर्तव्यारूढ़ रहेगा और उसे जिले के किसी भाग में नियोजित किया जा सकता है। पुलिस अधिनियम-1961 की धारा 23 के अनुसार प्रत्येक पुलिस अधिकारी का यह कर्तव्य है, कि वह पुलिस विभाग के संचालन हेतु विभिन्न नियमों एवं कानूनों तथा किसी सक्षम अधिकारी द्वारा उसे विधिपूर्वक जारी किये गये सब आदेशों एवं वारण्टों का पालन एवं निष्पादन करें, लोक शान्ति को प्रभावित करने वाले गुप्त वार्ता का संग्रह करें, अपराधों व लोक न्यूसेन्स का निवारण करें। अपराधियों का पता लगायें और न्यायालय के समक्ष लायें।

 

2.         अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियाॅं एवं कर्तव्यः-

 

पुलिस अधिनियम, पुलिस रेगुलेशन, दं0प्र0सं0 अन्य अधिनियमों तथा विभिन्न शासनादेशों के अन्तर्गत पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निम्नलिखित अधिकार एवं कर्तव्य हैः-

2.1 पुलिस अधिनियमः- 

धारा अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियाॅं एवं कर्तव्य
7     आन्तरिक अनुशासन बनाये रखने हेतु राजपत्रित अधिकारियों को किसी समय अधीनस्थ पदों के ऐसे किसी अधिकारी को दण्डित करने की शक्ति होती है, जोकि अपने कर्तव्य के निर्वहन में शिथिल एवं उपेक्षावान पाये जाये।
17     विशेष पुलिस अधिकारी की नियुक्ति के सम्बन्ध में जब यह प्रतीत हो कि कोई विधि विरूद्व जमाव, बलवा या शान्तिभंग हुई हो तो या होने की गम्भीर सम्भावना हो तो विशेष पुलिस अधिकारी नियुक्त करने की शक्ति होती है।
22 पुलिस अधिकारी सदैव कर्तव्यारूढ माने जाते है तथा उन्हें जिले के किसी भी भाग में नियोजित किया जा सकता है।
23      पुलिस अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसे विधिपूर्वक जारी किये गये सब आदेशों का पालन व निष्पादन करें, लोक शान्ति को प्रभावित करने वाले गुप्त वार्ता का संग्रह करें, अपराधों व लोक न्यूसेन्स का निवारण करें, अपराधियों का पता लगाये तथा उन सब व्यक्तियों को गिरफ्तार करें, जिनकों गिरफ्तार करने के लिए वैद्यता प्राधिकृत है तथा जिनको गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त आधार विद्यमान है। इसके लिए उसे बिना वारण्ट किसी शराब की दुकान, जुआ घर या भ्रष्ट या उदण्ड व्यक्तियों के समागम के अन्य स्थान में प्रवेश करना और उसका निरीक्षण करना विधिपूर्ण होगा।
25 लावारिस सम्पत्ति को पुलिस अधिकारी अपने भारसादन में लें तथा इसकी सूचना मजिस्टेªट को दे तथा नियमानुसार उस सम्पत्ति को निस्तारित करेगें।
30 लोक जमाव व जूलूसों को विनियमित करने और उसके लिए अनुमति देने की शक्ति।
30 उपरोक्त अनुमति की शर्तो के उल्लघंन करने पर थानें के भारसादक अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों को जूलूस या किसी जमाव का बिखरने या रोके जाने का आदेश देने की शक्ति है।
31 सार्वजनिक सड़कों एवं मार्गो, आम रास्तों, घाटों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यवस्था बनाये रखने का कर्तव्य।
34. किसी व्यक्ति द्वारा किसी ढोर का वध करने, उसे निर्दयता से मारने या यातना देने, ढोर गाड़ी से यात्रियों को बाधा पहुॅंचाने, मार्ग पर गंदगी व कूड़ा फेंकने, मत वाले, या अन्य उपद्रवी व्यक्तियों व शरीर का अशिष्ट प्रदर्शन करने पर किसी पुलिस अधिकारी के लिए यह विधिपूर्वक होगा, कि वह ऐसे किसी व्यक्ति को बिना वारण्ट के अभिरक्षा में लें ले।
34 उपरोक्त अपराध के शमन करने की शक्ति राजपत्रित अधिकारियों में निहित है।
47 ग्राम चैकीदारों पर प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण का दायित्व।

 

2.2  पुलिस रेगुलेशुनः-

प्रस्तर कर्तव्य
12 से 16 पुलिस अधीक्षक, जिले के पुलिस बल के प्रधान होते हैं, वे अधीनस्थ पुलिस बल की दक्षता, अनुशासन एवं कर्तव्यों के पालन के लिए दायित्वहीन होते है। मजिस्टेªट और पुलिस बल के मध्य सभी समव्यवहार पुलिस अधीक्षक के माध्यम से ही किये जाते है।
पुलिस अधीक्षक     पुलिस अधीक्षक यदि मुख्यालय पर उपस्थित हो तो जनता की समस्या सुनने के लिए कार्यालय में बैठेगें। उन्हें स्वतन्त्रतापूर्वक वैचारिक संसूचना के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सूचना के जितने साधन होतें है, तद्नुरूप उनकी दक्षता होगी। पुलिस पेंशनर्स के सम्पर्क होना चाहिए और उन्हें विर्निदिष्ट रीति से जिले में थानों एवं पुलिस लाइन का निरीक्षण करना चाहिए। आबकारी विषयों पर आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह में पुलिस अधीक्षक की व्यक्तिगत मौजूदगी एवं पर्यवेक्षण आवश्यक है।
17     अपर पुलिस अधीक्षक एवं उपाधीक्षक    पडोसी जनपदों के पुलिस अधीक्षकों से यथा सम्भव वर्ष में 01 बार भेंट आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक द्वारा शासकीय आदेश की पुस्तिका में जिले का प्रभार सौंपे जाने वाले राजपत्रित अधिकारी द्वारा गोपनीय ज्ञापन तैयार किये जाने सम्बन्धित अन्तर्विष्ट अनुदेशों का अनुसरण किया जाना चाहिए।
18 से 23 प्रतिसार निरीक्षक अपर पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक के द्वारा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर किसी भी उस कार्य को किया जाता है, जो व्यक्तिगत रूप से विधि व नियमों द्वारा पुलिस अधीक्षक के लिए बाध्यकारी न हो।
24 रिजर्व सब इंस्पेक्टर प्रतिसार निरीक्षक के रिजर्व पुलिस लाइन के भारसाधक अधिकारी होते है, जोकि  जवानों की साज-सज्जा, अनुशासन एवं प्रशिक्षण के उत्तरदायी होगें, आयुध एवं बारूद की सुरक्षित अभिरक्षा के लिए उत्तरदायी होते हैं।
40 से 43 सर्किल इंस्पेक्टर रिजर्व सब इंस्पेक्टर प्रतिसार निरीक्षक की सहायता हेतु नियुक्त होते है जो गार्द स्कोर्ट को निर्देशित करने यातायात नियंत्रण तथा कानून एवं व्यवस्था के सम्बन्ध में प्रतिसार निरीक्षक द्वारा आदेशित प्रत्येक आवश्यक कार्य करेगे। 
43 से 50 थानाध्यक्ष सर्किल इंस्पेक्टर के कर्तव्यों के सम्बन्ध में उल्लेख है, जिसमें उसका प्रमंुख कर्तव्य जांच पडताल की देखभाल और अपराध का निवारण करना, पुलिस क्षेत्र मे निवारण और अनुवेक्षण कार्यो में सामजंस्य रखना थानों का निरीक्षण करना सभी महत्वपूर्ण विषयों घटनास्थलों का निरिक्षण व अनवेषण में मार्गदर्शन करना स्वंय अनवेषण में मार्गदर्शन करना, स्वयं अनवेषण करना, क्षेत्र की मासिक रिपोर्ट तैयार करना, पुलिस अधीक्षक को प्रत्येक घटना की सूचना देना, लाइसेन्सी दुकानों का निरीक्षण करना, अधीनस्थ पुलिस के आचरण की निगरानी करना, अपराधों का दमन और सामंजस्य बनाये रखने के उत्तरदायित्व से निरन्तर आबद्व रहना। वर्तमान में सर्किल इस्पेक्टर का पद विभाग में नहीं है, इन कार्यो का निर्वहन क्षेत्राधिकारी के द्वारा यथानिर्देशित रूप में किया जाता है।  
51 थानाध्यक्ष अपने प्रभार की सीमा के अन्तर्गत पुलिस प्रशासन का संचालन करता है तथा बल की सभी शाखाओं पर प्राधिकार रखता है, वह सभी रजिस्टरों, अभिलेखों, विवरणियों और रिपोर्टो की शुद्वता के लिए अधीनस्थों के प्रति दायित्वाधीन होगा तथा क्षेत्र के सभी सभ्रान्त व्यक्तियों से सुपरिचित एवं उनके प्रति मैत्रीपूर्ण सहयोग सुनिश्चित करना चाहेगे, उसे थाने की परिधि के अन्दर बुरे व्यक्तियों की निगरानी समुचित तरीके से करते रहना चाहिए, थाने पर किसी भी अधिकारी के उपस्थित न होने पर सीनियर कां0 थाने का भार साधक अधिकारी होगा, किन्तु तफ्तीश नहीं करेगा।
55 थाने के द्वितीय अफसर का कर्तव्य प्रातः कालीन परेड कराना, भार साधक अधिकारी द्वारा सौपें गये समस्त निर्देशों को अधीनस्थों को बताना, अन्वेषण करना होता है।
61 से 64 बीट आरक्षी हेड मुहर्रिर के कर्तव्य:-
65 से 69 सशस्त्र पुलिस 1. रो0आम0 और अपराधों की प्रथम सूचना लिखना।
79 से 83 घुडसवार 2. हिन्दी रोकण बही (पुलिस फार्म नं0 224)

 

2.3 दण्ड प्रक्रिया संहिताः-

जा0फौ0 की धारा अधिकारियों/कर्मचारियों के कर्तव्य
36 पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिस थाने क्षेत्र में नियुक्त है, उसमे ंसर्वत्र उन शक्तियों का प्रयोग कर सकते है, जिनका प्रयोग अपने थाने की सीमाओं के अन्दर थाने के भारसाथक अधिकारी द्वारा किया जाता है।
41 बिना वारण्ट के गिरफ्तारी निम्नलिखित दशाओं में करने की शक्तियाॅंः-
42 1. संज्ञेय अपराध दशा में
47 2. कब्जे से गृह भेदन का उपकरण
48 3. उद्घोषित अपराधी
49 4. चुराई गयी सम्पत्ति की सम्भावना
50 5. पुलिस अधिकारी के कर्तव्य पालन में बाधा
51 6. सशस्त्र बलों का भगोड़ा
52 7. भारत के बाहर, भारत में दण्डनीय किया गया अपराध
53 8. छोड़े गये सिद्वदोष बन्दी द्वारा नियम उल्लघंन पर
54 9. वांछित अपराधी
56 नाम और निवास बताने से इंकार करने पर गिरफ्तारी
57 उस स्थान की तलाशी जिसमें ऐसा कोई व्यक्ति प्रविष्ट हुआ है जिसकी गिरफ्तारी की जानी है।
58 गिरफ्तार करने के लिए प्राधिकृत पुलिस अधिकारी को उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने की शक्ति
60 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को उतने से अधिक अवरूद्व नहीं किया जायेगा, जितना कि उसके निकल भागने से रोकने के लिए आवश्यक है। 
100 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधारों एवं जमानत के अधिकार की सूचना दिया जाना चाहिए।
102 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति की तलाशी
129 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति से अक्रामक आयुधों को अधिग्रहण करने की शक्ति
130 पुलिस अधिकारी के आवेदन पर रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा अभियुक्त का चिकित्सीय परीक्षण किया जाना।
131 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के आवेदन पत्र पर रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा अभियुक्ता का चिकित्सीय परीक्षण किया जाना।
132 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को अनावश्यक विलम्ब के बिना अधिकारिता मजिस्टेªट के समक्ष प्रस्तुत करना।
149 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को 24 घण्टें से अधिक पुलिस अभिरक्षा में निरूद्व न रखना।
150 गिरफ्तार बिना वारण्ट गिरफ्तारियों की सूचना कार्यकारी मजिस्टेªट को देना।
151 अभिरक्षा से भागे अभियुक्तों को सम्पूर्ण भारत में कहीं भी गिरफ्तारी की शक्ति
152 बन्द स्थान के भारसाधक व्यक्ति, उस अधिकारी को जो वारण्ट का निष्पादन कर रहा है, तलाशी लेने देगें।                                                               
153 ऐसी वस्तु को अभिग्रहित करने की शक्ति, जिनके सम्बन्ध में चोरी होने का संदेह हो
154 उस निरीक्षक व उससे उच्च समस्त अधिकारियों को पुलिस बल के प्रयोग द्वारा जमाव को तितर-बितर करने की शक्ति।
155 ऐसे जमाव को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बल का प्रयोग
156 जमाव को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बल के राजपत्रित अधिकारियों की शक्ति ।
160 धारा 129, 130. 131. के अधीन सद्भावनापूर्वक किये गये कार्यो के संदर्भ में अभियोजन से संरक्षण
161 प्रत्येक पुलिस अधिकारी किसी संज्ञेय अपराध के किये जाने का निवारण करेगा।
165 संज्ञेय अपराधों के किये जाने की परिकल्पना की सूचना
166 उक्त के संदर्भ में बिना वारण्ट गिरफ्तारी का अधिकार
167 लोक सम्पत्ति की क्षति रोकने का अधिकार
169 खोटे बाट मापों का निरीक्षण/अधिग्रहण
170 संज्ञेय अपराध की सूचना प्राप्त होने पर थाने के भारसाधक अधिकारी के निर्देशानुसार लेखबद्व की जायेगी। सूचना को अभिलिखित करने से इंकार करने पर किसी व्यक्ति द्वारा सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक को ऐसी सूचना डाक द्वारा दी जा सकती है।
172 असंज्ञेय मामलांे में थाने के भारसाधक अधिकारी को ऐसी सूचना का सार सम्बन्धित पुस्तिका में प्रविष्ट करायेगा और सूचना देने वाले को मजिस्टेªट के पास जाने के लिए निर्दिष्ट करेगा।
175 संज्ञेय मामलों में अनवेषण करने की पुलिस अधिकारी शक्ति
176 अन्वेषण के अन्तर्गत साक्षियों का परीक्षण किये जाने की शक्ति

 

2.4 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मानव अधिकार संरक्षण सम्बन्धी निर्देशः-

 

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डी0के0 बसु बनाम प0बंगाल राज्य के वाद के निर्णय में गिरफ्तारी या निरूद्वीकरण के प्रकरणों में पुलिस जनों को निम्नलिखित दायित्व अवर्धारित किये गये हैः-

1.     गिरफ्तारी के समय गिरफ्तारकर्ता पुलिस अधिकारी को अपने पद सहित नाम पट्टिका धारण की जानी चाहिए, गिरफ्तारी का सम्पूर्ण विवरण एक रजिस्टर में अंकित किया जाये।

2.     गिरफ्तारी की फर्द मौके पर ही तैयार की जायेगी, जो क्षेत्र के सभ्रान्त व्यक्ति अथवा गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य द्वारा सत्यापित होगी। गिरफ्तार के व्यक्ति के प्रति पर हस्ताक्षर होगें व एक प्रति उसे निःशुल्क दी जायेगी।

3.     पुलिस अभिरक्षा में उसे अपने रिश्तेदार या मित्र से मिलने दिया जायेगा तथा उसकी गिरफ्तारी की सूचना उसके निकट सम्बन्धी को दी जायेगी।

4.     गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के रिश्तेदार को निरूद्व रखने के स्थान के बारे में बताया जायेगा।

5.     गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को अवगत कराया जायेगा कि उसे अपनी गिरफ्तारी के सम्बन्ध में सूचित करने का अधिकार है।

6.     गिरफ्तारी की सूचना थाने के गिरफ्तारी रजिस्टर में अंकित किया जायेगा।     

7.     गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के अनुरोध पर उसका चिकित्सीय परीक्षण करायेगा।

8.     गिरफ्तार किये गये व्यक्ति की पुलिस अभिरक्षा में 48 घण्टें पर प्रशिक्षित डाक्टर से चिकित्सीय परीक्षण कराया जायेगा।

9      गिरफ्तारी के सभी अभिलेखों की प्रतियाॅं क्षेत्रीय दण्डाधिकारी के पास भेजी जायेगी।

10.    जाॅंच काल में गिरफ्तार व्यक्ति को अपने अधिवक्ता से मिलने की अनुमति दी जा सकती है।

11.    गिरफ्तारी की सूचना जनपद के नियंत्रण कक्ष में नोटिस बोर्ड पर भी अंकित की जायेगी।

2.5 अपर पुलिस अधीक्षक के कर्तव्य एवं दायित्वः-   

 

पुलिस महानिदेशक, 0प्र0 के परिपत्र संख्याः 35/2005 दिनांक 09.07.2005 के द्वारा जनपद नियुक्त के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक की शक्ति एवं दायित्वों का निर्धारण किया गया है।

2.5(1) कर्तव्यः-

2.5(1)1 संगठित अपराधियों के विरूद्व कार्यवाही सम्बन्धीः-

 

1.     संगठित अपराधियों तथा भाडे पर हत्या, फिरौती हेतु अपहरण, रोड-होल्डअप, बैंक डकैती, आटोलिफ्टर, मादक पदार्थो की तस्करी करने वाले, हवाला व्यापार करने वाले, नक्सलवादी गैंग एवं राष्ट्र विरोधी तत्व, माफिया आदि को चिन्हित कर गैंगवार सूची तैयार करना एवं तद्सम्बन्धी समस्त सूचनाएं संकलित कर उन्हें पंजीकृत कराने हेतु अग्रेतर कार्यवाही करना।

2.     पंजीकृत अपराधियों का डोजियर तैयार करना।

3.     संगठित अपराधियों के विरूद्व कार्ययोजना तैयार करके, जनपदीय पुलिस अधीक्षक के अनुमोदन से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना।

4.     संगठित अपराधियों की गिरफ्तारी होने पर विस्तृत पूंछतांछ आख्या तैयार करना।

2.5(1)2 सक्रिय एवं वांछित अपराधी सम्बन्धीः- 

1.     सक्रिय एवं वांछित अपराधियों की सूची तैयार करना, हिस्ट्रीशीट खोलवाना, गिरफ्तारी हेतु कार्ययोजना बनाकर दबिश दिलवाना।

2.     फरार अपराधियों के विरूद्व पुरस्कार घोषित करवाना।

2.5(1)3 आपराधिक अभिसूचना का एकत्रीकरणः- 

 

1.     पेशेवर अपराधियों की अभिसूचना एकत्रीकरण हेतु श्रोत बनाना।

2.     जेल में बन्द पेशेवर अपराधियों की जानकारी करना।

3.     जेल से छूटने वाले पेशेवर अपराधियो की निगरानी।

4.     अन्य माध्यमों से अपराधिक सूचना एकत्रीकरण।

2.5(1)4 विशेष अपराधों के सम्बन्ध मेंः-

 

1.     समस्त विशेष अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण।

2.     क्षेत्राधिकारी द्वारा की जा रही विवेचनाओं का पर्यवेक्षण।

3.     क्षेत्राधिकारी द्वारा की जा रही विवेचना वाले एस0आर0 केस, राजनीतिक हत्या, दो या दो से व्यक्तियों की हत्या, बलात्कार के साथ हत्या, ऐसी हत्या जो सामान्य कानून को प्रभावित करती जो, डकैती, फिरौती हेतु अपहरण, हत्या सहित लूट, सनसनीखेज लूट, पुलिस अभिरक्षा से पलायन, पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु, गैगेस्टर के केसों को छोड़कर शेष समस्त एस0आर0 केस की क्रमागत आख्या का अनुमोदन (प्रथम व अन्तिम को छोड़कर) अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जायेगा। 

4.     क्षेत्र के थाना प्रभारियों एवं क्षेत्राधिकारियों के मध्य समन्वयन स्थापित करना।

5.     फिक्स पिकेट एवं गश्त की योजना बनाकर प्रभावी व्यवस्था करना।

6.     क्षेत्र के समस्त थानों का प्रत्येक माह अर्दलीरूम करना।

2.5(1)5 अभियोजनः-

       न्यायालय में लम्बित वादों की प्रभावी पैरवी, पैरोकार/कोर्ट मोहर्रिर की मासिक तथा सेशन ट्रायल अभियोगों में विमुक्त आख्या का विश्लेषण करना।

2.5(2) अपर पुलिस अधीक्षक के अधिकारः-

2.5(2)1 स्थानान्तरण सम्बन्धीः-

      पुलिस महानिदेशक, 0प्र0 के अशा0 पत्रांकः एक-252-84 दिनांक 08.01.1985 के प्रस्तर 05 के बिन्दु संख्या 04 में निहित निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही स्थानान्तरण के सम्बन्ध में की जायेगी।

2.5(2)2 वार्षिक मन्तव्य सम्बन्धीः-

      शासनादेश संख्याः 1460/छः-पु-99-51 डी0टी0 के अनुसार वार्षिक मन्तव्य का अंकन करना।

2.5(2)3 दण्ड सम्बन्धीः-

 

अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रचलित नियमावली के अनुरूप अपने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के विरूद्व जाॅंच करायी जा सकती है, परन्तु जाॅंच आख्याओं पर दण्ड, पत्रावली खोलवाने का अधिकार जनपदीय पुलिस अधीक्षक का ही होगा।

2.6 संसद व विधान मण्डल द्वारा समय पर पारित अन्य विधि अधिनियमों और शासनादेशों द्वारा प्रदत्त शक्तियाॅं या उनसे अपेक्षित कर्तव्यः-

 

       संसद व विधान मण्डल द्वारा समय-समय पर पारित अन्य अधिनियमों व शासन एवं उच्चाधिकारी स्तर से समय-समय पर निर्गत आदेशों व निर्देशों द्वारा भी पुलिस बल को दिशा निर्देश प्राप्त होते रहते है, जिनके आधार पर पुलिस बल से अपेक्षित कार्यो का संपादन किया जाता है।

 

3.    निर्णय लेने की प्रक्रिया की कार्यविधि के पर्यवेक्षण व उत्तरदायित्व के स्तरः- 

3.1    अनुसंधान/विवेचनाः-   

क्र0सं0 कार्यवाही कार्यस्तर अवधि
1. प्रा0सू0रि0 का पंजीकरण 154 जा0फौ0 के अनुसार संज्ञेय अपराध प्राप्त होने पर थाने के भारसाधक अधिकारी द्वारा निर्देशानुसार लेखबद्व की जायेगी। सूचना की प्रतिलिपि सूचनादाता को निःशुल्क दी जायेगी। भारसाधक अधिकारी द्वारा सूचना को अभिलिखित करने से इंकार करने पर किसी व्यक्ति द्वारा सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक को ऐसी सूचना डाक द्वारा दी जा सकती है। अविलम्ब
2. साक्षियों का परीक्षण 161 जा0फौ0 के अनुसार यथाशीघ्र
3. अन्वेषण द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण जा0फौ0 के अनुसार यथाशीघ्र
4. पर्यवेक्षण अधिकारी द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण विशेष अपराधियों की स्थिति में सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी व अन्य पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा घटनास्थलों का निरीक्षण किया जाता है। यथाशीघ्र
5. साक्ष्य संकलन जा0फौ0 के अनुसार कार्यवाही यथशीघ्र
6. नक्शा नजरी तैयार करना जा0फौ0 के अनुसार निरीक्षण के समय
7. अभियुक्तों की गिरफ्तारी जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
8. संस्वीकृति का लिखा जाना जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
9. पुलिस/न्यायिक अभिरक्षा का रिमाण्ड प्राप्त करना जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
10. तलाशी जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
11. निरूद्व जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
12. अभियोग दैनिकी का तैयार किया जाना जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
13. आरोप पत्र का दाखिला जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त

 

 3.2  नियन्त्रण कक्षः-

 

       जनपद फतेहपुर का जनपद नियंत्रण कक्ष, कमाण्ड और कन्ट्रोल संघटक के रूप में जनपद के तंत्रिका तन्त्र की तरह कार्य करता है। जो कानून-व्यवस्था, अपराध, यातायात समस्या व अन्य संगत समस्याओं की सूचना प्राप्त करता है तथा स्थानीय पुलिस को उस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश देता है। बाढ़ व अन्य दैवीय आपदाओं के सम्बन्ध में तत्परता से कार्य करता है। जनपद में वर्तमान में जनपद नियंत्रण कक्ष एवं नगर नियंत्रण कक्ष स्थापित है। 

क्र0सं0 नियंत्रण कक्ष टेलीफोन नम्बर कार्य
1. जनपद नियंत्रण कक्ष 100 जनपद के सम्बन्ध में सूचनाओं को प्राप्त कर तद्नुसार कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को तत्काल अवगत कराया जाता है, थानों के अतिरिक्त दो फायर सर्विस स्टेशन खागा एवं बिन्दकी है, जिनसे सम्बन्धित सूचना प्राप्त होने पर तत्काल अवगत कराया जाता है।
2. नगर नियंत्रण कक्ष   जनपद के थाना कोतवाली नगर, मलवाॅं, हुसैनगंज एवं फायर सर्विस स्टेशन नगर से सम्बन्धित सूचनाओं को प्राप्त कर तद्नुसार कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को तत्काल अवगत कराया जाता है।

 

     इस नियंत्रण कक्षों पर 24 घण्टे कन्ट्रोल रूम आपरेटर की नियुक्ति रहती है, जिनके द्वारा प्राप्त एवं दी गयी सूचना को तत्काल लाग बुक में अंकित कर सम्बन्धित को कार्यवाही हेतु सूचित किया जाता है, वर्षाकाल में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की भी स्थापना आवश्यकतानुसार की जाती है।

1.3 शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रियाः-

1.3(1) थानों पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रियाः-   

क्र0सं0 कार्य किसके द्वारा कार्यवाही होगी कार्यवाही की समयावधि
1. थाने पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर उसकी प्राप्ति स्वीकार करना थानाध्यक्ष/दिवसाधिकारी/उपस्थित तत्काल
2. प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने वाले का नाम आगन्तुक रजिस्टर में अंकित करना। दिवसाधिकारी/उपस्थित कान्स0 क्लर्क अविलम्ब
3. प्रार्थना पत्र को जन शिकायत रजिस्टर में अंकित करना उपस्थित कान्स0 क्लर्क द्वारा अविलम्ब
4. जाॅंच अधिकारी नियुक्त करना व जाॅंच हेतु सौंपना थाना प्रभारी द्वारा एक दिवस
5. जाॅंच अधिकारी मौके पर जाकर जाॅंच करना व आवश्यक कार्यवाही करके रिपोर्ट देना जाॅंच अधिकारी द्वारा 05 दिवस
6. थानाध्यक्ष द्वारा जाॅंच की समीक्षा करना थानाध्यक्ष द्वारा एक दिवस
7. जाॅंच रिपोर्ट पर अग्रेतर कार्यवाही यदि आवश्यक हो तो कराना थानाध्यक्ष द्वारा अविलम्ब
8. जाॅंच रिपोर्ट का रख-रखाव सम्बन्धित कान्स0 क्लर्क द्वारा एक वर्ष

 

 

3.3(2) पुलिस अधीक्षक को डाक से प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रियाः-

क्र0 सं0 कार्य किसके द्वारा कार्यवाही होगी कार्यवाही की समयावधि
1. पुलिस अधीक्षक कार्यालय की प्रधान लिपिक शाखा में उसकी प्रति स्वीकार करना सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब
2. पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं या इस कार्य हेतु निमित्त राजपत्रित अधिकारी द्वारा लिफाफे को खोला जाना निमित्त राजपत्रित अधिकारी (क्षेत्राधिकारी मुख्यालय)द्वारा एक दिवस
3. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी की जाॅंच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित करना। निमित्त राजपत्रित अधिकारी द्वारा एक दिवस
4. प्रार्थना पत्र को डाक बही में अंकित करना सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब
5. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन कर या तो स्वयं जाॅंच हेतु रखना या सम्बन्धित थानाध्यक्ष को जाॅंच हेतु भेजना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा 02 दिवस
6. क्षेत्राधिकारी कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा आर्डर बुक करना क्षेत्राधिकारी कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा 02 दिवस
7. सम्बन्धित थानाध्यक्ष द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन कर या तो स्वयं जाॅंच करना, सम्बन्धित उ0नि0/बीट आरक्षी को जाॅंच हेतु भेजना थानाध्यक्ष द्वारा 02 दिवस
8. जाॅंच अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जांच करना व आवश्यक कार्यवाही करके रिपोर्ट देना जाॅंच अधिकारी द्वारा 08 दिवस
9. थानाध्यक्ष जाॅंच रिपोर्ट की समीक्षा करके सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी को प्रेषित करना थानाध्यक्ष द्वारा अविलम्ब
10. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा जाॅंच सही पाये जाने पर जाॅंच रिपोर्ट दाखिल दफ्तर किया जाना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा अविलम्ब
11. जाॅंच रिपोर्ट का रख-रखाव क्षेत्राधिकारी कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा 02 वर्ष

 

 

3.3(3) पुलिस अधीक्षक को शासन, आयोगों व अन्य उच्च अधिकारियों के स्तर से प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रियाः-

क्र0 सं0 कार्य किसके द्वारा कार्यवाही होगी कार्यवाही की समयावधि
1. पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन करके सम्बन्धित अ0पु0अ0/क्षेत्राधिकारी या थानाध्यक्ष को जाॅंच हेतु आदेशिका करना पुलिस अधीक्षक द्वारा एक दिवस
2. प्रार्थना पत्र को डाक बही रजिस्टर में अंकित करना व सम्बन्धित को जाॅंच हेतु प्रेषित करना सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब
3. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी/थानाध्यक्ष द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन कर स्वयं जाॅंच करके आवश्यक कार्यवाही करना व रिपोर्ट देना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी/ थानाध्यक्ष द्वारा 07 दिवस
4. क्षेत्राधिकारी/थानाध्यक्ष कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा आर्डर बुक करना क्षेत्राधिकारी/थानाध्यक्ष कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा अविलम्ब
5. पुलिस अधीक्षक द्वारा जाॅंच रिपोर्ट का परिशीलन करके सही पाये जाने पर सम्बन्धित को रिपोर्ट प्रेषित करना पुलिस अधीक्षक द्वारा 02 दिवस
6. जाॅंच रिपोर्ट का रख-रखाव पुलिस अधीक्षक के गोपनीय कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा 02 वर्ष

 

3.3(4) थाना पंचायत दिवस में थाना स्तर पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रियाः-

 

(0प्र0 शासन के पत्र संख्याः 2021पी/छः-पु-3/2005 दिनांक 21.06.2005 गृह (पुलिस) अनुभाग-3 के अनुसार थाना पंचायत दिवस में प्राप्त जन समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया)

जन समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निस्तारण किया जाना शासन की सर्वोच्य प्राथमिकता है। शासन द्वारा यह अनुभव किया जा रहा है, कि अधिकारियों से मिलने के समय केवल पीड़ित पक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करता है परन्तु उसकी समस्या का समाधान तब तक सम्भव नहीं हो सकता है, जब तक कि दोनों पक्षों को एक साथ बुलाकर उनका पक्ष जानकर साम, दण्ड, भेद की नीति के पंचायती तरीके से सुलझाने का प्रयास न किया जाये। इसके लिए थाना सर्वाधिक उपयुक्त स्थल हो सकता है, क्योंकि अधिकांश समस्यायें भूमिवाद, सर्कस व्यक्तियों द्वारा उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा तथा जोर जबरदस्ती से सम्बन्धित होती है।

1.     थाना स्तर पर उभय पक्ष तथा राजस्व एवं पुलिस विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति में पक्षकारों की एक साथ सुनवायी कर पंचायती तरीके से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निदान सम्भव हो सकता है।

2.     थाना स्तर पर जन सामान्य के प्रति संवेदनशीलता का अभाव होने और लोगों के मन में थाना जाने के प्रति भय की भावना विद्वमान होने के कारण यह आवश्यक है कि इस प्रकार की कार्यवाही के दिन प्रत्येक थानें पर एक राजपत्रित अधिकारी भी उपस्थित रहें। इस अवसर पर थानाध्यक्ष व पुलिस के विरूद्व यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उक्त अधिकारी उसका संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक/जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट भेज सकते है, इससे लोगों का थाने पर जाने में संकोच हटेगा तथा इनमें थाना जाने के प्रति व्याप्त भय की भावना भी समाप्त होगी और थानें में प्रभुत्व एवं अधिकारिता के माहौल में पंचायती ढंग से समस्याओं को निपटाने का प्रयास अपेक्षाकृत अधिक परिणाम दायक हो सकता है।

3.     इस उद्देश्यों की पूर्ति हेतु थाना पंचायत दिवस का आयोजन कराये जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है, इस सम्बन्ध में निम्नवत् कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

;ंद्ध     प्रत्येक शनिवार को थाना पंचायत दिवस का आयोजन प्रातः 1000 बजे से किया जाये और उस दिन समस्त राजस्व एवं पुलिस कर्मी थाने पर उपस्थित रहेंगें।

;इद्ध     थाना पंचायत दिवस के अवसर पर उपस्थित होकर नेतृत्व प्रदान करने हेतु राजस्व एवं पुलिस विभाग के समस्त राजपत्रित अधिकारियों का एक रोस्टर बनाया जाये, जो प्रत्येक त्रैमास बदला जाया करेगा।

;बद्ध      थाना पंचायत दिवस के अवसर पर प्राप्त शिकायतों में उभय पक्ष की उपस्थिति सुनिश्चित कराकर राजस्व एवं पुलिस विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति में उनका पक्ष जानकर आपसी सहमति से समस्या का निराकरण किया जायेगा। ऐसे निस्तारित प्रत्येक मामलें का इन्द्रराज जी0डी0 में किया जायेगा, ताकि भविष्य में इसी सम्बन्ध में पुनः शिकायत का अवसर उत्पन्न होने पर उक्त इन्द्रराज के आधार पर वैधानिक कार्यवाही करना सम्भव हो सके।

;कद्ध     जिन मामलों में मौका मुयाना की आवश्यकता हो उसमें 1200 बजे के बाद पुलिस व राजस्व कर्मियों की टीमें गठित कर मौके पर भेजी जायेगी। महत्वपूर्ण प्रकरणों में थानाध्यक्ष, तहसीलदार, उपजिला मजिस्टेªट तथा क्षेत्राधिकारी की टीमें मौके पर जायेगी और मौका निरीक्षण कर उभय पक्ष की आपसी सहमति से समस्या का निराकरण करेगें।

;मद्ध      थाना पंचायत दिवस में प्रधानों की भी उपस्थिति करायी गयी है, इससे समस्याओं के निराकरण में सुविधा रहेंगी।

;द्धि      थाना पंचायत दिवस का पूरा लाभ जनसामान्य को मिल सके, इसके लिए सभी सम्भव उपायों द्वारा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये।

;हद्ध     इस सम्बन्ध में प्रगति समीक्षा में जिलाधिकारी एवं मण्डलायुक्त के स्तर पर की जायेगी। उनके द्वारा शासन को भी प्रतिमाह अवगत कराया जायेगा।

3.3(5) फायर सर्विस इकाई द्वारा किये जाने वाले निरीक्षणों की प्रक्रियाः- 

क्र0सं0 प्रतिष्ठान पत्र/आदेश प्राप्ति का स्थान निरीक्षण (द्वारा) समयावधि
1. पेट्रोल/डीजल पम्प जिलाधिकारी कार्यालय से अग्निशमन अधिकारी 15 दिवस
2. पेट्रोल/डीजल (फुटकर डीजल/पेट्रोल) जिलाधिकारी, जिलापूर्ति कार्यालय से प्रभारी अग्निशमन अधिकारी उपरोक्त
3. गैस एजेन्सी उपरोक्त उपरोक्त उपरोक्त
4. विस्फोटक जिलाधिकारी कार्यालय से उपरोक्त उपरोक्त
5. सिनेमा हाल जिलाधिकारी/मनोरंजन अधिकारी कार्यालय से उपरोक्त उपरोक्त
6. होटल/लाॅंज/रेस्टोरेन्ट जिलाधिकारी/पर्यटन अधिकारी कार्यालय उपरोक्त उपरोक्त
7. व्यवसायिक भवन कार्यालय विकास प्राधिकरण/आवास विकास निगम उपरोक्त उपरोक्त
8. फैक्ट्री कार्यालय जिला उद्योग  केन्द्र उपरोक्त उपरोक्त

 

3.3(6) जनपद फतेहपुर में यातायात नियमः-

3.3(6)1  जनपद फतेहपुर में वाहनों के प्रवेश एवं संचालन के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक का आदेशः-

 

(1)     भारी व्यवायिक वाहनः-

1.      प्रातः 0800 बजे से 2000 बजे तक यह प्रतिबन्ध लागू होगें।

2.       भारी वाहनों का प्रवेश आवश्यक दशाओं के अतिरिक्त प्रतिबन्धित होगा।

3.       कानपुर से इलाहाबाद जाने वाले वाहन आवश्यक दशा में सीघे नेशनल हाईवे से जायेगें।

4.       बांदा से कानपुर या इलाहाबाद जाने वाले वाहन जोनिहा चैराहा, फतेहपुर ओवर ब्रिज से होते हुए नेशनल हाईवे से कानपुर या इलाहाबाद को जायेगें।

5.       फतेहपुर से लखनऊ से जाने वाले वाहन बाकरगंज होते हुए हुसैनगंज बाईपास से रायबरेली, लखनऊ के लिए जायेगें।

6.       नगर क्षेत्र में चैक चैराहा से बाकरगंज चैकी व कचेहरी रोड, वर्मा चैराहा, स्टेशन रोड व कोतवाली रोड, ज्वालागंज बस स्टाप व जोनिहा चैराहा, राधानगर चैराहा और शहर के अन्दर कोई भी भारी वाहन माल का चढान एवं उतरान नहीं करेगा, पकड़े जाने पर उसके मालिक के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

7.       समस्त ट्रान्सपोर्टर सड़को पर वाहन खडे करके सुधार, साफ सफाई, रखरखाव नहीं करायेगें।

8.       समस्त मोटर गैरेज मालिक वाहनों का सुधार व रखरखाव अपने गैरेज सीमा में ही करेगें।

9.       खाली खडे व्यवसायिक वाहन, ज्वालागंज बस स्टाप, जोनिहा चैराहा, बिन्दकी बस स्टाप में खडे नहीं करेगें, बल्कि प्रतिक्षारत् वाहनों को ट्रान्सपोर्टर/वाहन मालिक अपने सुरक्षित स्थान पर खड़ा करेगें। वर्जित स्थानों पर वाहन खड़ा पाये जाने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

(2)     यात्री वाहनः- 

1.       फतेहपुर ज्वालागंज बस स्टाप से नगर में प्रवेश करने वाले सभी वाहन बाकरगंज से होते हुए आबूनगर से नउवाबाग बाईपास में जाकर हाइवे रोड में मिलेगें और अपने जाने वाले स्थान कानपुर, बांदा के लिए जायेगी।

2.़       ज्वालागंज बस स्टाप से बाकरगंज होते हुए उत्तरी बाईपास हुसैनगंज तिराहा होते हुए लालगंज, रायबरेली लखनऊ को वाहन जायेगें।

3.       ज्वालागंज बस स्टाप से चलकर फतेहपुर पूर्वी बाईपास होते हुए हाइवे रोड में मिलेगें तथा थरियाॅंव, खागा, इलाहाबाद को जायेगें।

4.       कस्बा बिन्दकी बस स्टाप से कानपुर रोड व बांदा सागर रोड व जहानाबाद होते हुए घाटमपुर, हमीरपुर को जायेगें।

5.       फतेहपुर से राधानगर होते हुए शाह, बहुआ, ललौली, चिल्ला, बांदा को सरकारी बसंे चलती है।

3.      प्राइवेट बसेंः- 

 

1.      फतेहपुर देवीगंज बस स्टाफ से राधानगर होते हुए कस्बा गाजीपुर से बहुआ से मुत्तौर-दतौली होते हुए जमुना ब्रिज पार कर बांदा को जाती है।

2.      फतेहपुर देवीगंज से राधानगर होते हुए कस्बा गाजीपुर होकर असोथर-विजयीपुर को जाती है।

3.      फतेहपुर जोनिहा चैराहा से सहिली, जोनिहा से होते हुए जहानाबाद को जायेगें।

4.      फतेहपुर पक्का तालाब बस स्टाप से हुसैनगंज, छिवलहा, हथगाॅंव को जाती है।

5.       फतेहपुर ज्वालागंज बस स्टाप से पूर्वी बाईपास होते हुए खागा, नौबस्ता को जाती है।

6.       कस्बा खागा से रेलवे क्रासिंग के पास से खखरेरू, विजयीपुर व धाता के लिए जाती है।

 

(4)      दो पहिया वाहनः-

1.      नगर क्षेत्र में कहीं भी इस तरह नहीं खड़े किये जाये, जिससे यातायात बाधित हो, पकड़े जाने पर व्हील क्लैपसे वाहन सीज किया जायेगा।

2.       जिन व्यवसायिकों व व्यवसायिक के स्वामी/कर्मचारी का वाहन सड़क/पैदल मार्ग पर खड़ा किया जायेगा, वाहन सीज किया जायेगा।

(5)     जीप टैक्सीः-

1.      फतेहपुर ज्वालागंज से टैक्सी/जीप खागा को जाने वाले वाहन किसी भी दशा में शहर के अन्दर प्रवेश नहीं करेगें।

2.       फतेहपुर ज्वालागंज बस स्टाप से टैक्सी/जीप कानपुर को जाने वाली किसी भी दशा में इस तरह खड़ा नहीं करेगें कि मुख्य मार्ग का यातायात किसी भी दशा में अवरूद्व न होने पाये।

(6)     नगर परिवहन तीन पहिया/रिक्शाः- 

1.      नगर पालिका        द्वारा स्वीकृत स्टैण्ड के अलावा नगर क्षेत्र में कहीं भी कोई टैम्पों/तीन पहिया वाहन/रिक्शा नहीं खड़ा होगा, न सवारी भरेगा व उतारेगा।

2.       सभी टैम्पों स्वामी/चालक प्रत्येक समय अपने साथ, अपने सभी अभिलेख पंजीकरण, प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेन्स, परमिट, रोड टैक्स, प्रदूषण युक्त प्रमाण पत्र वाहन की फिटनेस का प्रमाण पत्र मूलरूप में अपने साथ रखेगें।

3.       टैम्पों/तीन पहिया वाहन किसी भी दशा में न सवारी लटकायेगें/ओवर लोड करेगें और न ही किसी तरह से कोई मालभाडा लादेगें, जिससे मार्ग के अन्य यात्रियों को समस्या हो।

4.       तीन पहिया वाहन प्रत्येक दशा में अपने निर्धारित स्टैण्ड पर खडे होने, निर्धारित रूट पर चलेगें, बीच में पड़ने वाले चैराहों आदि पर सवारी की प्रतिक्षा में खड़े नहीं होगें।

(7)     विद्यालय के वाहनः- 

1.       स्कूलों में विद्यार्थियों को लें आने/जानें वाले स्थायी वाहन पीले रंग में पेन्ट होने चाहिए व बड़े-बडे़ अक्षरों में विद्यालय का नाम व फोन नम्बर अंकित होना चाहिए।

2.       विद्यालयों से सम्बद्व अन्य वाहन किसी भी दशा में निर्धारित सवारी संख्या से अधिक विद्यार्थी नहीं बैठायेगें। विद्यार्थियों के बैग/बस्ते या तो वाहन के भीतर रखे जायेगें या छत पर कैरियर बनाकर बैग/बस्ते रखेंगें, किसी भी दशा में वाहन के आगे बैग नहीं लटकायेगें।

3.       जिन विद्यालयों में रिक्शे पर बैंच लगाकर चलने वाले तीन पहिया रिक्शे चल रहे है, उन्हें असुरक्षित पाते हुए प्रतिबन्धित किया जाता है। ट्राली वाले विद्यालयीय रिक्शें ही अनुमान्य होगें।

 

 

परिशिष्ट-12

मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत अपराध का संयोजन/शासन प्रपत्र

 

बुक संख्या..............................................                                 क्रम संख्या.................................

 

श्री/श्रीमती/सुश्री...................................................................पुत्र श्री/पुत्री/पत्नी...................................

निवासी/निवासिनी.........................................................थाना........................................जनपद........................................

वाहन..................................................................वाहन का नम्बर...............................ड्राइविंग लाइसेन्स नम्बर..............................................शमन किये जाने का दिनांक..................................समय........................शमन किये जाने का स्थान....................................................................।

 

       आप द्वारा उक्त दिनांक/समय/स्थान पर मोटर वाहन अधिनियम-1988 के अन्तर्गत निम्नलिखित धारा का उल्लघंन किया गया है, जो दण्डनीय है....................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................

 

       कृपया कारण बताये, कि क्यों न आपके विरूद्व उक्त अपराध के लिए दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। साथ ही साथ यह भी स्पष्ट करें, कि क्या आपको उक्त अपराध स्वीकार/अस्वीकार है। क्या इसके लिए मा0 न्यायालय में प्रतिवाद करेगें/नहीं करेगें।

       मुझे उक्त अपराध स्वीकार है तथा इसके लिए मा0 न्यायालय में प्रतिवाद नहीं करूंगा/करूंगी और उक्त प्रथम बार किये गये अपराध के लिए निर्धारित शमन शुल्क रू0............................शब्दों में(रू0...............................................................................................)स्वेच्छा से देने के लिए तैयार हूूॅं।

 

       शासकीय अधिसूचना संख्याः 618/6-पु-2-2006-200(3)/94/टी0सी0 दिनांक 29.06.2006 के अनुसार महामहिम श्री राज्यपाल, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त अंकों में रूपये.................................................................उक्त अपराधकर्ता से उसकी स्वीकरोक्ति पर नगद वसूल कर संयोजित किया गया है।

 

 

वसूला गया शमन शुल्क-                                          शमन अधिकारी के हस्ताक्षर

 

(1) अंको में...................................................................                 नाम............................................................(2) शब्दों में...................................................................                क्षेत्र का नाम...........................................

हस्ताक्षर आरोपित पक्ष

पूरा पता................................................

................................................................

................................................................

 

अनुसूची 

क्र0 सं0 अपराध धारा/नियम जिसके अधीन अपराध विनिर्दिष्ट शमन धनराशि (रूपये में)
1. अन्य व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेन्स देना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा-6(2) 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 250 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
2. 12 माह से अधिक समय तक अन्य राज्य के पंजीकरण संख्या का उपयोग करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 क साथ पठित धारा 47 करने पर 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
3. माॅंग किये जाने पर ड्राइविंग लाइसेन्स प्रस्तुत करने में विफल रहना। मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 130(1) और धारा 177 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
4. 1-वाहन चलाते समय वाकमैन का उपयोग करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली-1989 के नियम 21 के उपनियम (6)(घ) और (25) 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
5. 2-वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली- 1989 का नियम 201 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
6. बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 119 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
7. ड्राइवर द्वारा यातायात नियमों का उल्लघंन किया जाना (यातायात) लाल/पीला प्रकाश लागातार) और बिना संकेतकों के गली बदलना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 121 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
8. ड्राइवर द्वारा विनिर्दिष्ट यातायात संकेतकों का उपयोग न करना मोटरयान अधिनियम-‘1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 128 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
9. तीन सवारी के साथ दो पहिया वाहन चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 122, 126 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
10. सार्वजनिक स्थान पर खतरनाक ढंग से यान को पार करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177  के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 138(3) 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
11. चार पहिया के यान ड्राइवर तथा आगे की सीट पर बैठने वाले सवारी द्वारा सीट बेल्ट का उपयोग न करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 50 एवं 51 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 300 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
12. 1-बिना नम्बर प्लेट के यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 179(1) 200 रूपये
13. 2-नम्बर प्लेट के विहित प्रारूप में न बना होना। अंको तथा अक्षरों का विहित रूप आकार में न होना। मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 179(2) 350 रूपये
14. विधि के अनुसार निर्देशों का अनुसरण न किया जाना। मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 180 के साथ पठित धारा-6 750 रूपये
15. असत्य सूचना देना अथवा सूचना छिपाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 181 के साथ पठित   धारा 4 350 रूपये
16. मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 3 एवं 4 के विरूद्व किसी अन्य व्यक्ति को अपना वाहन देना और चलाने की अनुमति देना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 161 के साथ पठित  धारा 3 350 रूपये
17. अवयस्क व्यक्ति द्वारा किसी सार्वजनिक स्थान पर वाहन चलाया जाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 183 के साथ पठित  धारा 12 300 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 700 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
18. सार्वजनिक स्थान पर बिना ड्राइविंग लाइसेन्स के यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 184 500 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 1000 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
19. विहित गति सीमा से अधिक गति से यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 186 के साथ पठित केन्द्रीय नियमावली-1989 200 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 350 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
20. मोटरयान खतरनाक रूप से चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 190(2) 1000 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 2000 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
21. मानसिक अथवा शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति द्वारा यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 192 के साथ पठित  धारा 39 1000 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 2000 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर

 

 

 

 

 

 

3.37 स्थानीय अभिसूचना इकाई द्वारा निर्णय लेने की प्रक्रियाः-

3.7.7.1 एफ0आर00(विदेशी पंजीकरण अधिकारी) के सम्बन्ध मेंः-

 

जनपद के प्रभारी पुलिस अधीक्षक, एफ0आर00 होते है, जिनके पास/बंगलादेश व विदेशी नागरिकों के सम्बन्ध में अलग-अलग कर्तव्य हैं।

(अ) विदेशी शाखा/विदेशी नागरिकों के सम्बन्ध मेंः-

 

       पाकिस्तान व बंगलादेश को छोड़कर अन्य देशों के नागरिक विदेशी कहलाते है। विदेशी नागरिकों के मामलें में पुलिस अधीक्षक, विदेशी पंजीकरण अधिकारी की हैसियत से कार्य करते है। जनपद में विदेशी नागरिक 02 प्रकार के बीजा अवधि पर आते है। एक तो 180 दिन के कम के बीजा पर एवं दूसरे 180 दिन के अवधि से अधिक वीजा पर, विदेशी जो आते हैं। उनका पंजीकरण निम्न प्रकार होता है।

(1)    180 दिन से कम का बीजा लेकर जनपद में आये विदेशियों का पंजीकरण नहीं होता है, केवल सूचना विदेशियों द्वारा या जिनके यहाॅं ठहरे है, के द्वारा दी जाती है।

(2)    180 दिन से अधिक के बीजा अवधि पर आये विदेशियों का 14 दिवस के अन्दर पंजीकरण होता है। जिसकी सूचना गृह मंत्रालय, नई दिल्ली व पुलिस अधीक्षक(एफ) वि0शा0अभि0 विभाग उत्तर प्रदेश को प्रेषित की जाती है।

 

       विदेशियों के निवास वृद्वि का अधिकार भी एफ0आर00 में निहित होता है।

(ब)    पाकिस्तानी/बांग्लादेशी नागरिकों के सम्बन्ध मेंः-

 

              पाक/बांग्लादेशी नागरिकों के मामलें में एफ0आर00 सिविल अथारिटी के हैसियत से कार्य करते है। जनपद में आये हुए पाक नागरिकों का पंजीकरण करके ठहरे हुए अवधि में निगरानी कराते हुए समय से पाक रवाना करने की जिम्मेदारी भी सिविल अथाॅंरिटी/एस0पी0 की होती है।

 

              पाक/बी0डी0 नागरिकों की बीजा वृद्वि करने के सम्बन्ध में सभी अधिकार शासन को प्रदत्त है। सिविल अथाॅंरिटी द्वारा संस्तुति सहित अग्रसारित करने पर एस0टी0बी0 पर रह रहे पाक नागरिकों को इक्सटेन्शन शासन स्तर पर प्राप्त होता है। वर्तमान में एस0टी0बी0 पर (180 दिन से 171 आये हुए नागरिकों की बीजा वृद्वि पर शासन द्वारा रोक लगायी गयी है।

       पाक/विदेशी मामलों से सम्बन्धित कार्यवाही एल0आई0यू0 कार्यालय स्थिति पाक/विदेशी शाखा से सम्पादित की जाती है। जिसमे प्रभारी पर एक उ0नि0 की नियुक्ति होती है।

 

3.7.7.2      पासपोर्टः-

     

(अ)   कार्यवाही की चरणः- पासपोर्ट आवेदन करने वाले व्यक्ति अपने पत्रों को निम्न स्थानों पर जमा कर सकते है।

1-    क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी कार्यालय लखनऊ।

2-    कार्यालय जिलाधिकारी, फतेहपुर।

 

       जमा आवेदन पत्रों को सम्बन्धित जनपद के पुलिस प्रमुख को प्रेषित किया जाता है। आवेदन पत्र प्राप्ति के पश्चात सम्बन्धित जनपद के पुलिस अधिकारियों(उ0नि0 व हे0कां0(प्रो0) द्वारा आवेदन पत्रों की एक प्रति जिसमें आवेदन करने वाले व्यक्ति के वैयक्तिक विवरण अंकित होते है, की जाॅंच की जाती है तथा वैयक्तिक विवरण पत्र के दूसरे प्रति को आतंकवादी व अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के विषय में जानकारी करने विषयक अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ को प्रेषित किया जाता है। अभिसूचना मुख्यालय से प्राप्त जाॅंच आख्या तथा जनपद के थानों तथा एल0आई0यू0 से प्राप्त जाॅंच आख्या के आधार पर एक अलग आख्या बनाकर नोडल अधिकारी (जी00) के हस्ताक्षर द्वारा क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ या जिलाधिकारी कार्यालय को प्रेषित किया जाता है।

       पासपोर्ट कार्यालय द्वारा प्राप्त जाॅंच आख्या के आधार पर वरीयता अनुसार पासपोर्ट जारी किये जाते है, जो डाकखाने के माध्यम से आवेदक को प्राप्त कराये जाते है।

(ब)   कार्यवाही किसके द्वारा अपेक्षितः- आवेदन पत्र जमा होने के पश्चात निम्न स्तर पर कार्यवाही होती है।

1.     क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी/जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा सम्बन्धित जनपदों के पुलिस प्रभारियों को वैयक्तिक विवरण पत्र जाॅंच हेतु उपलब्ध कराये जाते है।

2.    जनपद पुलिस/एल0आई0यू0/अभिसूचना मुख्यालय द्वारा जाॅंच की जाती है।

3.     जाॅंच आख्या नोडल अधिकारी (जी00) के हस्ताक्षर से पासपोर्ट कार्यालय प्रेषित की जाती है।

4.     पासपोर्ट आवेदन पत्रों की जाॅंच की कार्यवाही पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में प्रधान लिपिक शाखा द्वारा किया जायेगा।

(स)   कार्यवाही की अवधिः-

 

जनपद में प्राप्त आवेदन पत्रों की पुलिस/अभिसूचना जाॅंच रिपोर्ट 20 दिन के अन्दर पासपोर्ट कार्यालय को प्रेषित किये जाने का निर्देश है, इसके पश्चात पासपोर्ट कार्यालय द्वारा वरीयता के आधार पर पासपोर्ट जारी किये जाने का प्राविधान है।

3.3.8 सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने से सम्बन्धित प्रक्रियाः-

 

      शासनादेश संख्याः 1779/छः-पु-2-2001-700(1)/2001 दिनांक 25.04.2001 के अनुसार गनर/शैडो के अनुमन्यता हेतु जीवन भय का सही आंकलन करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति गठित होती है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (अभिसूचना) स्थानीय अभिसूचना इकाई के सदस्य होते है। जिन व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था अत्यन्त आवश्यक हो, जनपदीय समिति द्वारा उनके जीवन भय का आंकलन कर स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था निम्नलिखित मानकों के आधार पर उपलब्ध करायी जाती है।

3.38.1 सुरक्षा व्यवस्था सम्बन्धी मानकः- 

 

 

 

श्रेणी

सुरक्षा का स्तर

व्यवहार का प्रतिशत

सांसद/विधायक

1. सुरक्षा कर्मी

2. औचित्य पाये जाने पर एक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी सादे वस्त्रों में

1. निःशुल्क

2. 25 प्रतिशत पर

निवर्तमान सांसद/विधायक औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी 10 प्रतिशत पर
प्रदेश स्तरीय शासकी निगमों के अध्यक्ष/जिला पंचायत अध्यक्ष नगर प्रमुख/कुलपति औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी 10 प्रतिशत पर
प्रदेश स्तर पर पंजीकृत मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्ष औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षा कर्मी 10 प्रतिशत पर
अन्य किसी व्यक्ति को आवश्यकतानुसार जनपदीय समिति की संस्तुति पर औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी 10 प्रतिशत पर
जघन्य अपराध होने पर पैरवी करने वाला/गवाह औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी स्मिति के निर्णय के अनुसार

 

 

 

 

 

 

 

 

 

      शासनादेश संख्याः 2301/छः-पु-2-2004-700(1)/2001 दिनांक 18.06.2004 द्वारा जिला पंचायत अध्यक्षों को पदेन एक गनर निःशुल्क देने का प्रावधान है। 

     किसी महानुभाव द्वारा सुरक्षा हेतु आवेदन पत्र देने पर जनपदीय द्वारा उसके जीवन भय का आंकलन किया जायेगा। जनपदीय समिति की संस्तुति पर पुलिस अधीक्षक द्वारा एक माह के लिए सुरक्षाकर्मी स्वीकृत किया जा सकता है। जिसे आवश्यकता पड़ने पर एक-एक माह दो बार यानी कुल 03 माह तक बढ़ायी जा सकती है। इससे अधिक अवधि के लिए सुरक्षा की आवश्यकता होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से जनपदीय समिति की संस्तुति शासन को उपलब्ध करायी जायेगी, जिस पर विचारोपरान्त शासन द्वारा अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया जायेगा।

      जनपद स्तर पर प्रदत्त सुरक्षा व्यवस्था (मा0 सांसद/विधायक/मा0 मंत्रीगण, उच्चतम एवं उच्च न्यायालय के मा0 न्यायमूर्ति एवं श्रेणीबद्व संरक्षित महानुभावों को अनुमन्य सुरक्षा व्यवस्था को छोड़कर) की समीक्षा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रत्येक माह की जाती है।

      भुगतान पर सुरक्षाकर्मी देने से पूर्व कम से कम एक माह का व्ययभार अग्रिम कराया जायेगा, यदि उक्त अवधि समाप्त होने के पूर्व संरक्षित व्यक्ति द्वारा अग्रिम व्ययभार जमा नहीं कराया जाता है, तो जमा करायी गयी धनराशि की अवधि समाप्त होते ही सुरक्षाकर्मी वापस लें लिया जाता है।

      100 प्रंितशत निजी व्ययभार पर सुरक्षाकर्मी प्रदत्त करने पर रू0 16,130/- प्रतिमाह तथा 10 प्रतिशत सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने पर रू0 1613/- प्रतिमाह धनराशि पुलिस मुख्यालय उत्तर प्रदेश इलाहाबाद के निर्देशानुसार पुलिस कार्यालय की आंकिक शाखा में जमा करायी जाती है।

3.3.9 शस्त्र लाइसेन्स संस्तुति किये जाने की प्रक्रियाः-        

    (डी0जी0 परिपत्र संख्याः 35/2011 दिनांक) 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि
1. जिलाधिकारी कार्यालय से शस्त्र प्रार्थना पत्र की प्राप्ति अपर पुलिस अधीक्षक 03 कार्य दिवस/कार्यालय अवधि में किसी भी समय
2. सम्बन्धित थानें को अपराधिक इतिहास व आम शोहरत तथा सत्यापन हेतु भेजा जाना सम्बन्धित प्रभारी निरीक्षक /थानाध्यक्ष द्वारा 07 दिवस
3. डी0सी0आर0बी0 द्वारा जनपद में किये गये अपराध के सम्बन्ध में जाॅंच किया जाना प्रभारी डी0सी0आर0बी0 03 कार्य दिवस
4. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा जाॅंच किया जाना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी 03 कार्य दिवस
5. अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा जाॅंच किया जाना अपर पुलिस अधीक्षक 03 कार्य दिवस
6. पुलिस अधीक्षक द्वारा जाॅंच/संस्तुति किया जाना पुलिस अधीक्षक 04 कार्य दिवस
7. जिलाधिकारी कार्यालय को लाइसेन्स प्रार्थना पत्र संस्तुति/असंस्तुति सहित भेजा जाना।  सम्बन्धित कार्यवाही द्वारा कार्यदिवस/कार्यालय अविध में किसी भी समय

 

       शस्त्र लाइसेन्स के नवीनीकरण के लिए आवेदक सम्बन्धित थानें में प्रार्थना पत्र देता है, थानाध्यक्ष की आख्या के आधार पर जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा शस्त्र लाइसेन्स का नवीनीकरण किया जाता है। यह प्रत्येक 03 वर्ष की अवधि के पश्चात अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

 

3.3.10 विभिन्न प्रकार के चरित्र प्रमाण-पत्र निर्गत किये जाने की प्रक्रियाः-

3.3.10.1  प्राइवेट वेरीफिकेशनः- 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि
1. आवेदक द्वारा चरित्र प्रमाणपत्र हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना। प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में
2. चरित्र प्रमाण पत्र हेतु निर्धारित 20 रू0 शुल्क के रूप में लिया जाना आंकिक कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब
3. चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाॅंच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा 01 दिवस में
4. सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा 07 दिवस में
5. एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा  
6. चऱित्र सत्यापन निर्गत किया जाना थ्नमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा 03 दिवस में

 

3.3.10.2 पुलिस वेरीफिकेशन 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि
1. पुलिस विभाग के चयनित पुलिस कर्मियो के सत्यापन पुलिसकर्मी के नियुक्तिस्थल के मूल निवास के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होना प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में
2. चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाॅंच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा 01 दिवस में
3. सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा 07 दिवस में
4. एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा  
5. चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा 03 दिवस में

3.3.10.3 सर्विस वेरीफिकेशनः-

 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि
1 स्रकारी विभाग में चयनित सरकारी कर्मियों के सत्यापन सरकारी कर्मी की नियुक्त स्थल से कर्मी के मूल निवास स्थल के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होना। प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में
2 चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाॅंच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा 01 दिवस में
3 सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा 07 दिवस में
4 एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा  
5 चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा 03 दिवस में

 

3.3.10.4 मिलिठªी सर्विस वेरीफिकेशनः- 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि
1. मिलीट्री विभाग में चयनित सरकारी कर्मियों के सत्यापन सरकारी कर्मी की नियुक्त स्थल से कर्मी के मूल निवास स्थल के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होना। प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में
2. चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाॅंच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा 01 दिवस में
3. सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा 07 दिवस में
4. एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा  
5. चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा 03 दिवस में

 

3.3.10.4 ठेकेदारी वेरीफिकेशनः-

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि
1. जिलाधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्र मय शपत पत्र के पुलिस कार्यालय में प्राप्त प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में
2 चरित्र प्रमाण पत्र हेतु निर्धारित 20 रू0 शुल्क के रूप में लिया जाना आंकिक कार्यालय के लिपिक द्वारा अविलम्ब
3. चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाॅंच हेतु भेजना कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा 01 दिवस में
4. सम्बन्धित थाने द्वारा जाॅंच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा 07 दिवस मेें
5. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा सत्यापन को संस्तुति/असंस्तुति करना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा 07 दिवस में
6. एल0आई0यू0 द्वारा जाॅंच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा 03 दिवस में
7. चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा अविलम्ब

 

 

 

 

4. कर्तव्यों के सम्पादन हेतु अपनाये जाने वाले मापदण्डः-

4.1 जनपद स्तर पर विभिन्न प्रकार की जाॅंचों के लिए निर्धारित किये गये मापदण्डः-      

क्र0सं0 कार्य कार्यवाही हेतु निर्धारित मापदण्ड
1. अनुसंधान/विवेचना दण्ड प्रक्रिया संहिता एवं प्रचलित नियमों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में
2. थानों पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों की जाॅंच करके आवश्यक कार्यवाही करना 07 दिवस
3. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विभिन्न स्तरों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों की जाॅंच करके आवश्यक कार्यवाही करना 12 दिवस
4. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विभिन्न स्तरों से प्राप्त प्रार्थना पत्रो की जाॅंच करके आवश्यक कार्यवाही करना 12 दिवस
5. फायर सर्विस इकाई द्वारा किये जाने वाले निरीक्षण 15 दिवस
6. पासपोर्ट की जाॅंच उ0प्र0 शासन के पत्र सं0 -616/भा/छः बीजा अनुभाग-4- 2005-17/2/64/99 दिनांक 21.10.2005 के अनुसार 20 दिवस में
7. शस्त्र लाइसेन्स की संस्तुति किया जाना 30 दिवस
8. प्राइवेट वेरीफिकेशन 15 दिवस
9. पुलिस वेरीफिकेशन 15 दिवस
10. सर्विस वेरीफिकेशन 15 दिवस
11. मिलीट्री सर्विस वेरीफिकेशन 15 दिवस
12. ठेकेदारी वेरीफिकेशन 25 दिवस

 

 

4.2 पुलिस आचरण के सिद्वान्तः- 

1.     भारतीय संविधान में नागरिकों को दिये गये अधिकारों का सम्पूर्ण पुलिस जन द्वारा सम्मान करना।

2.     बिना किसी भय पश्चात अथवा प्रतिशोध की भावना के समस्त कानूनों का दृढ़ता व निष्पक्षता से निष्पादन करना।

3.     पुलिस जन को अपने अधिकारों तथा कर्तव्यों की परिसीमाओं पर पूरा नियंत्रण रखना।

4.     कानून का पालन करने अथवा व्यवस्था बनाये रखने के काम में जहाॅं तक सम्भव हो समझाने बुझाने आदि का प्रयास, यदि बल प्रयोग करना अनिवार्य हो तो कम से कम बल प्रयोग करना।

5.     पुलिस जन का मुख्य कर्तव्य अपराध तथा अव्यवस्था को रोकना।

6.     पुलिस जन को यह ध्यान में रखना, कि वह जनसाधारण का ही अंग है तथा वही कर्तव्य कर रहें है, जिनकी विधान ने समान नागरिकों से अपेक्षा की है।

7.     प्रत्येक पुलिस जन को यह स्वीकार करना चाहिए, कि उनकी सफलता पूरी तरह से नागरिक सहयोग पर आधारित है।

8.     पुलिस जन को नागरिकों के कल्याण का ध्यान, उनके प्रति सहानुभूति व सदभाव् हृदय में रखना।

9.     प्रत्येक पुलिस जन विषम परिस्थितियों में भी मानसिक संतुलन बनाये रखना और दूसरांे की सुरक्षा हेतु प्राणों तक को उत्सर्ग करने के लिए तत्पर रहना।

10.    हृदय से विशिष्टिता, विश्वसनीयता, निष्पक्षता आत्मगौरव व साहस से जनसाधारण का विश्वास जीतना।

11.    पुलिस जन को व्यक्तिगत तथा प्रशासनिक जीवन में विचार, वाणी व कर्म में सत्यशीलता व ईमानदारी बनाये रखना।

12.    पुलिस जन को उच्च कोटि का अनुशासन रखते हुए कर्तव्य का विधान अनुकूल संपादन करना।

13.    सर्वधर्म सम्भाव एवं लोक तांत्रिक राज्य जन होने के नाते समस्त जनता में सौहार्द व भाई चारे की भावना जागृत करने हेतु सतत् प्रयत्नशील रहना।

 

5.    कर्तव्यांे के निर्माण हेतु अपनाये जाने वाले नियम, विनियम, निर्देश, निर्देशिका व अभिलेखः-

1.     पुलिस अधिनियम- 1861

2.     भारतीय दण्ड संहिता- 1861

3.     दण्ड प्रक्रिया संहिता- 1973

4.     उत्तर प्रदेश पुलिस रेगुलेशन- 1861

5.     उत्तर प्रदेश कार्यालय मैनुअल- 1861

6.     साक्ष्य अधिनियम- 1872

7.     आम्र्स एक्ट- 1959

8.     सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम- 1955

9.     अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति अधिनियम- 1989

10.    केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल अधिनियम- 1949

11.    आवश्यक वस्तु अधिनियम- 1955 (0प्र0 संशोधन अधिनियम-1978)

12.    चोर बाजार नि0 और आवश्यक वस्तु प्रदय् अधिनियम- 1980

13.    खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम- 1954

14.    उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986

15.    पशु अतिचार अधिनियम- 1861

16.    भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम- 1988

17.    बन्दी अधिनियम-1900

18.    सार्वजनिक जुआ अधिनियम- 1867

19.    किशोर न्याय अधिनियम- 1986

20.    दहेज प्रतिशोध अधिनियम- 1961

21.    राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम- 1980

22.    स्वापक औषधि और मना प्रभावी अधिनियम- 1985

23.    स्वापक औषधि और मना प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम- 1988

24.    बन्दियों की शिनाख्त अधिनियम- 1930

25.    लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम- 1980

26.    विस्फोटक अधिनियम- 1884

27.    विस्फोटक पदार्थ अधिनियम- 1908

28.    कुटुम्भ न्यायालय अधिनियम- 1984

29.    अपराधी परिबीक्षा अधिनियम- 1958

30.    अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम- 1956

31.    महिलाओं का अशिष्ट रूपण प्रतिशोध अधिनियम- 1986

32.    भारतीय वन अधिनियम- 1927

33.    वन संरक्षण अधिनियम- 1980

34.    विधि विरूद्व क्रिया कलाप निवारण अधिनियम- 2004

35.    बन्दी न्यायालयों में उपस्थिति अधिनियम- 1955

36.    विष अधिनियम- 1919

37.    मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम- 1993

38.    राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग प्रक्रिया विनयम- 1994

39.    रेल अधिनियम- 1989

40.    रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम- 1957

41.    रेल सम्पत्ति (विधि विरूद्व कब्जा) अधिनियम- 1966

42.    पुलिस बल (अधिकारो पर निर्बन्धन) अधिनियम- 1966

43.    पुलिस द्रोह उद्दीपन अधिनियम- 1922

44.    राज्य सशस्त्र पुलिस बलों (कानूनों का विस्तार) अधिनियम- 1952

45.    केबिल दूरदर्शन नेटवर्क विनियमन अधिनियम- 1995

46.    ब्याज अधिनियम- 1978

47.    उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम- 1986

48.    उत्तर प्रदेश गुण्डा अधिनियम- 1970

49.    उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग- 1999

50.    उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण नियमावली- 1970

51.    उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम- 1976

52.    उत्तर प्रदेश प्रादेशिक सशस्त्र आरक्षक वर्ग अधिनियम- 1948

53.    उत्तर प्रदेश डकैती प्रभावी क्षेत्र अधिनियम- 1993

54.    उत्तर प्रदेश पुलिस रेडियो सेवा नियमावली- 1979

55.    उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम- 1944

56.    उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारी (दण्ड एवं अपील)- 1991

57.    उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन और अपील नियमावली)- 1999

58.    उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम- 1955

59.    उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम- 1964

60.    उत्तर प्रदेश गोशाला अधिनियम- 1964

61.    उत्तर प्रदेश गोशाला अधिनियम- 1964

62.    उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग अधिनियम- 1994

63.    सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम- 2000

64.    सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005

65.    वित्तीय हस्त पुस्तिका

66.    समय-समय पर निर्गत शासनादेश

67.    उच्चाधिकारियों द्वारा निर्गत परिपत्र व अन्य निर्देश

 

            इसके अतिरिक्त तत् समय प्रचलित अन्य विधियाॅं भी पुलिस कार्य प्रणाली को सशक्त एवं विनियमित करती है।

 

6.  विभाग द्वारा रखे जाने वाले अभिलेखों की श्रेणीः-                                

6.1 विभिन्न थानो व अन्य कार्यालयों में रखे जाने वाले अभिलेखः-     

क्र0 सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाॅं उपलब्ध होगी अविध जब तक उपलब्ध होगी
1. प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराधों के सम्बन्ध में दी गयी सूचनायें एवं विवेचक के सम्बन्ध में सभी पुलिस थानों पर तीन साल
2. दैनिकी सामान्य सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी पुलिस अधि0/कर्मचारीगण की रवानगी वापसी डियूटी का विवरण सभी पुलिस थानों व पुलिस लाइन में एक साल थाने पर उसके बाद 05 साल तक पुलिस कार्यालय के रिकार्ड रूम में
3. सभी स्टैण्डिंग आर्डर पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस अधि0/कर्मचारी को दिये गये निर्देशों का विवरण सभी शाखा व थानों पर स्थायी रूप में रखा जायेगा, राजपत्रित अधिकारी के आदेश पर नष्ट होगी।
4. भगोडा (मफरूर) रजिस्टर सभी सफर अपराधियों का विवरण सभी थानों पर 05 वर्ष
5. रोकड बही धनराशि की आमद व खर्च का विवरण सभी थानों/पुलिस लाइन में एक वर्ष थाना इकाई उसके बाद 09 वर्ष तक पुलिस आफिस रिकार्ड रूम में
6. आरोप पत्र अभियोग में प्रेषित पुलिस रिपोर्ट सभी पुलिस थाने पर एक साल
7. चिक खुराक अभियुक्तों के भोजन व्यय किराया व्यय आदि की प्रतिपूर्ति है। सभी थानें पर तीन साल
8. 356 दं0प्र0सं0 के अधीन दोष सिद्व अपराधी रजिस्टर उक्त नियमानुसार दोष सिद्व अपराधियों का विवरण सभी थानें पर जब सभी कैदियों की अवधि समाप्त हो चुकी हो
9. 432 दं0प्र0सं0 के अधीन सशर्त मुक्त किये गये कैदी रिकार्ड रजिस्टर    

 

10. गोपनीय साप्ताहिक रिपोर्ट थाना क्षेत्र की साम्प्रदायिक राजनैतिक व अन्य गतिविधियाॅं की गोपनीय सूचना सभी थानें पर एक साल
11. अपराध रजिस्टर थाना क्षेत्र में हुए अपराधिक घटनाओं का विवरण सभी थानें पर पाॅंच साल
12. चैकीदारों का अपराध बुक चैकीदार के ग्राम में घटित घटनाओं का विवरण सभी चैकीदारों के पास चैकीदार को जब तक नई नोटबुक प्रदान न की जाए।
13. ग्राम अपराध रजिस्टर (रजिस्टर नं0 08) उस गाॅंव में घटित होने वाले अपराध का विवरण सभी थानों पर स्थायी रूप से
14. डिफाल्टर रजिस्टर कर्मचारी की त्रुटि व उसके लिए दी गयी हिदायत का उल्लेख  सभी थानों/ पुलिस लाइन में  
15. केस डायरी विवेचना में कृत कार्यवाही का विवरण सभी थानों/ विवेचकों के पास पाॅंच साल
16. अन्तिम रिपोर्ट अभियोग में विवेचना के बाद प्रेषित रिपोर्ट सभी थानें पर स्थायी रूप से
17. अंगुष्ठ छाप रजिस्टर अपराधियों का नाम पता, जिसका अंगुष्ठ छाप लिया गया है। सभी थानें पर स्थायी रूप से
18. चिक गैरदस्तन्दाजी अहस्तक्षेपीय अपराधों की सूचक सभी थानों पर तीन साल
19. गिरोह रजिस्टर पंजीकृत गैंगों का विवरण सभी थानें पर व डी0सी0आर0बी0 में पूर्ण होने के पाॅंच साल
20. मरम्मत रजिस्टर मरम्मत के लिए प्राप्त धन व उसके व्यय का विवरण सभी थानें पर दो साल
21. जाॅंचोपरान्त “अ” थाना क्षेत्र के दुराचारियों के बाहर जाने पर जारी किया जाने वाला पत्र सभी थाने पर तीन साल
22. जाॅंच पर्ची “ब” थाना क्षेत्र में मिलने वाले संदिग्ध आचरण के व्यक्तियों के लिए जारी पत्र सभी थानें पर तीन साल
23. सूची हिस्ट्रीसीट दुराचारियों का विवरण सभी थानों पर एक साल
24. पंचायतनामा जिल्द अस्वाभाविक मृत्यु की जाॅंच का विवरण सभी थानों पर पाॅंच साल
25. निरीक्षण पुस्तिका निरीक्षण का विवरण सभी थानों पर व शाखाओं पर पाॅंच साल
26. माल मसरूका रजिस्टर चोरी/लूटी गयी एवं बरामद सम्पत्ति का विवरण सभी थानों पर पाॅंचा साल
27. रिमाण्डशीट पुलिस प्रपत्र अभियुक्तों को रिमाण्ड के लिए अनुरोध पत्र सभी थानों पर एक साल
28. मजिस्टेªेट के लिए निरीक्षण पुस्तिका मजिस्टेªटों के ˜ारा निरीक्षण के दौरान उल्लेख सभी थानों पर पूर्णता से पाॅंच साल
29. 109 धारा के अन्तर्गत कार्यवाही संदिग्ध अपराधियों को पाबन्द कराने हेतु सभी थानों पर दो वर्ष
30. 110 सी0आर0पी0सी0 के अन्तर्गत कार्यवाही अभ्यस्त अपराधियों को पाबन्द कराने हेतु सभी थानों पर दो वर्ष
31. थानाध्यक्ष की गोपनीय पुस्तिका क्षेत्र की गोपनीय सूचनायंें सभी थानों पर स्थायी
32. परिपत्र सूचनाओं की फाइल समस्त परिपत्र सभी कार्यालय में किसी राजपत्रित अधिकारी के नष्ट किये जाने के आदेश तक
33. परिपत्र अनुदेशों की फाइल परिपत्रों सम्बन्धी निर्देश सभी कार्यालय में उपरोक्त
34. अपराधी जनजातियों का रजिस्टर अपराधियों की जनजाति के सम्बन्ध में समस्त थानों पर उनके मृत्यु तक 
35. सक्रिय अपराधी रजिस्टर क्षेत्राधिकारी द्वारा अनुमोदित क्षेत्र के सक्रिय अपराधों की सूची समस्त थानों पर निगरानी उचित समझे जाने तक
36. आर्डर बुक प्रार्थना पत्र प्रार्थना पत्रों की सूची समस्त थानों पर पाॅचं वर्षो तक
37. आर्डर बुक न्यायालय कोर्ट प्रोसीजर की सूची समस्त थानों पर पाॅंच वर्षो तक
38. आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची समस्त थानों पर पाॅंच वर्षो तक
39. भवन रजिस्टर थाने की खसरा खतौनी व भवनों के सम्बन्ध में समस्त थानें पर स्थायी
40. गुमशुदगी रजिस्टर गुमशुदा व्यक्तियों के सम्बन्ध में सूचना समस्त थानों पर स्थायी
41. गिरफ्तारी रजिस्टर गिरफ्तारी व्यक्तियों के सम्बन्ध में समस्त थानों पर पाॅंच वर्षो तक
42. जमानत रजिस्टर दी जाने वाली जमानतों का विवरण समस्त थानों पर पाॅंच वर्षो तक
43. काज लिस्ट रजिस्टर न्यायालय द्वारा अभियोजन की तिथियों एवं की कार्यवाही का विवरण समस्त थानों पर पाॅंच वर्षो तक
44. जन शिकायत रजिस्टर थाना कार्यालय/अन्य कार्यालयों में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्र समस्त थानों/ कार्यालय में दो वर्षो तक
45. किरायेदार सत्यापन रजिस्टर क्षेत्र के किरायेदार के सत्यापन के सम्बन्ध में   स्थायी
46. नियुक्ति रजिस्टर थानें पर नियुक्त रहे कर्मचारियों के सम्बन्ध में समस्त थानों पर स्थायी
47.  अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण समस्त थानों पर एक वर्ष तक

 

6.2   क्षेत्राधिकारी स्तर पर रखें जाने वाले अभिलेखः- 

 

 

 

क्र0 सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाॅं उपलब्ध होगी अवधि जब तक उपलब्ध होगी
1. अपराध रजिस्टर सर्किल में पंजीकृत अभियोगों व केस डायरियों का संक्षिप्त अंकन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाॅंच वर्षो तक
2. जेड रजिस्टर केस डायरियों को न्यायालय भेजने के दिनांक सहित संक्षिप्त विवरण क्षेत्राधिकारी कार्यालय में स्थायी
3. आर्डर बुक प्रार्थना पत्र प्रार्थना पत्रों की सूची क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाॅंच वर्षो तक
4. परिपत्र सूचनाओं की फाइल समस्त परिपत्र क्षेत्राधिकारी कार्यालय में अधिकारी द्वारा नष्ट किये जाने के आदेश तक
5. आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाॅचं वर्ष तक
6. अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण क्षेत्राधिकारी कार्यालय में एक वर्ष तक
7. विशेष अपराध पत्रावलियाॅं विशेष अपराधों का विवरण क्षेत्राधिकारी कार्यालय में स्थायी
8. जाॅंच पत्रावलियाॅं  शिकायत की जाॅंच के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाॅंच वर्ष तक

 

6.3    अपर पुलिस अधीक्षक स्तर पर रखे जाने वाले अभिलेखः- 

क्र0सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाॅं उपलब्ध होगी अवधि जब तक उपलब्ध होगी
1. आर्डर बुक प्रार्थना पत्र प्रार्थना पत्रों की सूची अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाॅंच वर्षो तक
2. परिपत्र सूचनाओं की फाइल समस्त परिपत्र अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारी द्वारा नष्ट किये जाने क आदेश तक
3. आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाॅंच वर्षो तक
4. अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक वर्ष तक
5. नियुक्ति रजिस्टर क्षेत्र के थानों पर नियुक्त कर्मचारियों के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी
6. जाॅंच पत्रावलियाॅं शिकायतों की जाॅंच के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाॅंच वर्षो तक

 

6.4    पुलिस अधीक्षक स्तर पर रखे जाने वाले अभिलेखः- 

क्र0सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाॅं उपलब्ध होगी अवधि जब तक उपलब्ध होगी
1. राजपत्रित अधिकारियों की गोपनीय सेवा राजपत्रित अधिकारियों के गोपनीय सेवा अभिलेख वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी
2. हिस्ट्रीशीटर इन्डेक्स जनपद के दुराचारियों का विवरण वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी
3. पुरस्कार रजिस्टर जनपद के पुरस्कार प्राप्त कर्मचारियों की सूची वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाॅंच वर्षो तक
4. आर्डर बुक प्रार्थना पत्र  प्रार्थना पत्रुों की सूची शिकायत प्रकोष्ठ कार्यालय में पाॅंच वर्ष तक
5. परिपत्र सूचनाओं की फाइल  समस्त परिपत्र प्रधान लिपिक कार्यालय में अधिकारी द्वारा नष्ट किये जाने के आदेश तक
6. आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र रजिस्टर प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाॅंच वर्षो तक
7. अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक वर्ष तक
8. नियुक्ति रजिस्टर क्षेत्र के थानों पर नियुक्त कर्मचारियों के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी
9. सर्विस बुक/चरित्र पंजिका समस्त रैकों के कर्मचारियों के सेवा इतिहास प्रधान लिपिक कार्यालय में स्थायी
10. कैश बुक/पै-बिल रजिस्टर समस्त भुगतानों के लेन-देन के सम्बन्ध में आंकिक शाखा स्थायी
11. आकस्मिकता निधि रजिस्टर आकस्मिकता निधि रजिस्टर पर पारित व्ययों के सम्बन्ध में आंकिक शाखा स्थायी
12. स्टाफ रजिस्टर सामान्य भण्डार की मदों का क्रय व वितरण पुलिस लाइन स्थायी
13. हिन्दी आदेश पुस्तिका समस्त आदेश जिनका प्रभाव पुलिस लाइन 40 वर्षो तक

 

 

7.      जनता की परामर्श दात्री समितियाॅंः-

 

जनपदीय पुलिस में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा दिये गये अभ्यावेदनों पर नीति निर्धारण में विचार हेतु निम्नलिखित व्यवस्था विद्यमान है। 

क्र0सं0 समिति का नाम समिति का गठन भूमिका एवं दायित्व गोष्ठियों की आवृत्ति
1. ग्राम पुरवा सुरक्षा समिति प्रत्येक गाॅंव में 15 से 20 व्यक्तियों की समिति थानाध्यक्ष द्वारा गठित की जाती है। गाॅंव में घटित होने वाले अपराध एवं अपराधियों की सूचना पुलिस को देना व अपराधियों से मुकाबला करना समय-समय पर
2. पुलिस पेन्शनर्स बोर्ड जनपद के पुलिस पेन्शनर्स के द्वारा गठित होती है। पुलिस पेन्शनर्स के कल्याण हेतु पैरवी करना त्रैमासिक
3. उद्योग बन्धु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद के उद्यमियों की बैठक उद्योगों के विकास में आने वाली कानून-व्यवस्था की समस्या के समाधान हेतु त्रैमासिक
4. जिला सड़क सुरक्षा समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित समस्त से सम्बन्धित समस्त विभागों के अधिकारियों की समिति दुर्घटनाओं के निवारण हेतु त्रैमासिक
5. जिला स्तरीय पत्रकार समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपद के पत्रकारों की समिति पत्रकारों की पुलिस सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण हेतु त्रैमासिक
6. शांति समिति क्षेत्र के सम्भ्रान्त नागरिकों की समिति साम्प्रदायिक सद्भाव बनाये रखने हेतु आवश्यकतानुसार
7. मेला समिति मेले में सम्बन्धित सम्भ्रान्त व्यक्तियों की समिति प्रमुख मेलों को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु मेले के आयोजन से पूर्व
8. सांसद व विधायकगण की गोष्ठी समस्त सांसद व विधायकगण की गोष्ठी शिकायतों के निस्तारण व सुझाव/परामर्श के लिए मसिक

 

8. बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकायः-

 

        पुलिस संगठन में इस प्रकार की कोई व्यवस्था प्रचलित नहीं है।

 

9. अधिकारियों तथा कर्मचारियों की टेलीफोन डायरेक्ट्रीः- 

नाम/पद पुलिस अधिकारीगण आवास नम्बर कार्यालय नम्बर मोबाइल नम्बर व्यक्तिगत सी0यू0जी0 नम्बर
श्री राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक, फतेहपुर  05180-224288 05180-224413   9454400268
श्री संतोष कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, फतेहपुर 05180-224895 05180-224413   9454401045
श्री अजीत कुमार सिन्हा, क्षेत्राधिकारी नगर, फतेहपुर 05180-224498 05180-221486   9454401286
श्री सूर्यकान्त त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी खागा, फतेहपुर   05182-260801   9454401287
श्री अनिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी बिन्दकी, फतेहपुर       9454401288
श्री गौरव सिंह, आईपीएस   05180-224413   9454401289
क्षेत्राधिकारी जाफरगंज,फतेहपुर   05180-2214413   9454401290
श्री जनार्दन त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी थरियाॅंव, फतेहपुर   05180-224417   9454402357

 

 

 

जनपद में लगे टेलीफोन/सी0यू0जी0 नम्बरों की सूचीः- 

क्र0सं0 पद टेलीफोन नम्बर

सी0यू0जी0 नम्बर

आवास नम्बर

कार्यालय नम्बर

1. पुलिस अधीक्षक

05180-224288

05180-224895

05180-224413 9454400268
2. अपर पुलिस अधीक्षक

05180-224498

05180-224413 9454401045
3. क्षेत्राधिकारी नगर

 

05180-221486 9454401286
4. क्षेत्राधिकारी खागा

 

05180-260801 9454401287
5. क्षेत्राधिकारी बिन्दकी

 

  9454401288
6. क्षेत्राधिकारी जाफरगंज

 

05180-224413 9454401289
7. क्षेत्राधिकारी थरियाॅंव

 

05180-224413 9454401290
8. थाना कोतवाली

 

05180-224401 9454403347
9. थाना मलवाॅं

 

05181-248223 9454403349
10. थाना हुसैनगंज

 

05180-241223 9454403341
11. थाना खागा

 

05182-260812 9454403344
12. थाना किशनपुर

 

05182-263223 9454403346
13. थाना खखरेरू

 

05182&^264409 9454403345
14. थाना धाता

 

05182-262264 9454403338
15. थाना सुल्तानपुर घोष

 

05182-233447 9454403350
16. थाना बिन्दकी

 

05181-257546 9454403336
17. थाना कल्यानपुर

 

05181-247223 9454403334
18. थाना औंग

 

05181-251000 9454403334
19. थाना बकेवर

 

05181-255170 9454403335
20. थाना जहानाबाद

 

05181-253223 9454403342
21. थाना जाफरगंज

 

  9454403352
22. थाना चाॅंदपुर

 

05183-283636 9454403337
23. थाना ललौली

 

05183-232223 9454403348
24. थाना गाजीपुर

 

05183-290029 9454403339
25. थाना थरियाॅंव

 

05182-242223 9454403351
26. थाना हथगाॅंव

 

05182-259299 9454403340
27. थाना असोथर

 

05183-236237 9454403333
28. प्रतिसार निरीक्षक

 

05180-224417 9454402357
29. जिला नियंत्रण कक्ष

 

05180-224542 100 9454403359
30. महिला थाना

 

05180-224284 9454404462
31. नगर नियंत्रण कक्ष

 

 

9454404879

 

10. अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन/पारितोषिकः-

10.1 सशस्त्र व नागरिक पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

क्र0सं0

पद

वेतन मान पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता
पे बैन्ड

ग्रेड वेतन

1. पुलिस अधीक्षक 37400-67000

8700

&

375

2. अपर पुलिस अधीक्षक 15600-39100

6600

600

300

3. पुलिस उपाधीक्षक 15600-39100

6600

600

300

4. निरीक्षक 9300-34800

4600

600

150

5. उप निरीक्षक 9300-34800

4200

600

150

6. मुख्य आरक्षी 5200-20200

2400

750

150

7. आरक्षी 5200-20200

2000

750

150

 

 

10.2 रेडियो शाखा के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

dz0la0

 

in

वेतन मान

पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता
पे बैन्ड

ग्रेड वेतन

1. रेडियो निरीक्षक 9300-34800

4800

600

150

2. रेडिया उपनिरीक्षक 9300-34800

4600

600

150

3. हेड आपरेटर 9300-34800

4200

600

150

4. सहायक परिचालन 5200-20200

2400

750

150

5. अनुचर/संदेश वाहक 5200-20200

1900

650

 

 

 

10.3 फायर सर्विस के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

क्र0सं0

in

वेतन मान

पौष्टिक आहार भत्ता

वर्दी धुलाई भत्ता

पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. अग्निशमन अधिकारी 9300-34800

4600

600

150

2. द्वितीय अग्निशमन अधिकारी 9300-34800

4200

600

150

3. लीडिंग फायरमैन/हे0कां0 ड्रा0 फायर सर्विस 5200-20200

2400

750

150

4. फायर मैन 5200-20200

2000

750

150

5. अनुचर 4440-7440

1800

650

125

 

 

10.4 लिपिक वर्गीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

 

क्र0सं0 पद

वेतन मान

पौष्टिक आहार भत्ता

वर्दी धुलाई भत्ता

विशेष भत्ता

पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. एस0आई0(एम) 9300-34800

4200

600

150

-

2. ए0एस0आई0(एम) 5200-20200

2800

600

150

-

3. उर्दू अनुवादक या कनिष्ठ लिपिक 5200-20200

2800

-

-

-

 

10.5 परिवहन शाखा के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

क्र0सं0   पद

वेतन मान

ikSf’Vd vkgkj HkRrk

onhZ /kqykbZ HkRrk

foks’k HkRrk

पे बैन्ड ग्रेड वेतन
  उ0नि0 परिवहन शाखा 9300-34800 4200 600 150 300
1. मुख्य आरक्षी 5200-20200 2400 750 150 300
2. आरक्षी चालक 5200-20200 2000 750 150 300

10.6 स्थानीय अभिसूचना ईकाई के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन

क्र0सं0

पद

वेतन मान

पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता विशेष भत्ता
पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. निरीक्षक अभिसूचना

9300-34800

4600

600

150

1280

2. उ0नि0 अभिसूचना 

9300-34800

4200

600

150

1080

3. मु0आ0 अभिसूचना

5200-20200

2400

750

150

320

4. आरक्षी अभिसूचना

5200-20200

2000

750

150

240

 

11. बजटः- 

क्र0सं0 लेखा शीर्षक चालू वित्तीय वर्ष 2013-14
अनुदान व्यय
1. वेतन मंहगाई एवं अन्य भत्ते

588457235

588457235

2. अंशकालिक मजदूरों पर व्यय

216000

216000

3. यात्रा भत्ता

13679000

13679000

4. कार्यालय व्यय

324000

324000

5. अपराधियों, घायलों तथा परिवहन पर व्यय

16200

16200

6. विद्युत/प्रकाश पर व्यय

1134000

1134000

7. जलकर/जलप्रभार पर व्यय

12731

12731

8. लेखन सामग्री/छपाई पर व्यय

549400

549400

9. फर्नीचर का क्रय एवं मरम्मत

75000

75000

10. टेलीफोन पर व्यय

238600

238600

11. डीजल/पेट्रोल पर व्यय

8168326

8168326

12. वाहनों के मरम्मत पर व्यय

-

-

13.        किराया उप-शुल्क एवं कर

7527

7527

14.        पुरस्कार पर व्यय

95300

95300

15.        सुख सुविधा पर व्यय

578000

578000

16.        चिकित्सा पर व्यय

1607000

1607000

17.        वर्दी पर व्यय

1323000

1323000

 

12. सब्सिडी कार्यक्रम के निष्पादन का ढंगः-

 वर्तमान में विभाग में कोई उपादान कार्यक्रम प्रचलित नहीं है।

13. संगठन द्वारा प्रदत्त छूट, अधिकार पत्र तथा अधिकृतियों के प्राप्त कर्ताओं का विवरणः-

 14. इलेक्ट्रानिक प्रारूप में सूचनाओं की उपलब्धताः-

 उक्त सूचना को इलेक्ट्रानिक रूप में निबद्व के बाद उसकी प्राप्ति के सम्बन्ध में अवगत कराया जायेगा।

 

 15. अधिनियम के अन्तर्गत नागरिकों को प्रदत्त सुविधायेंः- 

 

क्र0 सं0 कार्य कार्यवाही किसके स्तर से समयावधि
1. सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किया जाना अ0पु0अ0 सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी (यदि क्षेत्राधिकारी मुख्यालय पर नहीं बैठते है, तो सम्बन्धित थाना प्रभारी) कार्यालय प्रातः 10 बजे से शाम 17.00 बजे (राजकीय अवकाशों को छोड़कर)
2. सूचना निरीक्षण करने का स्थान उपरोक्त उपरोक्त
3. सूचना प्रदान किये जाने का स्थान उपरोक्त विलम्बतम 30 दिन तथा जीवन रक्षा एवं व्यक्ति की स्वतंत्रता के सम्बन्ध में 48 घण्टे
4. सूचना निरीक्षण करने हेतु जमा की जाने वाली धनराशि (10 रू0 प्रथम घण्टा, प्रथम घण्टा के पश्चात 5 रू0 प्रति 15 मिनट) पुलिस कार्यालय की आंकिक शाखा में नकद, लोक प्राधिकारी को ड्राफ्ट या बैंकर्स चेक उपरोक्त
5. सूचना प्राप्त करने हेतु जमा करायी जाने वाली राशि का विवरण (10 रू0 प्रति आवेदन पत्र और गरीबी की रेखा के नीचे के व्यक्तियों को निःशुल्क) उपरोक्त उपरोक्त

 

नोटः-    समय से सूचना उपलब्ध न कराये जाने की स्थिति में 250 रू0 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना (25000 रू0 अनाधिक) भी देय होगा।

 

16.   लोक सूचना अधिकारियों के नाम व पदनामः-

 

            जनपद फतेहपुर पुलिस में लोक सूचना अधिकारियों की नियुक्ति निम्नलिखित प्रकार से की गयी है। 

क्र0सं0 जनपद के जनसूचना अधिकारी जनपद के सहायक जन सूचना अधिकारी अपीलीय अधिकारी का पदनाम
1.

श्री संतोष कुमार सिंह,

अपर पुलिस अधीक्षक, फतेहपुर।

श्री निवेश कटियार, क्षेत्राधिकारी नगर, फतेहपुर

श्री भगवान स्वरूप, पुलिस उपमहानिरीक्षक

इलाहाबाद परिक्षेत्र,

इलाहाबाद।

श्री माता प्रसाद सलोनिया, क्षेत्राधिकारी खागा, फतेहपुर
श्री अनिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी बिन्दकी, फतेहपुर
श्री अनुराग दर्शन, क्षेत्राधिकारी जाफरगंज, फतेहपुर
श्रीमती वन्दना सिंह,     क्षेत्राधिकारी थरियाॅंव, फतेहपुर

Jh fotsUnz f}osnh

{ks=kf/kdkjh vijk/k] Qrsgiqj

 

टिप्पणीः- सी0यू0जी0 मोबाइल नम्बर राजपत्रित अधिकारियों के पद से आवंटित है, जो कि अधिकारी के स्थानान्तरण के उपरान्त परिवर्तित नहीं होगें।

  17.    अन्य कोई विहित सूचनाः-

                        शून्य

अनुक्रमणिका

बिन्दु संख्या विवरण पेज नम्बर

1.

पुलिस बल के संगठन, कार्य तथा कर्तव्यों का विवरण 4

2.

अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियाँ एवं कर्तव्य 5

3.

निर्णय लेने की प्रक्रिया की कार्यविधि के पर्यवेक्षण व उत्तरदायित्व के स्तर 11

4.

कर्तव्यों के सम्पादन हेतु अपनाये जाने वाले मानदण्ड 25

5.

कर्तव्यों के निर्माण हेतु अपनायें जाने वाले नियम, विनियम, निर्देश, निर्देशिका व अभिलेख 26

6.

विभाग द्वारा रखे जाने वाले अभिलेखों की श्रेणी 27

7.

जनता की परामर्श दात्री समितियाँ 31

8.

बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकाय 32

9.

अधिकारियों तथा कर्मचारियों की टेलीफोन डायरेक्ट्री 32

10.

अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन/पारितोषिक 33

11.

बजट 35

12.

सब्सिडी कार्यक्रम के निस्पादन का ढंग 35

13.

संगठन द्वारा प्रदत्त छूट, अधिकार पत्र तथा अधिकृतियों के प्राप्त कर्ताओं का विवरण 36

14.

इलेक्ट्रानिक प्रारूप में सूचनाओं की उपलब्धता 37

15.

अधिनियम के अन्तर्गत नागरिकों को प्रदत्त सुविधाएं 38

16.

लोक सूचना अधिकारियों के नाम व पदनाम 39

17.

अन्य कोई विहित सूचना 40

सूचनाका अधिकार अधिनियम-2005, जनपद फतेहपुर।

सूचना का अधिकार अधिनियम-2005 की धारा (1)बी के अनुसार जनपद फतेहपुर के पुलिस विभाग के सम्बन्ध में निम्नलिखित सूचना प्रकाशित की जाती हैः-

1.पुलिस बल के संगठन, कार्य तथा कर्तव्यों का विवरण:-

पुलिस अधिनियम-1861 की धारा 03 के अनुसार जिले में पुलिस का अधीक्षण उस राज्य सरकार में निहित होगा, जिसके अधीन ऐसा जिला होगा और इस अधिनियम के उपबन्धों के अधीन जैसा प्राधिकृत हो उसके सिवाय कोई व्यक्ति, अधिकारी या न्यायालय, राज्य सरकार किसी पुलिस कर्मचारी को अधिकृमित या नियंत्रित करने के लिए सशक्त नहीं किया जायेगा।

पुलिस का मूल कर्तव्य कानून-व्यवस्था व लोक व्यवस्था को स्थापित करना तथा अपराध नियंत्रण व निवारण तथा जनता से प्राप्त शिकायतों का निस्तारण करना है, समाज के समस्त वर्गो में सद्भाव कायम रखने हेतु आवश्यक प्रबन्ध करना, महत्वपूर्ण व्यक्तियों तथा संस्थानों की सुरक्षा करना तथा समस्त व्यक्तियों के जान व माल की सुरक्षा करना है। लोक जमावों और जुलूसों को विनियमित करना तथा अनुमति देना व सार्वजनिक इत्यादि पर व्यवस्था बनायें रखना है।

जनपद पुलिस, पुलिस अधीक्षक के नियंत्रण एवं निर्देश में कार्य करती है। जनपद में कुल 01 अपर पुलिस अधीक्षक, 05 पुलिस उपाधीक्षक व 21 थानाध्यक्षों के पद सृजित है। अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में सभी क्षेत्राधिकारीगण कार्य करते है।

1.1 जनपद में पुलिस का संगठन:-

जनपद में पुलिस का संगठन निम्न प्रकार से हैः- 

अपर पुलिस अधीक्षक क्षेत्राधिकारी क्र0सं0 थाना क्षेत्र
  क्षेत्राधिकारी नगर 1. कोतवाली
  2. मलवाँ
  3. हुसैनगंज
  4. महिला थाना
  क्षेत्राधिकारी खागा 5. खागा
  6. किशनपुर
  7. खखरेरू
  8. धाता
  9. सुल्तानपुर घोष
  क्षेत्राधिकारी बिन्दकी 10. बिन्दकी
  11. कल्यानपुर
  12. औंग
  13. बकेवर
  14. जहानाबाद
  क्षेत्राधिकारी जाफरगंज 15. जाफरगंज
  16. चाँदपुर
  17. ललौली
  18. गाजीपुर
  क्षेत्राधिकारी थरियाँव क्षेत्राधिकारी 19. थरियाँव
  20. हथगाँव
  21. असोथर

1.2  जनपद में स्थित विभिन्न इकाइयों के कार्यो के पर्यवेक्षण अधिकारी:-

क्र0सं0 इकाई का नाम पर्यवेक्षण क्षेत्राधिकारी पर्यवेक्षण पुलिस अधिकारी
1. जिला नियंत्रण कक्ष क्षेत्राधिकारी लाइन्स पुलिस अधीक्षक
2. नगर नियंत्रण कक्ष क्षेत्राधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक
3. एल0आई0यू0 शाखा क्षेत्राधिकारी थरियाँव पुलिस अधीक्षक
4. फायर सर्विस बिन्दकी क्षेत्राधिकारी बिन्दकी पुलिस अधीक्षक
5. फायर सर्विस शाखा क्षेत्राधिकारी खागा पुलिस अधीक्षक
6. फायर सर्विस नगर क्षेत्राधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक
7. यातायात पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक
8. नारकोटिक शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
9. डी0सी0आर0बी0 शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
10. पुलिस लाइन क्षेत्राधिकारी थरियाँव पुलिस अधीक्षक
11. फील्ड यूनिट क्षेत्राधिकारी लाइन्स पुलिस अधीक्षक
12. पत्र व्यवहार शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
13. आंकिक शाखा क्षेत्राधिकारी का्रइम पुलिस अधीक्षक
14. विशेष जाँच प्रकोष्ठ क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
15. महिला सहायता प्रकोष्ठ क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
16. न्यायालय प्रकरण सेल सी0जे0एम0 डी0जे0
17. सम्मन सेल क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
18. शिकायत प्रकोष्ठ क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
19. एस0आई0एस0 शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
20. छाप अंगुष्ठ एस0पी0ओ0 पुलिस अधीक्षक
21. मीसिंग चिल्ड्रेन शाखा क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक
22. एच्छिक ब्यूरो क्षेत्राधिकारी कार्यालय पुलिस अधीक्षक

पुलिस अधिनियम की धारा 22 के अनुसार प्रत्येक पुलिस अधिकारी कर्तव्यारूढ़ रहेगा और उसे जिले के किसी भाग में नियोजित किया जा सकता है। पुलिस अधिनियम-1961 की धारा 23 के अनुसार प्रत्येक पुलिस अधिकारी का यह कर्तव्य है, कि वह पुलिस विभाग के संचालन हेतु विभिन्न नियमों एवं कानूनों तथा किसी सक्षम अधिकारी द्वारा उसे विधिपूर्वक जारी किये गये सब आदेशों एवं वारण्टों का पालन एवं निष्पादन करें, लोक शान्ति को प्रभावित करने वाले गुप्त वार्ता का संग्रह करें, अपराधों व लोक न्यूसेन्स का निवारण करें। अपराधियों का पता लगायें और न्यायालय के समक्ष लायें।

2.अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियाँ एवं कर्तव्य:-

पुलिस अधिनियम, पुलिस रेगुलेशन, दं0प्र0सं0 अन्य अधिनियमों तथा विभिन्न शासनादेशों के अन्तर्गत पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निम्नलिखित अधिकार एवं कर्तव्य हैः-

2.1 पुलिस अधिनियम:- 

धारा अधिकारियों और कर्मचारियों की शक्तियाँ एवं कर्तव्य
7     आन्तरिक अनुशासन बनाये रखने हेतु राजपत्रित अधिकारियों को किसी समय अधीनस्थ पदों के ऐसे किसी अधिकारी को दण्डित करने की शक्ति होती है, जोकि अपने कर्तव्य के निर्वहन में शिथिल एवं उपेक्षावान पाये जाये।
17     विशेष पुलिस अधिकारी की नियुक्ति के सम्बन्ध में जब यह प्रतीत हो कि कोई विधि विरूद्व जमाव, बलवा या शान्तिभंग हुई हो तो या होने की गम्भीर सम्भावना हो तो विशेष पुलिस अधिकारी नियुक्त करने की शक्ति होती है।
22 पुलिस अधिकारी सदैव कर्तव्यारूढ माने जाते है तथा उन्हें जिले के किसी भी भाग में नियोजित किया जा सकता है।
23 पुलिस अधिकारी का यह कर्तव्य है कि वह किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा उसे विधिपूर्वक जारी किये गये सब आदेशों का पालन व निष्पादन करें, लोक शान्ति को प्रभावित करने वाले गुप्त वार्ता का संग्रह करें, अपराधों व लोक न्यूसेन्स का निवारण करें, अपराधियों का पता लगाये तथा उन सब व्यक्तियों को गिरफ्तार करें, जिनकों गिरफ्तार करने के लिए वैद्यता प्राधिकृत है तथा जिनको गिरफ्तार करने के लिए पर्याप्त आधार विद्यमान है। इसके लिए उसे बिना वारण्ट किसी शराब की दुकान, जुआ घर या भ्रष्ट या उदण्ड व्यक्तियों के समागम के अन्य स्थान में प्रवेश करना और उसका निरीक्षण करना विधिपूर्ण होगा।
25 लावारिस सम्पत्ति को पुलिस अधिकारी अपने भारसादन में लें तथा इसकी सूचना मजिस्ट्रेट को दे तथा नियमानुसार उस सम्पत्ति को निस्तारित करेगें।
30 लोक जमाव व जूलूसों को विनियमित करने और उसके लिए अनुमति देने की शक्ति।
30 क उपरोक्त अनुमति की शर्तो के उल्लघंन करने पर थानें के भारसादक अधिकारी तथा अन्य अधिकारियों को जूलूस या किसी जमाव का बिखरने या रोके जाने का आदेश देने की शक्ति है।
31 सार्वजनिक सड़कों एवं मार्गो, आम रास्तों, घाटों एवं सार्वजनिक स्थलों पर व्यवस्था बनाये रखने का कर्तव्य।
34. किसी व्यक्ति द्वारा किसी ढोर का वध करने, उसे निर्दयता से मारने या यातना देने, ढोर गाड़ी से यात्रियों को बाधा पहुँचाने, मार्ग पर गंदगी व कूड़ा फेंकने, मत वाले, या अन्य उपद्रवी व्यक्तियों व शरीर का अशिष्ट प्रदर्शन करने पर किसी पुलिस अधिकारी के लिए यह विधिपूर्वक होगा, कि वह ऐसे किसी व्यक्ति को बिना वारण्ट के अभिरक्षा में लें ले।
34 क उपरोक्त अपराध के शमन करने की शक्ति राजपत्रित अधिकारियों में निहित है।
47 ग्राम चैकीदारों पर प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण का दायित्व।

2.2 पुलिस रेगुलेशुन:-

प्रस्तर कर्तव्य
12 से 16 पुलिस अधीक्षक, जिले के पुलिस बल के प्रधान होते हैं, वे अधीनस्थ पुलिस बल की दक्षता, अनुशासन एवं कर्तव्यों के पालन के लिए दायित्वहीन होते है। मजिस्ट्रेट और पुलिस बल के मध्य सभी समव्यवहार पुलिस अधीक्षक के माध्यम से ही किये जाते है।
पुलिस अधीक्षक     पुलिस अधीक्षक यदि मुख्यालय पर उपस्थित हो तो जनता की समस्या सुनने के लिए कार्यालय में बैठेगें। उन्हें स्वतन्त्रतापूर्वक वैचारिक संसूचना के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। सूचना के जितने साधन होतें है, तद्नुरूप उनकी दक्षता होगी। पुलिस पेंशनर्स के सम्पर्क होना चाहिए और उन्हें विर्निदिष्ट रीति से जिले में थानों एवं पुलिस लाइन का निरीक्षण करना चाहिए। आबकारी विषयों पर आयोजित होने वाले वार्षिक समारोह में पुलिस अधीक्षक की व्यक्तिगत मौजूदगी एवं पर्यवेक्षण आवश्यक है।
17 अपर पुलिस अधीक्षक एवं उपाधीक्षक    पडोसी जनपदों के पुलिस अधीक्षकों से यथा सम्भव वर्ष में 01बार भेंट आवश्यक है। पुलिस अधीक्षक द्वारा शासकीय आदेश की पुस्तिका में जिले का प्रभार सौंपे जाने वाले राजपत्रित अधिकारी द्वारा गोपनीय ज्ञापन तैयार किये जाने सम्बन्धित अन्तर्विष्ट अनुदेशों का अनुसरण किया जाना चाहिए।
18 से 23 प्रतिसार निरीक्षक अपर पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस उपाधीक्षक के द्वारा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर किसी भी उस कार्य को किया जाता है, जो व्यक्तिगत रूप से विधि व नियमों द्वारा पुलिस अधीक्षक के लिए बाध्यकारी न हो।
24 रिजर्व सब इंस्पेक्टर प्रतिसार निरीक्षक के रिजर्व पुलिस लाइन के भारसाधक अधिकारी होते है, जोकि  जवानों की साज-सज्जा, अनुशासन एवं प्रशिक्षण के उत्तरदायी होगें, आयुध एवं बारूद की सुरक्षित अभिरक्षा के लिए उत्तरदायी होते हैं।
40 से 43 सर्किल इंस्पेक्टर रिजर्व सब इंस्पेक्टर प्रतिसार निरीक्षक की सहायता हेतु नियुक्त होते है जो गार्द स्कोर्ट को निर्देशित करने यातायात नियंत्रण तथा कानून एवं व्यवस्था के सम्बन्ध में प्रतिसार निरीक्षक द्वारा आदेशित प्रत्येक आवश्यक कार्य करेगे। 
43 से 50 थानाध्यक्ष सर्किल इंस्पेक्टर के कर्तव्यों के सम्बन्ध में उल्लेख है, जिसमें उसका प्रमंुख कर्तव्य जांच पडताल की देखभाल और अपराध का निवारण करना, पुलिस क्षेत्र मे निवारण और अनुवेक्षण कार्यो में सामजंस्य रखना थानों का निरीक्षण करना सभी महत्वपूर्ण विषयों घटनास्थलों का निरिक्षण व अनवेषण में मार्गदर्शन करना स्वंय अनवेषण में मार्गदर्शन करना, स्वयं अनवेषण करना, क्षेत्र की मासिक रिपोर्ट तैयार करना, पुलिस अधीक्षक को प्रत्येक घटना की सूचना देना, लाइसेन्सी दुकानों का निरीक्षण करना, अधीनस्थ पुलिस के आचरण की निगरानी करना, अपराधों का दमन और सामंजस्य बनाये रखने के उत्तरदायित्व से निरन्तर आबद्व रहना। वर्तमान में सर्किल इस्पेक्टर का पद विभाग में नहीं है, इन कार्यो का निर्वहन क्षेत्राधिकारी के द्वारा यथानिर्देशित रूप में किया जाता है।  
51 थानाध्यक्ष अपने प्रभार की सीमा के अन्तर्गत पुलिस प्रशासन का संचालन करता है तथा बल की सभी शाखाओं पर प्राधिकार रखता है, वह सभी रजिस्टरों, अभिलेखों, विवरणियों और रिपोर्टो की शुद्वता के लिए अधीनस्थों के प्रति दायित्वाधीन होगा तथा क्षेत्र के सभी सभ्रान्त व्यक्तियों से सुपरिचित एवं उनके प्रति मैत्रीपूर्ण सहयोग सुनिश्चित करना चाहेगे, उसे थाने की परिधि के अन्दर बुरे व्यक्तियों की निगरानी समुचित तरीके से करते रहना चाहिए, थाने पर किसी भी अधिकारी के उपस्थित न होने पर सीनियर कां0 थाने का भार साधक अधिकारी होगा, किन्तु तफ्तीश नहीं करेगा।
55 थाने के द्वितीय अफसर का कर्तव्य प्रात: कालीन परेड कराना, भार साधक अधिकारी द्वारा सौपें गये समस्त निर्देशों को अधीनस्थों को बताना, अन्वेषण करना होता है।
61 से 64 बीट आरक्षी हेड मुहर्रिर के कर्तव्य:-
65 से 69 सशस्त्र पुलिस 1.रो0आम0 और अपराधों की प्रथम सूचना लिखना।
79 से 83 घुडसवार 2.हिन्दी रोकण बही (पुलिस फार्म नं0 224)।

2.3 दण्ड प्रक्रिया संहिता:-

जा0फौ0 की धारा अधिकारियों/कर्मचारियों के कर्तव्य
36 पुलिस थाने के भारसाधक अधिकारी से वरिष्ठ पुलिस अधिकारी जिस थाने क्षेत्र में नियुक्त है, उसमे सर्वत्र उन शक्तियों का प्रयोग कर सकते है, जिनका प्रयोग अपने थाने की सीमाओं के अन्दर थाने के भारसाथक अधिकारी द्वारा किया जाता है।
41 बिना वारण्ट के गिरफ्तारी निम्नलिखित दशाओं में करने की शक्तियाँ :-
42 1.संज्ञेय अपराध दशा में
47 2.कब्जे से गृह भेदन का उपकरण
48 3.उद्घोषित अपराधी
49 4.चुराई गयी सम्पत्ति की सम्भावना
50 5.पुलिस अधिकारी के कर्तव्य पालन में बाधा
51 6.सशस्त्र बलों का भगोड़ा
52 7.भारत के बाहर, भारत में दण्डनीय किया गया अपराध
53 8.छोड़े गये सिद्वदोष बन्दी द्वारा नियम उल्लघंन पर
54 9.वांछित अपराधी
56 नाम और निवास बताने से इंकार करने पर गिरफ्तारी
57 उस स्थान की तलाशी जिसमें ऐसा कोई व्यक्ति प्रविष्ट हुआ है जिसकी गिरफ्तारी की जानी है।
58 गिरफ्तार करने के लिए प्राधिकृत पुलिस अधिकारी को उस व्यक्ति को गिरफ्तार करने की शक्ति
60 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को उतने से अधिक अवरूद्व नहीं किया जायेगा, जितना कि उसके निकल भागने से रोकने के लिए आवश्यक है। 
100 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को गिरफ्तारी के आधारों एवं जमानत के अधिकार की सूचना दिया जाना चाहिए।
102 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति की तलाशी
129 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति से अक्रामक आयुधों को अधिग्रहण करने की शक्ति
130 पुलिस अधिकारी के आवेदन पर रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा अभियुक्त का चिकित्सीय परीक्षण किया जाना।
131 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के आवेदन पत्र पर रजिस्ट्रीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा अभियुक्ता का चिकित्सीय परीक्षण किया जाना।
132 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को अनावश्यक विलम्ब के बिना अधिकारिता मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत करना।
149 गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को 24 घण्टें से अधिक पुलिस अभिरक्षा में निरूद्व न रखना।
150 गिरफ्तार बिना वारण्ट गिरफ्तारियों की सूचना कार्यकारी मजिस्ट्रेट को देना।
151 अभिरक्षा से भागे अभियुक्तों को सम्पूर्ण भारत में कहीं भी गिरफ्तारी की शक्ति
152 बन्द स्थान के भारसाधक व्यक्ति, उस अधिकारी को जो वारण्ट का निष्पादन कर रहा है, तलाशी लेने देगें।                                                               
153 ऐसी वस्तु को अभिग्रहित करने की शक्ति, जिनके सम्बन्ध में चोरी होने का संदेह हो
154 उस निरीक्षक व उससे उच्च समस्त अधिकारियों को पुलिस बल के प्रयोग द्वारा जमाव को तितर-बितर करने की शक्ति।
155 ऐसे जमाव को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बल का प्रयोग
156 जमाव को तितर-बितर करने के लिए सशस्त्र बल के राजपत्रित अधिकारियों की शक्ति ।
160 धारा 129, 130. 131.के अधीन सद्भावनापूर्वक किये गये कार्यो के संदर्भ में अभियोजन से संरक्षण
161 प्रत्येक पुलिस अधिकारी किसी संज्ञेय अपराध के किये जाने का निवारण करेगा।
165 संज्ञेय अपराधों के किये जाने की परिकल्पना की सूचना
166 उक्त के संदर्भ में बिना वारण्ट गिरफ्तारी का अधिकार
167 लोक सम्पत्ति की क्षति रोकने का अधिकार
169 खोटे बाट मापों का निरीक्षण/अधिग्रहण
170 संज्ञेय अपराध की सूचना प्राप्त होने पर थाने के भारसाधक अधिकारी के निर्देशानुसार लेखबद्व की जायेगी। सूचना को अभिलिखित करने से इंकार करने पर किसी व्यक्ति द्वारा सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक को ऐसी सूचना डाक द्वारा दी जा सकती है।
172 असंज्ञेय मामलांे में थाने के भारसाधक अधिकारी को ऐसी सूचना का सार सम्बन्धित पुस्तिका में प्रविष्ट करायेगा और सूचना देने वाले को मजिस्ट्रेट के पास जाने के लिए निर्दिष्ट करेगा।
175 संज्ञेय मामलों में अनवेषण करने की पुलिस अधिकारी शक्ति
176 अन्वेषण के अन्तर्गत साक्षियों का परीक्षण किये जाने की शक्ति

2.4 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मानव अधिकार संरक्षण सम्बन्धी निर्देश:-

भारतीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा डी0के0 बसु बनाम प0बंगाल राज्य के वाद के निर्णय में गिरफ्तारी या निरूद्वीकरण के प्रकरणों में पुलिस जनों को निम्नलिखित दायित्व अवर्धारित किये गये हैः-

  1. गिरफ्तारी के समय गिरफ्तारकर्ता पुलिस अधिकारी को अपने पद सहित नाम पट्टिका धारण की जानी चाहिए, गिरफ्तारी का सम्पूर्ण विवरण एक रजिस्टर में अंकित किया जाये।
  2. गिरफ्तारी की फर्द मौके पर ही तैयार की जायेगी, जो क्षेत्र के सभ्रान्त व्यक्ति अथवा गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य द्वारा सत्यापित होगी। गिरफ्तार के व्यक्ति के प्रति पर हस्ताक्षर होगें व एक प्रति उसे निःशुल्क दी जायेगी।
  3. पुलिस अभिरक्षा में उसे अपने रिश्तेदार या मित्र से मिलने दिया जायेगा तथा उसकी गिरफ्तारी की सूचना उसके निकट सम्बन्धी को दी जायेगी।
  4. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के रिश्तेदार को निरूद्व रखने के स्थान के बारे में बताया जायेगा।
  5. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति को अवगत कराया जायेगा कि उसे अपनी गिरफ्तारी के सम्बन्ध में सूचित करने का अधिकार है।
  6. गिरफ्तारी की सूचना थाने के गिरफ्तारी रजिस्टर में अंकित किया जायेगा।
  7. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति के अनुरोध पर उसका चिकित्सीय परीक्षण करायेगा।
  8. गिरफ्तार किये गये व्यक्ति की पुलिस अभिरक्षा में 48 घण्टें पर प्रशिक्षित डाक्टर से चिकित्सीय परीक्षण कराया जायेगा।
  9. गिरफ्तारी के सभी अभिलेखों की प्रतियाँ क्षेत्रीय दण्डाधिकारी के पास भेजी जायेगी।
  10.  जाँच काल में गिरफ्तार व्यक्ति को अपने अधिवक्ता से मिलने की अनुमति दी जा सकती है।
  11. गिरफ्तारी की सूचना जनपद के नियंत्रण कक्ष में नोटिस बोर्ड पर भी अंकित की जायेगी।

2.5 अपर पुलिस अधीक्षक के कर्तव्य एवं दायित्व:-   

पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के परिपत्र संख्या: 35/2005 दिनांक 09.07.2005 के द्वारा जनपद नियुक्त के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक की शक्ति एवं दायित्वों का निर्धारण किया गया है।

2.5(1) कर्तव्य:-

2.5(1)1 संगठित अपराधियों के विरूद्व कार्यवाही सम्बन्धी:-

  1. संगठित अपराधियों तथा भाडे पर हत्या, फिरौती हेतु अपहरण, रोड-होल्डअप, बैंक डकैती, आटोलिफ्टर, मादक पदार्थो की तस्करी करने वाले, हवाला व्यापार करने वाले, नक्सलवादी गैंग एवं राष्ट्र विरोधी तत्व, माफिया आदि को चिन्हित कर गैंगवार सूची तैयार करना एवं तद्सम्बन्धी समस्त सूचनाएं संकलित कर उन्हें पंजीकृत कराने हेतु अग्रेतर कार्यवाही करना।
  2. पंजीकृत अपराधियों का डोजियर तैयार करना।
  3. संगठित अपराधियों के विरूद्व कार्ययोजना तैयार करके, जनपदीय पुलिस अधीक्षक के अनुमोदन से प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना।
  4. संगठित अपराधियों की गिरफ्तारी होने पर विस्तृत पूंछतांछ आख्या तैयार करना।

2.5(1)2 सक्रिय एवं वांछित अपराधी सम्बन्धी:- 

  1. सक्रिय एवं वांछित अपराधियों की सूची तैयार करना, हिस्ट्रीशीट खोलवाना, गिरफ्तारी हेतु कार्ययोजना बनाकर दबिश दिलवाना।
  2. फरार अपराधियों के विरूद्व पुरस्कार घोषित करवाना।

2.5(1)3 आपराधिक अभिसूचना का एकत्रीकरण:- 

  1. पेशेवर अपराधियों की अभिसूचना एकत्रीकरण हेतु श्रोत बनाना।
  2. जेल में बन्द पेशेवर अपराधियों की जानकारी करना।
  3. जेल से छूटने वाले पेशेवर अपराधियो की निगरानी।
  4. अन्य माध्यमों से अपराधिक सूचना एकत्रीकरण।

2.5(1)4 विशेष अपराधों के सम्बन्ध में:-

  1. समस्त विशेष अपराधों के घटनास्थल का निरीक्षण।
  2. क्षेत्राधिकारी द्वारा की जा रही विवेचनाओं का पर्यवेक्षण।
  3. क्षेत्राधिकारी द्वारा की जा रही विवेचना वाले एस0आर0 केस, राजनीतिक हत्या, दो या दो से व्यक्तियों की हत्या, बलात्कार के साथ हत्या, ऐसी हत्या जो सामान्य कानून को प्रभावित करती जो, डकैती, फिरौती हेतु अपहरण, हत्या सहित लूट, सनसनीखेज लूट, पुलिस अभिरक्षा से पलायन, पुलिस अभिरक्षा में मृत्यु, गैगेस्टर के केसों को छोड़कर शेष समस्त एस0आर0 केस की क्रमागत आख्या का अनुमोदन (प्रथम व अन्तिम को छोड़कर) अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा किया जायेगा। 
  4. क्षेत्र के थाना प्रभारियों एवं क्षेत्राधिकारियों के मध्य समन्वयन स्थापित करना।
  5. फिक्स पिकेट एवं गश्त की योजना बनाकर प्रभावी व्यवस्था करना।
  6. क्षेत्र के समस्त थानों का प्रत्येक माह अर्दलीरूम करना।

2.5(1)5 अभियोजन:-

न्यायालय में लम्बित वादों की प्रभावी पैरवी, पैरोकार/कोर्ट मोहर्रिर की मासिक तथा सेशन ट्रायल अभियोगों में विमुक्त आख्या का विश्लेषण करना।

2.5(2) अपर पुलिस अधीक्षक के अधिकार:-

2.5(2)1 स्थानान्तरण सम्बन्धी:-

 पुलिस महानिदेशक, उ0प्र0 के अशा0 पत्रांक: एक-252-84 दिनांक 08.01.1985 के प्रस्तर 05 के बिन्दु संख्या 04 में निहित निर्देशों के अनुरूप कार्यवाही स्थानान्तरण के सम्बन्ध में की जायेगी।

2.5(2)2 वार्षिक मन्तव्य सम्बन्धी:-

शासनादेश संख्या: 1460/छः-पु-99-51 डी0टी0 के अनुसार वार्षिक मन्तव्य का अंकन करना।

2.5(2)3 दण्ड सम्बन्धी:-

अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रचलित नियमावली के अनुरूप अपने अधीनस्थ पुलिस कर्मियों के विरूद्व जाँच करायी जा सकती है, परन्तु जाँच आख्याओं पर दण्ड, पत्रावली खोलवाने का अधिकार जनपदीय पुलिस अधीक्षक का ही होगा।

2.6 संसद व विधान मण्डल द्वारा समय पर पारित अन्य विधि अधिनियमों और शासनादेशों द्वारा प्रदत्त शक्तियाँ या उनसे अपेक्षित कर्तव्य:-

संसद व विधान मण्डल द्वारा समय-समय पर पारित अन्य अधिनियमों व शासन एवं उच्चाधिकारी स्तर से समय-समय पर निर्गत आदेशों व निर्देशों द्वारा भी पुलिस बल को दिशा निर्देश प्राप्त होते रहते है, जिनके आधार पर पुलिस बल से अपेक्षित कार्यो का संपादन किया जाता है।

3.    निर्णय लेने की प्रक्रिया की कार्यविधि के पर्यवेक्षण व उत्तरदायित्व के स्तर:- 

3.1    अनुसंधान/विवेचना:-   

क्र0सं0 कार्यवाही कार्यस्तर अवधि
1. प्रा0सू0रि0 का पंजीकरण 154जा0फौ0के अनुसार संज्ञेय अपराध प्राप्त होने पर थाने के भारसाधक अधिकारी द्वारा निर्देशानुसार लेखबद्व की जायेगी। सूचना की प्रतिलिपि सूचनादाता को निःशुल्क दी जायेगी। भारसाधक अधिकारी द्वारा सूचना को अभिलिखित करने से इंकार करने पर किसी व्यक्ति द्वारा सम्बन्धित पुलिस अधीक्षक को ऐसी सूचना डाक द्वारा दी जा सकती है। अविलम्ब
2. साक्षियों का परीक्षण 161 जा0फौ0 के अनुसार यथाशीघ्र
3. अन्वेषण द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण जा0फौ0 के अनुसार यथाशीघ्र
4. पर्यवेक्षण अधिकारी द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण विशेष अपराधियों की स्थिति में सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी व अन्य पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा घटनास्थलों का निरीक्षण किया जाता है। यथाशीघ्र
5. साक्ष्य संकलन जा0फौ0 के अनुसार कार्यवाही यथशीघ्र
6. नक्शा नजरी तैयार करना जा0फौ0 के अनुसार निरीक्षण के समय
7. अभियुक्तों की गिरफ्तारी जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
8. संस्वीकृति का लिखा जाना जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
9. पुलिस/न्यायिक अभिरक्षा का रिमाण्ड प्राप्त करना जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
10. तलाशी जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
11. निरूद्व जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
12. अभियोग दैनिकी का तैयार किया जाना जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त
13. आरोप पत्र का दाखिला जा0फौ0 के अनुसार उपरोक्त

 3.2  नियन्त्रण कक्षः-

जनपद फतेहपुर का जनपद नियंत्रण कक्ष, कमाण्ड और कन्ट्रोल संघटक के रूप में जनपद के तंत्रिका तन्त्र की तरह कार्य करता है। जो कानून-व्यवस्था, अपराध, यातायात समस्या व अन्य संगत समस्याओं की सूचना प्राप्त करता है तथा स्थानीय पुलिस को उस स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक निर्देश देता है। बाढ़ व अन्य दैवीय आपदाओं के सम्बन्ध में तत्परता से कार्य करता है। जनपद में वर्तमान में जनपद नियंत्रण कक्ष एवं नगर नियंत्रण कक्ष स्थापित है। 

क्र0सं0 नियंत्रण कक्ष टेलीफोन नम्बर कार्य
1. जनपद नियंत्रण कक्ष 100 जनपद के सम्बन्ध में सूचनाओं को प्राप्त कर तद्नुसार कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को तत्काल अवगत कराया जाता है, थानों के अतिरिक्त दो फायर सर्विस स्टेशन खागा एवं बिन्दकी है, जिनसे सम्बन्धित सूचना प्राप्त होने पर तत्काल अवगत कराया जाता है।
2. नगर नियंत्रण कक्ष   जनपद के थाना कोतवाली नगर, मलवाँ, हुसैनगंज एवं फायर सर्विस स्टेशन नगर से सम्बन्धित सूचनाओं को प्राप्त कर तद्नुसार कार्यवाही हेतु सम्बन्धित को तत्काल अवगत कराया जाता है।

 

इस नियंत्रण कक्षों पर 24 घण्टे कन्ट्रोल रूम आपरेटर की नियुक्ति रहती है, जिनके द्वारा प्राप्त एवं दी गयी सूचना को तत्काल लाग बुक में अंकित कर सम्बन्धित को कार्यवाही हेतु सूचित किया जाता है, वर्षाकाल में बाढ़ नियंत्रण कक्ष की भी स्थापना आवश्यकतानुसार की जाती है।

1.3 शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया:-

1.3(1) थानों पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रिया:-   

क्र0सं0 कार्य किसके द्वारा कार्यवाही होगी कार्यवाही की समयावधि
1. थाने पर प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने पर उसकी प्राप्ति स्वीकार करना थानाध्यक्ष/दिवसाधिकारी/उपस्थित तत्काल
2. प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करने वाले का नाम आगन्तुक रजिस्टर में अंकित करना। दिवसाधिकारी/उपस्थित कान्स0 क्लर्क अविलम्ब
3. प्रार्थना पत्र को जन शिकायत रजिस्टर में अंकित करना उपस्थित कान्स0 क्लर्क द्वारा अविलम्ब
4. जाँच अधिकारी नियुक्त करना व जाँच हेतु सौंपना थाना प्रभारी द्वारा एक दिवस
5. जाँच अधिकारी मौके पर जाकर जाँच करना व आवश्यक कार्यवाही करके रिपोर्ट देना जाँच अधिकारी द्वारा 05 दिवस
6. थानाध्यक्ष द्वारा जाँच की समीक्षा करना थानाध्यक्ष द्वारा एक दिवस
7. जाँच रिपोर्ट पर अग्रेतर कार्यवाही यदि आवश्यक हो तो कराना थानाध्यक्ष द्वारा अविलम्ब
8. जाँच रिपोर्ट का रख-रखाव सम्बन्धित कान्स0 क्लर्क द्वारा एक वर्ष

3.3(2) पुलिस अधीक्षक को डाक से प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रिया:-

क्र0 सं0 कार्य किसके द्वारा कार्यवाही होगी कार्यवाही की समयावधि
1. पुलिस अधीक्षक कार्यालय की प्रधान लिपिक शाखा में उसकी प्रति स्वीकार करना सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब
2. पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं या इस कार्य हेतु निमित्त राजपत्रित अधिकारी द्वारा लिफाफे को खोला जाना निमित्त राजपत्रित अधिकारी (क्षेत्राधिकारी मुख्यालय) द्वारा एक दिवस
3. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी की जाँच एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित करना। निमित्त राजपत्रित अधिकारी द्वारा एक दिवस
4. प्रार्थना पत्र को डाक बही में अंकित करना सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब
5. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन कर या तो स्वयं जाँच हेतु रखना या सम्बन्धित थानाध्यक्ष को जाँच हेतु भेजना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा 02 दिवस
6. क्षेत्राधिकारी कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा आर्डर बुक करना क्षेत्राधिकारी कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा 02 दिवस
7. सम्बन्धित थानाध्यक्ष द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन कर या तो स्वयं जाँच करना, सम्बन्धित उ0नि0/बीट आरक्षी को जाँच हेतु भेजना थानाध्यक्ष द्वारा 02 दिवस
8. जाँच अधिकारी द्वारा मौके पर जाकर जांच करना व आवश्यक कार्यवाही करके रिपोर्ट देना जाँच अधिकारी द्वारा 08 दिवस
9. थानाध्यक्ष जाँच रिपोर्ट की समीक्षा करके सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी को प्रेषित करना थानाध्यक्ष द्वारा अविलम्ब
10. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा जाँच सही पाये जाने पर जाँच रिपोर्ट दाखिल दफ्तर किया जाना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा अविलम्ब

11.

जाँच रिपोर्ट का रख-रखाव क्षेत्राधिकारी कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा 02 वर्ष

 3.3(3) पुलिस अधीक्षक को शासन, आयोगों व अन्य उच्च अधिकारियों के स्तर से प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रिया:-

क्र0 सं0 कार्य किसके द्वारा कार्यवाही होगी कार्यवाही की समयावधि
1. पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन करके सम्बन्धित अ0पु0अ0/क्षेत्राधिकारी या थानाध्यक्ष को जाँच हेतु आदेशिका करना पुलिस अधीक्षक द्वारा एक दिवस
2. प्रार्थना पत्र को डाक बही रजिस्टर में अंकित करना व सम्बन्धित को जाँच हेतु प्रेषित करना सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब
3. सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी/थानाध्यक्ष द्वारा प्रार्थना पत्र का परिशीलन कर स्वयं जाँच करके आवश्यक कार्यवाही करना व रिपोर्ट देना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी/ थानाध्यक्ष द्वारा 07 दिवस
4. क्षेत्राधिकारी/थानाध्यक्ष कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा आर्डर बुक करना क्षेत्राधिकारी/थानाध्यक्ष कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा अविलम्ब
5. पुलिस अधीक्षक द्वारा जाँच रिपोर्ट का परिशीलन करके सही पाये जाने पर सम्बन्धित को रिपोर्ट प्रेषित करना पुलिस अधीक्षक द्वारा 02 दिवस
6. जाँच रिपोर्ट का रख-रखाव पुलिस अधीक्षक के गोपनीय कार्यालय के कान्स0 क्लर्क द्वारा 02 वर्ष

3.3(4) थाना पंचायत दिवस में थाना स्तर पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों के निस्तारण की प्रक्रिया:-

(उ0प्र0 शासन के पत्र संख्या: 2021पी/छः-पु-3/2005 दिनांक 21.06.2005 गृह (पुलिस) अनुभाग-3 के अनुसार थाना पंचायत दिवस में प्राप्त जन समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया)

जन समस्याओं का स्थानीय स्तर पर निस्तारण किया जाना शासन की सर्वोच्य प्राथमिकता है। शासन द्वारा यह अनुभव किया जा रहा है, कि अधिकारियों से मिलने के समय केवल पीड़ित पक्ष अपना पक्ष प्रस्तुत करता है परन्तु उसकी समस्या का समाधान तब तक सम्भव नहीं हो सकता है, जब तक कि दोनों पक्षों को एक साथ बुलाकर उनका पक्ष जानकर साम, दण्ड, भेद की नीति के पंचायती तरीके से सुलझाने का प्रयास न किया जाये। इसके लिए थाना सर्वाधिक उपयुक्त स्थल हो सकता है, क्योंकि अधिकांश समस्यायें भूमिवाद, सर्कस व्यक्तियों द्वारा उत्पीड़न, शारीरिक हिंसा तथा जोर जबरदस्ती से सम्बन्धित होती है।

  1. थाना स्तर पर उभय पक्ष तथा राजस्व एवं पुलिस विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति में पक्षकारों की एक साथ सुनवायी कर पंचायती तरीके से अधिकांश समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निदान सम्भव हो सकता है।
  2. थाना स्तर पर जन सामान्य के प्रति संवेदनशीलता का अभाव होने और लोगों के मन में थाना जाने के प्रति भय की भावना विद्वमान होने के कारण यह आवश्यक है कि इस प्रकार की कार्यवाही के दिन प्रत्येक थानें पर एक राजपत्रित अधिकारी भी उपस्थित रहें। इस अवसर पर थानाध्यक्ष व पुलिस के विरूद्व यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है तो उक्त अधिकारी उसका संज्ञान लेकर पुलिस अधीक्षक/जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट भेज सकते है, इससे लोगों का थाने पर जाने में संकोच हटेगा तथा इनमें थाना जाने के प्रति व्याप्त भय की भावना भी समाप्त होगी और थानें में प्रभुत्व एवं अधिकारिता के माहौल में पंचायती ढंग से समस्याओं को निपटाने का प्रयास अपेक्षाकृत अधिक परिणाम दायक हो सकता है।
  3. इस उद्देश्यों की पूर्ति हेतु थाना पंचायत दिवस का आयोजन कराये जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है, इस सम्बन्ध में निम्नवत् कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।

(a)     प्रत्येक शनिवार को थाना पंचायत दिवस का आयोजन प्रात: 10:00 बजे से किया जाये और उस दिन समस्त राजस्व एवं पुलिस कर्मी थाने पर उपस्थित रहेंगें।

(b)     थाना पंचायत दिवस के अवसर पर उपस्थित होकर नेतृत्व प्रदान करने हेतु राजस्व एवं पुलिस विभाग के समस्त राजपत्रित अधिकारियों का एक रोस्टर बनाया जाये, जो प्रत्येक त्रैमास बदला जाया करेगा।

(c) थाना पंचायत दिवस के अवसर पर प्राप्त शिकायतों में उभय पक्ष की उपस्थिति सुनिश्चित कराकर राजस्व एवं पुलिस विभाग के कर्मचारियों की उपस्थिति में उनका पक्ष जानकर आपसी सहमति से समस्या का निराकरण किया जायेगा। ऐसे निस्तारित प्रत्येक मामलें का इन्द्रराज जी0डी0 में किया जायेगा, ताकि भविष्य में इसी सम्बन्ध में पुन: शिकायत का अवसर उत्पन्न होने पर उक्त इन्द्रराज के आधार पर वैधानिक कार्यवाही करना सम्भव हो सके।

(d)   जिन मामलों में मौका मुयाना की आवश्यकता हो उसमें 12:00 बजे के बाद पुलिस व राजस्व कर्मियों की टीमें गठित कर मौके पर भेजी जायेगी। महत्वपूर्ण प्रकरणों में थानाध्यक्ष, तहसीलदार, उपजिला मजिस्ट्रेट तथा क्षेत्राधिकारी की टीमें मौके पर जायेगी और मौका निरीक्षण कर उभय पक्ष की आपसी सहमति से समस्या का निराकरण करेगें।

(e) थाना पंचायत दिवस में प्रधानों की भी उपस्थिति करायी गयी है, इससे समस्याओं के निराकरण में सुविधा रहेंगी।

(f) थाना पंचायत दिवस का पूरा लाभ जनसामान्य को मिल सके, इसके लिए सभी सम्भव उपायों द्वारा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये।

(g)    इस सम्बन्ध में प्रगति समीक्षा में जिलाधिकारी एवं मण्डलायुक्त के स्तर पर की जायेगी। उनके द्वारा शासन को भी प्रतिमाह अवगत कराया जायेगा।

3.3(5) फायर सर्विस इकाई द्वारा किये जाने वाले निरीक्षणों की प्रक्रिया:- 

क्र0सं0 प्रतिष्ठान पत्र/आदेश प्राप्ति का स्थान निरीक्षण (द्वारा) समयावधि
1. पेट्रोल/डीजल पम्प जिलाधिकारी कार्यालय से अग्निशमन अधिकारी 15 दिवस
2. पेट्रोल/डीजल (फुटकर डीजल/पेट्रोल) जिलाधिकारी, जिलापूर्ति कार्यालय से प्रभारी अग्निशमन अधिकारी उपरोक्त
3. गैस एजेन्सी उपरोक्त उपरोक्त उपरोक्त
4. विस्फोटक जिलाधिकारी कार्यालय से उपरोक्त उपरोक्त
5. सिनेमा हाल जिलाधिकारी/मनोरंजन अधिकारी कार्यालय से उपरोक्त उपरोक्त
6. होटल/लाॅंज/रेस्टोरेन्ट जिलाधिकारी/पर्यटन अधिकारी कार्यालय उपरोक्त उपरोक्त
7. व्यवसायिक भवन कार्यालय विकास प्राधिकरण/आवास विकास निगम उपरोक्त उपरोक्त
8. फैक्ट्री कार्यालय जिला उद्योग  केन्द्र उपरोक्त उपरोक्त

 

3.3(6) जनपद फतेहपुर में यातायात नियम:-

3.3(6)1  जनपद फतेहपुर में वाहनों के प्रवेश एवं संचालन के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक का आदेश:-

(1)     भारी व्यवायिक वाहन:-

  1. प्रात: 08:00 बजे से 20:00 बजे तक यह प्रतिबन्ध लागू होगें।
  2. भारी वाहनों का प्रवेश आवश्यक दशाओं के अतिरिक्त प्रतिबन्धित होगा।
  3. कानपुर से इलाहाबाद जाने वाले वाहन आवश्यक दशा में सीघे नेशनल हाईवे से जायेगें।
  4. बांदा से कानपुर या इलाहाबाद जाने वाले वाहन जोनिहा चैराहा, फतेहपुर ओवर ब्रिज से होते हुए नेशनल हाईवे से कानपुर या इलाहाबाद को जायेगें।
  5. फतेहपुर से लखनऊ से जाने वाले वाहन बाकरगंज होते हुए हुसैनगंज बाईपास से रायबरेली, लखनऊ के लिए जायेगें।
  6. नगर क्षेत्र में चैक चैराहा से बाकरगंज चैकी व कचेहरी रोड, वर्मा चैराहा, स्टेशन रोड व कोतवाली रोड, ज्वालागंज बस स्टाप व जोनिहा चैराहा, राधानगर चैराहा और शहर के अन्दर कोई भी भारी वाहन माल का चढान एवं उतरान नहीं करेगा, पकड़े जाने पर उसके मालिक के विरूद्व दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।
  7. समस्त ट्रान्सपोर्टर सड़को पर वाहन खडे करके सुधार, साफ सफाई, रखरखाव नहीं करायेगें।
  8. समस्त मोटर गैरेज मालिक वाहनों का सुधार व रखरखाव अपने गैरेज सीमा में ही करेगें।
  9. खाली खडे व्यवसायिक वाहन, ज्वालागंज बस स्टाप, जोनिहा चैराहा, बिन्दकी बस स्टाप में खडे नहीं करेगें, बल्कि प्रतिक्षारत् वाहनों को ट्रान्सपोर्टर/वाहन मालिक अपने सुरक्षित स्थान पर खड़ा करेगें। वर्जित स्थानों पर वाहन खड़ा पाये जाने पर दण्डात्मक कार्यवाही की जायेगी।

(2)     यात्री वाहन:- 

  1. फतेहपुर ज्वालागंज बस स्टाप से नगर में प्रवेश करने वाले सभी वाहन बाकरगंज से होते हुए आबूनगर से नउवाबाग बाईपास में जाकर हाइवे रोड में मिलेगें और अपने जाने वाले स्थान कानपुर, बांदा के लिए जायेगी।
  2. ज्वालागंज बस स्टाप से बाकरगंज होते हुए उत्तरी बाईपास हुसैनगंज तिराहा होते हुए लालगंज, रायबरेली लखनऊ को वाहन जायेगें।
  3. ज्वालागंज बस स्टाप से चलकर फतेहपुर पूर्वी बाईपास होते हुए हाइवे रोड में मिलेगें तथा थरियाँव, खागा, इलाहाबाद को जायेगें।
  4. कस्बा बिन्दकी बस स्टाप से कानपुर रोड व बांदा सागर रोड व जहानाबाद होते हुए घाटमपुर, हमीरपुर को जायेगें।
  5. फतेहपुर से राधानगर होते हुए शाह, बहुआ, ललौली, चिल्ला, बांदा को सरकारी बसें चलती है।

3.      प्राइवेट बसें- 

  1. फतेहपुर देवीगंज बस स्टाफ से राधानगर होते हुए कस्बा गाजीपुर से बहुआ से मुत्तौर-दतौली होते हुए जमुना ब्रिज पार कर बांदा को जाती है।
  2. फतेहपुर देवीगंज से राधानगर होते हुए कस्बा गाजीपुर होकर असोथर-विजयीपुर को जाती है।
  3. फतेहपुर जोनिहा चैराहा से सहिली, जोनिहा से होते हुए जहानाबाद को जायेगें।
  4. फतेहपुर पक्का तालाब बस स्टाप से हुसैनगंज, छिवलहा, हथगाँव को जाती है।
  5. फतेहपुर ज्वालागंज बस स्टाप से पूर्वी बाईपास होते हुए खागा, नौबस्ता को जाती है।
  6. कस्बा खागा से रेलवे क्रासिंग के पास से खखरेरू, विजयीपुर व धाता के लिए जाती है।

(4)      दो पहिया वाहन:-

  1. नगर क्षेत्र में कहीं भी इस तरह नहीं खड़े किये जाये, जिससे यातायात बाधित हो, पकड़े जाने पर “व्हील क्लैप” से वाहन सीज किया जायेगा।
  2. जिन व्यवसायिकों व व्यवसायिक के स्वामी/कर्मचारी का वाहन सड़क/पैदल मार्ग पर खड़ा किया जायेगा, वाहन सीज किया जायेगा।

(5)     जीप टैक्सी:-

  1. फतेहपुर ज्वालागंज से टैक्सी/जीप खागा को जाने वाले वाहन किसी भी दशा में शहर के अन्दर प्रवेश नहीं करेगें।
  2. फतेहपुर ज्वालागंज बस स्टाप से टैक्सी/जीप कानपुर को जाने वाली किसी भी दशा में इस तरह खड़ा नहीं करेगें कि मुख्य मार्ग का यातायात किसी भी दशा में अवरूद्व न होने पाये।

(6)     नगर परिवहन तीन पहिया/रिक्शा:- 

  1. नगर पालिका  द्वारा स्वीकृत स्टैण्ड के अलावा नगर क्षेत्र में कहीं भी कोई टैम्पों/तीन पहिया वाहन/रिक्शा नहीं खड़ा होगा, न सवारी भरेगा व उतारेगा।
  2. सभी टैम्पों स्वामी/चालक प्रत्येक समय अपने साथ, अपने सभी अभिलेख पंजीकरण, प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेन्स, परमिट, रोड टैक्स, प्रदूषण युक्त प्रमाण पत्र वाहन की फिटनेस का प्रमाण पत्र मूलरूप में अपने साथ रखेगें।
  3. टैम्पों/तीन पहिया वाहन किसी भी दशा में न सवारी लटकायेगें/ओवर लोड करेगें और न ही किसी तरह से कोई मालभाडा लादेगें, जिससे मार्ग के अन्य यात्रियों को समस्या हो।
  4. तीन पहिया वाहन प्रत्येक दशा में अपने निर्धारित स्टैण्ड पर खडे होने, निर्धारित रूट पर चलेगें, बीच में पड़ने वाले चैराहों आदि पर सवारी की प्रतिक्षा में खड़े नहीं होगें।

(7)     विद्यालय के वाहन:- 

  1. स्कूलों में विद्यार्थियों को लें आने/जानें वाले स्थायी वाहन पीले रंग में पेन्ट होने चाहिए व बड़े-बडे़ अक्षरों में विद्यालय का नाम व फोन नम्बर अंकित होना चाहिए।
  2. विद्यालयों से सम्बद्व अन्य वाहन किसी भी दशा में निर्धारित सवारी संख्या से अधिक विद्यार्थी नहीं बैठायेगें। विद्यार्थियों के बैग/बस्ते या तो वाहन के भीतर रखे जायेगें या छत पर कैरियर बनाकर बैग/बस्ते रखेंगें, किसी भी दशा में वाहन के आगे बैग नहीं लटकायेगें।
  3. जिन विद्यालयों में रिक्शे पर बैंच लगाकर चलने वाले तीन पहिया रिक्शे चल रहे है, उन्हें असुरक्षित पाते हुए प्रतिबन्धित किया जाता है। ट्राली वाले विद्यालयीय रिक्शें ही अनुमान्य होगें।

परिशिष्ट-12

मोटर वाहन अधिनियम के अन्तर्गत अपराध का संयोजन/शासन प्रपत्र

 

बुक संख्या..............................................                            क्रम संख्या.................................

 

श्री/श्रीमती/सुश्री...................................................................पुत्र श्री/पुत्री/पत्नी...................................

निवासी/निवासिनी.........................................................थाना........................................जनपद........................................

वाहन..................................................................वाहन का नम्बर...............................ड्राइविंग लाइसेन्स नम्बर..............................................शमन किये जाने का दिनांक..................................समय........................शमन किये जाने का स्थान....................................................................।

 

 आप द्वारा उक्त दिनांक/समय/स्थान पर मोटर वाहन अधिनियम-1988 के अन्तर्गत निम्नलिखित धारा का उल्लघंन किया गया है, जो दण्डनीय है....................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................................

 

 कृपया कारण बताये, कि क्यों न आपके विरूद्व उक्त अपराध के लिए दण्डात्मक कार्यवाही की जाये। साथ ही साथ यह भी स्पष्ट करें, कि क्या आपको उक्त अपराध स्वीकार/अस्वीकार है। क्या इसके लिए मा0 न्यायालय में प्रतिवाद करेगें/नहीं करेगें।

 मुझे उक्त अपराध स्वीकार है तथा इसके लिए मा0 न्यायालय में प्रतिवाद नहीं करूंगा/करूंगी और उक्त प्रथम बार किये गये अपराध के लिए निर्धारित शमन शुल्क रू0............................शब्दों में(रू0...............................................................................................)स्वेच्छा से देने के लिए तैयार हूूॅं।

 

 शासकीय अधिसूचना संख्या: 618/6-पु-2-2006-200(3)/94/टी0सी0 दिनांक 29.06.2006 के अनुसार महामहिम श्री राज्यपाल, उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए उपरोक्त अंकों में रूपये.................................................................उक्त अपराधकर्ता से उसकी स्वीकरोक्ति पर नगद वसूल कर संयोजित किया गया है।

 

 

वसूला गया शमन शुल्क-                                    शमन अधिकारी के हस्ताक्षर

 

(1) अंको में...................................................................            नाम............................................................(2) शब्दों में...................................................................           क्षेत्र का नाम...........................................

हस्ताक्षर आरोपित पक्ष

पूरा पता................................................

................................................................

................................................................

 

अनुसूची 

क्र0 सं0 अपराध धारा/नियम जिसके अधीन अपराध विनिर्दिष्ट शमन धनराशि (रूपये में)
1. अन्य व्यक्ति को ड्राइविंग लाइसेन्स देना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा-6(2) 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 250 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
2. 12 माह से अधिक समय तक अन्य राज्य के पंजीकरण संख्या का उपयोग करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 क साथ पठित धारा 47 करने पर 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
3. माॅंग किये जाने पर ड्राइविंग लाइसेन्स प्रस्तुत करने में विफल रहना। मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 130(1)और धारा 177 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
4. 1-वाहन चलाते समय वाकमैन का उपयोग करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली-1989 के नियम 21 के उपनियम (6)(घ) और (25) 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
5. 2-वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली- 1989 का नियम 201 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
6. बिना हेलमेट के दो पहिया वाहन चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 119 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
7. ड्राइवर द्वारा यातायात नियमों का उल्लघंन किया जाना (यातायात) लाल/पीला प्रकाश लागातार) और बिना संकेतकों के गली बदलना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 121 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
8. ड्राइवर द्वारा विनिर्दिष्ट यातायात संकेतकों का उपयोग न करना मोटरयान अधिनियम-‘1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 128 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
9. तीन सवारी के साथ दो पहिया वाहन चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित धारा 122, 126 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
10. सार्वजनिक स्थान पर खतरनाक ढंग से यान को पार करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177  के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 138(3) 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 200 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
11. चार पहिया के यान ड्राइवर तथा आगे की सीट पर बैठने वाले सवारी द्वारा सीट बेल्ट का उपयोग न करना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 177 के साथ पठित केन्द्रीय मोटरयान नियमावली 1989 के नियम 50 एवं 51 100 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 300 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
12. 1-बिना नम्बर प्लेट के यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 179(1) 200 रूपये
13. 2-नम्बर प्लेट के विहित प्रारूप में न बना होना। अंको तथा अक्षरों का विहित रूप आकार में न होना। मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 179(2) 350 रूपये
14. विधि के अनुसार निर्देशों का अनुसरण न किया जाना। मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 180 के साथ पठित धारा-6 750 रूपये
15. असत्य सूचना देना अथवा सूचना छिपाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 181 के साथ पठित   धारा 4 350 रूपये
16. मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 3 एवं 4 के विरूद्व किसी अन्य व्यक्ति को अपना वाहन देना और चलाने की अनुमति देना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 161 के साथ पठित  धारा 3 350 रूपये
17. अवयस्क व्यक्ति द्वारा किसी सार्वजनिक स्थान पर वाहन चलाया जाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 183 के साथ पठित  धारा 12 300 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 700 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
18. सार्वजनिक स्थान पर बिना ड्राइविंग लाइसेन्स के यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 184 500 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 1000 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
19. विहित गति सीमा से अधिक गति से यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 186 के साथ पठित केन्द्रीय नियमावली-1989 200 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 350 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
20. मोटरयान खतरनाक रूप से चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 190(2) 1000 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 2000 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर
21. मानसिक अथवा शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति द्वारा यान चलाना मोटरयान अधिनियम-1988 की धारा 192 के साथ पठित  धारा 39 1000 रू0 प्रथम बार अपराध करने पर, 2000 रू0 द्वितीय बार या अनुवर्ती अपराध करने पर

 3.37 स्थानीय अभिसूचना इकाई द्वारा निर्णय लेने की प्रक्रिया:-

3.7.7.1 एफ0आर0ओ0(विदेशी पंजीकरण अधिकारी) के सम्बन्ध में:-

 जनपद के प्रभारी पुलिस अधीक्षक, एफ0आर0ओ0 होते है, जिनके पास/बंगलादेश व विदेशी नागरिकों के सम्बन्ध में अलग-अलग कर्तव्य हैं।

(अ) विदेशी शाखा/विदेशी नागरिकों के सम्बन्ध में:-

 पाकिस्तान व बंगलादेश को छोड़कर अन्य देशों के नागरिक विदेशी कहलाते है। विदेशी नागरिकों के मामलें में पुलिस अधीक्षक, विदेशी पंजीकरण अधिकारी की हैसियत से कार्य करते है। जनपद में विदेशी नागरिक 02 प्रकार के बीजा अवधि पर आते है। एक तो 180 दिन के कम के बीजा पर एवं दूसरे 180 दिन के अवधि से अधिक वीजा पर, विदेशी जो आते हैं। उनका पंजीकरण निम्न प्रकार होता है।

(1)    180 दिन से कम का बीजा लेकर जनपद में आये विदेशियों का पंजीकरण नहीं होता है, केवल सूचना विदेशियों द्वारा या जिनके यहाँ ठहरे है, के द्वारा दी जाती है।

(2)    180 दिन से अधिक के बीजा अवधि पर आये विदेशियों का 14 दिवस के अन्दर पंजीकरण होता है। जिसकी सूचना गृह मंत्रालय, नई दिल्ली व पुलिस अधीक्षक(एफ) वि0शा0अभि0 विभाग उत्तर प्रदेश को प्रेषित की जाती है।

 

 विदेशियों के निवास वृद्वि का अधिकार भी एफ0आर0ओ0 में निहित होता है।

(ब)    पाकिस्तानी/बांग्लादेशी नागरिकों के सम्बन्ध में:-

 

         पाक/बांग्लादेशी नागरिकों के मामलें में एफ0आर0ओ0 सिविल अथारिटी के हैसियत से कार्य करते है। जनपद में आये हुए पाक नागरिकों का पंजीकरण करके ठहरे हुए अवधि में निगरानी कराते हुए समय से पाक रवाना करने की जिम्मेदारी भी सिविल अथाँरिटी/एस0पी0 की होती है।

 

         पाक/बी0डी0 नागरिकों की बीजा वृद्वि करने के सम्बन्ध में सभी अधिकार शासन को प्रदत्त है। सिविल अथाँरिटी द्वारा संस्तुति सहित अग्रसारित करने पर एस0टी0बी0 पर रह रहे पाक नागरिकों को इक्सटेन्शन शासन स्तर पर प्राप्त होता है। वर्तमान में एस0टी0बी0 पर (180 दिन से 171 आये हुए नागरिकों की बीजा वृद्वि पर शासन द्वारा रोक लगायी गयी है।

 पाक/विदेशी मामलों से सम्बन्धित कार्यवाही एल0आई0यू0 कार्यालय स्थिति पाक/विदेशी शाखा से सम्पादित की जाती है। जिसमे प्रभारी पर एक उ0नि0 की नियुक्ति होती है।

 

3.7.7.2 पासपोर्ट:-

      

(अ)   कार्यवाही की चरण:- पासपोर्ट आवेदन करने वाले व्यक्ति अपने पत्रों को निम्न स्थानों पर जमा कर सकते है।

  1.  क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी कार्यालय लखनऊ।
  2. कार्यालय जिलाधिकारी, फतेहपुर।

 

 जमा आवेदन पत्रों को सम्बन्धित जनपद के पुलिस प्रमुख को प्रेषित किया जाता है। आवेदन पत्र प्राप्ति के पश्चात सम्बन्धित जनपद के पुलिस अधिकारियों(उ0नि0 व हे0कां0(प्रो0) द्वारा आवेदन पत्रों की एक प्रति जिसमें आवेदन करने वाले व्यक्ति के वैयक्तिक विवरण अंकित होते है, की जाँच की जाती है तथा वैयक्तिक विवरण पत्र के दूसरे प्रति को आतंकवादी व अन्य राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में संलिप्तता के विषय में जानकारी करने विषयक अभिसूचना मुख्यालय लखनऊ को प्रेषित किया जाता है। अभिसूचना मुख्यालय से प्राप्त जाँच आख्या तथा जनपद के थानों तथा एल0आई0यू0 से प्राप्त जाँच आख्या के आधार पर एक अलग आख्या बनाकर नोडल अधिकारी (जी0ओ0) के हस्ताक्षर द्वारा क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय लखनऊ या जिलाधिकारी कार्यालय को प्रेषित किया जाता है।

 पासपोर्ट कार्यालय द्वारा प्राप्त जाँच आख्या के आधार पर वरीयता अनुसार पासपोर्ट जारी किये जाते है, जो डाकखाने के माध्यम से आवेदक को प्राप्त कराये जाते है।

(ब)   कार्यवाही किसके द्वारा अपेक्षित:- आवेदन पत्र जमा होने के पश्चात निम्न स्तर पर कार्यवाही होती है।

  1. क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी/जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा सम्बन्धित जनपदों के पुलिस प्रभारियों को वैयक्तिक विवरण पत्र जाँच हेतु उपलब्ध कराये जाते है।
  2. जनपद पुलिस/एल0आई0यू0/अभिसूचना मुख्यालय द्वारा जाँच की जाती है।
  3.  जाँच आख्या नोडल अधिकारी (जी0ओ0) के हस्ताक्षर से पासपोर्ट कार्यालय प्रेषित की जाती है।

4. पासपोर्ट आवेदन पत्रों की जाँच की कार्यवाही पुलिस अधीक्षक के कार्यालय में प्रधान लिपिक शाखा द्वारा किया जायेगा।

(स) कार्यवाही की अवधिः-

 जनपद में प्राप्त आवेदन पत्रों की पुलिस/अभिसूचना जाँच रिपोर्ट 20 दिन के अन्दर पासपोर्ट कार्यालय को प्रेषित किये जाने का निर्देश है, इसके पश्चात पासपोर्ट कार्यालय द्वारा वरीयता के आधार पर पासपोर्ट जारी किये जाने का प्राविधान है।

3.3.8 सुरक्षा व्यवस्था प्रदान करने से सम्बन्धित प्रक्रियाः-

शासनादेश संख्याः 1779/छः-पु-2-2001-700(1)/2001 दिनांक 25.04.2001 के अनुसार गनर/शैडो के अनुमन्यता हेतु जीवन भय का सही आंकलन करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक समिति गठित होती है, जिसमें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक (अभिसूचना) स्थानीय अभिसूचना इकाई के सदस्य होते है। जिन व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था अत्यन्त आवश्यक हो, जनपदीय समिति द्वारा उनके जीवन भय का आंकलन कर स्थानीय स्तर पर आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था निम्नलिखित मानकों के आधार पर उपलब्ध करायी जाती है।

3.38.1 सुरक्षा व्यवस्था सम्बन्धी मानकः- 

श्रेणी सुरक्षा का स्तर व्यवहार का प्रतिशत
सांसद/विधायक

1. सुरक्षा कर्मी

2. औचित्य पाये जाने पर एक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी सादे वस्त्रों में

1. निःशुल्क

2. 25 प्रतिशत पर

निवर्तमान सांसद/विधायक औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी प्रतिशत पर
प्रदेश स्तरीय शासकी निगमों के अध्यक्ष/जिला पंचायत अध्यक्ष नगर प्रमुख/कुलपति औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी प्रतिशत पर
प्रदेश स्तर पर पंजीकृत मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों के अध्यक्ष औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षा कर्मी प्रतिशत पर
अन्य किसी व्यक्ति को आवश्यकतानुसार जनपदीय समिति की संस्तुति पर औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी प्रतिशत पर
जघन्य अपराध होने पर पैरवी करने वाला/गवाह औचित्य पाये जाने पर एक सुरक्षाकर्मी स्मिति के निर्णय के अनुसार

शासनादेश संख्याः 2301/छः-पु-2-2004-700(1)/2001 दिनांक 18.06.2004 द्वारा जिला पंचायत अध्यक्षों को पदेन एक गनर निःशुल्क देने का प्रावधान है। 

 किसी महानुभाव द्वारा सुरक्षा हेतु आवेदन पत्र देने पर जनपदीय द्वारा उसके जीवन भय का आंकलन किया जायेगा। जनपदीय समिति की संस्तुति पर पुलिस अधीक्षक द्वारा एक माह के लिए सुरक्षाकर्मी स्वीकृत किया जा सकता है। जिसे आवश्यकता पड़ने पर एक-एक माह दो बार यानी कुल03 माह तक बढ़ायी जा सकती है। इससे अधिक अवधि के लिए सुरक्षा की आवश्यकता होने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा स्वयं के हस्ताक्षर से जनपदीय समिति की संस्तुति शासन को उपलब्ध करायी जायेगी, जिस पर विचारोपरान्त शासन द्वारा अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया जायेगा।

      जनपद स्तर पर प्रदत्त सुरक्षा व्यवस्था (मा0 सांसद/विधायक/मा0 मंत्रीगण, उच्चतम एवं उच्च न्यायालय के मा0 न्यायमूर्ति एवं श्रेणीबद्व संरक्षित महानुभावों को अनुमन्य सुरक्षा व्यवस्था को छोड़कर) की समीक्षा जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रत्येक माह की जाती है।

      भुगतान पर सुरक्षाकर्मी देने से पूर्व कम से कम एक माह का व्ययभार अग्रिम कराया जायेगा, यदि उक्त अवधि समाप्त होने के पूर्व संरक्षित व्यक्ति द्वारा अग्रिम व्ययभार जमा नहीं कराया जाता है, तो जमा करायी गयी धनराशि की अवधि समाप्त होते ही सुरक्षाकर्मी वापस लें लिया जाता है।

100 प्रतिशत निजी व्ययभार पर सुरक्षाकर्मी प्रदत्त करने पर रू0 16,130/- प्रतिमाह तथा 10 प्रतिशत सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराये जाने पर रू0 1613/- प्रतिमाह धनराशि पुलिस मुख्यालय उत्तर प्रदेश इलाहाबाद के निर्देशानुसार पुलिस कार्यालय की आंकिक शाखा में जमा करायी जाती है।

3.3.9 शस्त्र लाइसेन्स संस्तुति किये जाने की प्रक्रियाः-        

    (डी0जी0 परिपत्र संख्याः 35/2011 दिनांक) 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि

1.

जिलाधिकारी कार्यालय से शस्त्र प्रार्थना पत्र की प्राप्ति अपर पुलिस अधीक्षक

03 कार्य दिवस/कार्यालय अवधि में किसी भी समय

2.

सम्बन्धित थानें को अपराधिक इतिहास व आम शोहरत तथा सत्यापन हेतु भेजा जाना सम्बन्धित प्रभारी निरीक्षक /थानाध्यक्ष द्वारा

07 दिवस

3.

डी0सी0आर0बी0 द्वारा जनपद में किये गये अपराध के सम्बन्ध में जाँच किया जाना प्रभारी डी0सी0आर0बी0

03 कार्य दिवस

4.

सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा जाँच किया जाना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी

03 कार्य दिवस

5.

अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा जाँच किया जाना अपर पुलिस अधीक्षक

03 कार्य दिवस

6.

पुलिस अधीक्षक द्वारा जाँच/संस्तुति किया जाना पुलिस अधीक्षक

04 कार्य दिवस

7.

जिलाधिकारी कार्यालय को लाइसेन्स प्रार्थना पत्र संस्तुति/असंस्तुति सहित भेजा जाना।  सम्बन्धित कार्यवाही द्वारा कार्यदिवस/कार्यालय अविध में किसी भी समय

 

शस्त्र लाइसेन्स के नवीनीकरण के लिए आवेदक सम्बन्धित थानें में प्रार्थना पत्र देता है, थानाध्यक्ष की आख्या के आधार पर जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा शस्त्र लाइसेन्स का नवीनीकरण किया जाता है। यह प्रत्येक 03 वर्ष की अवधि के पश्चात अनिवार्य रूप से होना चाहिए।

3.3.10 विभिन्न प्रकार के चरित्र प्रमाण-पत्र निर्गत किये जाने की प्रक्रियाः-

3.3.10.1  प्राइवेट वेरीफिकेशनः- 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि

1.

आवेदक द्वारा चरित्र प्रमाणपत्र हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत करना। प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में

2.

चरित्र प्रमाण पत्र हेतु निर्धारित 20 रू0 शुल्क के रूप में लिया जाना आंकिक कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा अविलम्ब

3.

चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाँच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा

01 दिवस में

4.

सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा

07 दिवस में

5.

एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा

 

6.

चऱित्र सत्यापन निर्गत किया जाना थ्नमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा

03 दिवस में

 

3.3.10.2 पुलिस वेरीफिकेशन 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि

1.

पुलिस विभाग के चयनित पुलिस कर्मियो के सत्यापन पुलिसकर्मी के नियुक्तिस्थल के मूल निवास के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होना प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में

2.

चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाँच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा

01 दिवस में

3.

सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा

07 दिवस में

4.

एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा

 

5.

चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा

03 दिवस में

3.3.10.3 सर्विस वेरीफिकेशनः-

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि

1

स्रकारी विभाग में चयनित सरकारी कर्मियों के सत्यापन सरकारी कर्मी की नियुक्त स्थल से कर्मी के मूल निवास स्थल के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होना। प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में

2

चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाँच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा

01 दिवस में

3

सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा

07 दिवस में

4

एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा

 

5

चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा

03 दिवस में

3.3.10.4 मिलिठ्री सर्विस वेरीफिकेशनः- 

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि

1.

मिलीट्री विभाग में चयनित सरकारी कर्मियों के सत्यापन सरकारी कर्मी की नियुक्त स्थल से कर्मी के मूल निवास स्थल के पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्राप्त होना। प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में

2.

चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाँच हेतु भेजना। कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा

01 दिवस में

3.

सम्बन्धित थानें द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा

07 दिवस में

4.

एल0आई0यू0 द्वारा जांच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा

 

5.

चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा

03 दिवस में

 

3.3.10.4 ठेकेदारी वेरीफिकेशनः-

क्र0सं0 कार्य किसके स्तर से कार्यवाही अपेक्षित समय अवधि

1.

जिलाधिकारी कार्यालय से आवेदन पत्र मय शपत पत्र के पुलिस कार्यालय में प्राप्त प्रधान लिपिक द्वारा कार्यालय अवधि में

2

चरित्र प्रमाण पत्र हेतु निर्धारित 20 रू0 शुल्क के रूप में लिया जाना आंकिक कार्यालय के लिपिक द्वारा अविलम्ब

3.

चरित्र सत्यापन हेतु सम्बन्धित थानें को जाँच हेतु भेजना कार्यालय के सम्बन्धित लिपिक द्वारा

01 दिवस में

4.

सम्बन्धित थाने द्वारा जाँच व सत्यापन किया जाना सम्बन्धित थानाध्यक्ष/उ0नि0 द्वारा

07 दिवस में

5.

सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा सत्यापन को संस्तुति/असंस्तुति करना सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी द्वारा

07 दिवस में

6.

एल0आई0यू0 द्वारा जाँच व सत्यापन किया जाना निरीक्षक एल0आई0यू0 द्वारा

03 दिवस में

7.

चरित्र सत्यापन सम्बन्धित जनपद को भेजा जाना निमित राजपत्रित अधिकारी द्वारा अविलम्ब

4. कर्तव्यों के सम्पादन हेतु अपनाये जाने वाले मापदण्डः-

4.1 जनपद स्तर पर विभिन्न प्रकार की जाँचों के लिए निर्धारित किये गये मापदण्डः-      

क्र0सं0 कार्य कार्यवाही हेतु निर्धारित मापदण्ड

1.

अनुसंधान/विवेचना दण्ड प्रक्रिया संहिता एवं प्रचलित नियमों के अनुरूप निर्धारित समयावधि में

2.

थानों पर प्राप्त प्रार्थना पत्रों की जाँच करके आवश्यक कार्यवाही करना

07 दिवस

3.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विभिन्न स्तरों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों की जाँच करके आवश्यक कार्यवाही करना

12 दिवस

4.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को विभिन्न स्तरों से प्राप्त प्रार्थना पत्रो की जाँच करके आवश्यक कार्यवाही करना

12 दिवस

5.

फायर सर्विस इकाई द्वारा किये जाने वाले निरीक्षण

15 दिवस

6.

पासपोर्ट की जाँच उ0प्र0 शासन के पत्र सं0 -616/भा/छः बीजा अनुभाग-4- 2005-17/2/64/99 दिनांक 21.10.2005 के अनुसार 20 दिवस में

7.

शस्त्र लाइसेन्स की संस्तुति किया जाना

30 दिवस

8.

प्राइवेट वेरीफिकेशन

15 दिवस

9.

पुलिस वेरीफिकेशन

15 दिवस

10.

सर्विस वेरीफिकेशन

15 दिवस

11.

मिलीट्री सर्विस वेरीफिकेशन

15 दिवस

12.

ठेकेदारी वेरीफिकेशन

25 दिवस

 

4.2 पुलिस आचरण के सिद्वान्तः- 

  1. भारतीय संविधान में नागरिकों को दिये गये अधिकारों का सम्पूर्ण पुलिस जन द्वारा सम्मान करना।
  2. बिना किसी भय पश्चात अथवा प्रतिशोध की भावना के समस्त कानूनों का दृढ़ता व निष्पक्षता से निष्पादन करना।
  3. पुलिस जन को अपने अधिकारों तथा कर्तव्यों की परिसीमाओं पर पूरा नियंत्रण रखना।
  4. कानून का पालन करने अथवा व्यवस्था बनाये रखने के काम में जहाँ तक सम्भव हो समझाने बुझाने आदि का प्रयास, यदि बल प्रयोग करना अनिवार्य हो तो कम से कम बल प्रयोग करना।
  5. पुलिस जन का मुख्य कर्तव्य अपराध तथा अव्यवस्था को रोकना।
  6. पुलिस जन को यह ध्यान में रखना, कि वह जनसाधारण का ही अंग है तथा वही कर्तव्य कर रहें है, जिनकी विधान ने समान नागरिकों से अपेक्षा की है।
  7. प्रत्येक पुलिस जन को यह स्वीकार करना चाहिए, कि उनकी सफलता पूरी तरह से नागरिक सहयोग पर आधारित है।
  8. पुलिस जन को नागरिकों के कल्याण का ध्यान, उनके प्रति सहानुभूति व सदभाव् हृदय में रखना।
  9. प्रत्येक पुलिस जन विषम परिस्थितियों में भी मानसिक संतुलन बनाये रखना और दूसरों की सुरक्षा हेतु प्राणों तक को उत्सर्ग करने के लिए तत्पर रहना।
  10. हृदय से विशिष्टिता, विश्वसनीयता, निष्पक्षता आत्मगौरव व साहस से जनसाधारण का विश्वास जीतना।
  11. पुलिस जन को व्यक्तिगत तथा प्रशासनिक जीवन में विचार, वाणी व कर्म में सत्यशीलता व ईमानदारी बनाये रखना।
  12. पुलिस जन को उच्च कोटि का अनुशासन रखते हुए कर्तव्य का विधान अनुकूल संपादन करना।
  13. सर्वधर्म सम्भाव एवं लोक तांत्रिक राज्य जन होने के नाते समस्त जनता में सौहार्द व भाई चारे की भावना जागृत करने हेतु सतत् प्रयत्नशील रहना।

5.    कर्तव्यों के निर्माण हेतु अपनाये जाने वाले नियम, विनियम, निर्देश, निर्देशिका व अभिलेखः-

  1. पुलिस अधिनियम- 1861
  2. भारतीय दण्ड संहिता- 1861
  3. दण्ड प्रक्रिया संहिता- 1973
  4. उत्तर प्रदेश पुलिस रेगुलेशन- 1861
  5. उत्तर प्रदेश कार्यालय मैनुअल- 1861
  6. साक्ष्य अधिनियम- 1872
  7. आम्र्स एक्ट- 1959
  8. सिविल अधिकार संरक्षण अधिनियम- 1955
  9. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जन जाति अधिनियम- 1989
  10. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल अधिनियम- 1949
  11. आवश्यक वस्तु अधिनियम- 1955 (उ0प्र0 संशोधन अधिनियम-1978)
  12. चोर बाजार नि0 और आवश्यक वस्तु प्रदय् अधिनियम- 1980
  13. खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम- 1954
  14. उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-1986
  15. पशु अतिचार अधिनियम- 1861
  16. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम- 1988
  17. बन्दी अधिनियम-1900
  18. सार्वजनिक जुआ अधिनियम- 1867
  19. किशोर न्याय अधिनियम- 1986
  20. दहेज प्रतिशोध अधिनियम- 1961
  21. राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम- 1980
  22. स्वापक औषधि और मना प्रभावी अधिनियम- 1985
  23. स्वापक औषधि और मना प्रभावी पदार्थ अवैध व्यापार निवारण अधिनियम- 1988
  24. बन्दियों की शिनाख्त अधिनियम- 1930
  25. लोक सम्पत्ति नुकसान निवारण अधिनियम- 1980
  26. विस्फोटक अधिनियम- 1884
  27. विस्फोटक पदार्थ अधिनियम- 1908
  28. कुटुम्भ न्यायालय अधिनियम- 1984
  29. अपराधी परिबीक्षा अधिनियम- 1958
  30. अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम- 1956
  31. महिलाओं का अशिष्ट रूपण प्रतिशोध अधिनियम- 1986
  32. भारतीय वन अधिनियम- 1927
  33. वन संरक्षण अधिनियम- 1980
  34. विधि विरूद्व क्रिया कलाप निवारण अधिनियम- 2004
  35. बन्दी न्यायालयों में उपस्थिति अधिनियम- 1955
  36. विष अधिनियम- 1919
  37. मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम- 1993
  38. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग प्रक्रिया विनयम- 1994
  39. रेल अधिनियम- 1989
  40.  रेलवे सुरक्षा बल अधिनियम- 1957
  41. रेल सम्पत्ति (विधि विरूद्व कब्जा) अधिनियम- 1966
  42. पुलिस बल (अधिकारो पर निर्बन्धन) अधिनियम- 1966
  43. पुलिस द्रोह उद्दीपन अधिनियम- 1922
  44. राज्य सशस्त्र पुलिस बलों (कानूनों का विस्तार) अधिनियम- 1952
  45. केबिल दूरदर्शन नेटवर्क विनियमन अधिनियम- 1995
  46. ब्याज अधिनियम- 1978
  47. उत्तर प्रदेश गिरोहबन्द और समाज विरोधी क्रियाकलाप अधिनियम- 1986
  48. उत्तर प्रदेश गुण्डा अधिनियम- 1970
  49. उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग- 1999
  50. उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण नियमावली- 1970
  51. उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम- 1976
  52. उत्तर प्रदेश प्रादेशिक सशस्त्र आरक्षक वर्ग अधिनियम- 1948
  53. उत्तर प्रदेश डकैती प्रभावी क्षेत्र अधिनियम- 1993
  54. उत्तर प्रदेश पुलिस रेडियो सेवा नियमावली- 1979
  55. उत्तर प्रदेश अग्नि शमन सेवा अधिनियम- 1944
  56. उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारी (दण्ड एवं अपील)- 1991
  57. उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक (अनुशासन और अपील नियमावली)- 1999
  58. उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम- 1955
  59. उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अधिनियम- 1964
  60. उत्तर प्रदेश गोशाला अधिनियम- 1964
  61. उत्तर प्रदेश गोशाला अधिनियम- 1964
  62. उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग अधिनियम- 1994
  63. सूचना प्रोद्योगिकी अधिनियम- 2000
  64. सूचना का अधिकार अधिनियम- 2005
  65. वित्तीय हस्त पुस्तिका
  66. समय-समय पर निर्गत शासनादेश
  67. उच्चाधिकारियों द्वारा निर्गत परिपत्र व अन्य निर्देश

 इसके अतिरिक्त तत् समय प्रचलित अन्य विधियाँ भी पुलिस कार्य प्रणाली को सशक्त एवं विनियमित करती है।

6.  विभाग द्वारा रखे जाने वाले अभिलेखों की श्रेणीः-                                

6.1 विभिन्न थानो व अन्य कार्यालयों में रखे जाने वाले अभिलेखः-     

 

 

 

 

 

क्र0 सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाँ उपलब्ध होगी अविध जब तक उपलब्ध होगी

1.

प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराधों के सम्बन्ध में दी गयी सूचनायें एवं विवेचक के सम्बन्ध में सभी पुलिस थानों पर तीन साल

2.

दैनिकी सामान्य सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी पुलिस अधि0/कर्मचारीगण की रवानगी वापसी डियूटी का विवरण सभी पुलिस थानों व पुलिस लाइन में एक साल थाने पर उसके बाद 05 साल तक पुलिस कार्यालय के रिकार्ड रूम में

3.

सभी स्टैण्डिंग आर्डर पुलिस मुख्यालय द्वारा पुलिस अधि0/कर्मचारी को दिये गये निर्देशों का विवरण सभी शाखा व थानों पर स्थायी रूप में रखा जायेगा, राजपत्रित अधिकारी के आदेश पर नष्ट होगी।

4.

भगोडा (मफरूर) रजिस्टर सभी सफर अपराधियों का विवरण सभी थानों पर

05 वर्ष

5.

रोकड बही धनराशि की आमद व खर्च का विवरण सभी थानों/पुलिस लाइन में एक वर्ष थाना इकाई उसके बाद 09 वर्ष तक पुलिस आफिस रिकार्ड रूम में

6.

आरोप पत्र अभियोग में प्रेषित पुलिस रिपोर्ट सभी पुलिस थाने पर एक साल

7.

चिक खुराक अभियुक्तों के भोजन व्यय किराया व्यय आदि की प्रतिपूर्ति है। सभी थानें पर तीन साल

8.

356 दं0प्र0सं0 के अधीन दोष सिद्व अपराधी रजिस्टर

उक्त नियमानुसार दोष सिद्व अपराधियों का विवरण सभी थानें पर जब सभी कैदियों की अवधि समाप्त हो चुकी हो

9.

432 दं0प्र0सं0 के अधीन सशर्त मुक्त किये गये कैदी रिकार्ड रजिस्टर

10.

गोपनीय साप्ताहिक रिपोर्ट थाना क्षेत्र की साम्प्रदायिक राजनैतिक व अन्य गतिविधियाँ की गोपनीय सूचना सभी थानें पर एक साल

11.

अपराध रजिस्टर थाना क्षेत्र में हुए अपराधिक घटनाओं का विवरण सभी थानें पर पाँच साल

12.

चैकीदारों का अपराध बुक चैकीदार के ग्राम में घटित घटनाओं का विवरण सभी चैकीदारों के पास चैकीदार को जब तक नई नोटबुक प्रदान न की जाए।

13.

ग्राम अपराध रजिस्टर (रजिस्टर नं0 08) उस गाँव में घटित होने वाले अपराध का विवरण सभी थानों पर स्थायी रूप से

14.

डिफाल्टर रजिस्टर कर्मचारी की त्रुटि व उसके लिए दी गयी हिदायत का उल्लेख  सभी थानों/ पुलिस लाइन में

15.

केस डायरी विवेचना में कृत कार्यवाही का विवरण सभी थानों/ विवेचकों के पास पाँच साल

16.

अन्तिम रिपोर्ट अभियोग में विवेचना के बाद प्रेषित रिपोर्ट सभी थानें पर स्थायी रूप से

17.

अंगुष्ठ छाप रजिस्टर अपराधियों का नाम पता, जिसका अंगुष्ठ छाप लिया गया है। सभी थानें पर स्थायी रूप से

18.

चिक गैरदस्तन्दाजी अहस्तक्षेपीय अपराधों की सूचक सभी थानों पर तीन साल

19.

गिरोह रजिस्टर पंजीकृत गैंगों का विवरण सभी थानें पर व डी0सी0आर0बी0 में पूर्ण होने के पाँच साल

20.

मरम्मत रजिस्टर मरम्मत के लिए प्राप्त धन व उसके व्यय का विवरण सभी थानें पर दो साल

21.

जाँचोपरान्त “अ” थाना क्षेत्र के दुराचारियों के बाहर जाने पर जारी किया जाने वाला पत्र सभी थाने पर तीन साल

22.

जाँच पर्ची “ब” थाना क्षेत्र में मिलने वाले संदिग्ध आचरण के व्यक्तियों के लिए जारी पत्र सभी थानें पर तीन साल

23.

सूची हिस्ट्रीसीट दुराचारियों का विवरण सभी थानों पर एक साल

24.

पंचायतनामा जिल्द अस्वाभाविक मृत्यु की जाँच का विवरण सभी थानों पर पाँच साल

25.

निरीक्षण पुस्तिका निरीक्षण का विवरण सभी थानों पर व शाखाओं पर पाँच साल

26.

माल मसरूका रजिस्टर चोरी/लूटी गयी एवं बरामद सम्पत्ति का विवरण सभी थानों पर पाँचा साल

27.

रिमाण्डशीट पुलिस प्रपत्र अभियुक्तों को रिमाण्ड के लिए अनुरोध पत्र सभी थानों पर एक साल

28.

मजिस्टेªेट के लिए निरीक्षण पुस्तिका मजिस्टेªटों के ˜ारा निरीक्षण के दौरान उल्लेख सभी थानों पर पूर्णता से पाँच साल

29.

109 धारा के अन्तर्गत कार्यवाही

संदिग्ध अपराधियों को पाबन्द कराने हेतु सभी थानों पर दो वर्ष

30.

110 सी0आर0पी0सी0 के अन्तर्गत कार्यवाही

अभ्यस्त अपराधियों को पाबन्द कराने हेतु सभी थानों पर दो वर्ष

31.

थानाध्यक्ष की गोपनीय पुस्तिका क्षेत्र की गोपनीय सूचनायें सभी थानों पर स्थायी

32.

परिपत्र सूचनाओं की फाइल समस्त परिपत्र सभी कार्यालय में किसी राजपत्रित अधिकारी के नष्ट किये जाने के आदेश तक

33.

परिपत्र अनुदेशों की फाइल परिपत्रों सम्बन्धी निर्देश सभी कार्यालय में उपरोक्त

34.

अपराधी जनजातियों का रजिस्टर अपराधियों की जनजाति के सम्बन्ध में समस्त थानों पर उनके मृत्यु तक 

35.

सक्रिय अपराधी रजिस्टर क्षेत्राधिकारी द्वारा अनुमोदित क्षेत्र के सक्रिय अपराधों की सूची समस्त थानों पर निगरानी उचित समझे जाने तक

36.

आर्डर बुक प्रार्थना पत्र प्रार्थना पत्रों की सूची समस्त थानों पर पाँच वर्षो तक

37.

आर्डर बुक न्यायालय कोर्ट प्रोसीजर की सूची समस्त थानों पर पाँच वर्षो तक

38.

आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची समस्त थानों पर पाँच वर्षो तक

39.

भवन रजिस्टर थाने की खसरा खतौनी व भवनों के सम्बन्ध में समस्त थानें पर स्थायी

40.

गुमशुदगी रजिस्टर गुमशुदा व्यक्तियों के सम्बन्ध में सूचना समस्त थानों पर स्थायी

41.

गिरफ्तारी रजिस्टर गिरफ्तारी व्यक्तियों के सम्बन्ध में समस्त थानों पर पाँच वर्षो तक

42.

जमानत रजिस्टर दी जाने वाली जमानतों का विवरण समस्त थानों पर पाँच वर्षो तक

43.

काज लिस्ट रजिस्टर न्यायालय द्वारा अभियोजन की तिथियों एवं की कार्यवाही का विवरण समस्त थानों पर पाँच वर्षो तक

44.

जन शिकायत रजिस्टर थाना कार्यालय/अन्य कार्यालयों में प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्र समस्त थानों/ कार्यालय में दो वर्षो तक

45.

किरायेदार सत्यापन रजिस्टर क्षेत्र के किरायेदार के सत्यापन के सम्बन्ध में स्थायी

46.

नियुक्ति रजिस्टर थानें पर नियुक्त रहे कर्मचारियों के सम्बन्ध में समस्त थानों पर स्थायी
47.  अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण समस्त थानों पर एक वर्ष तक

6.2   क्षेत्राधिकारी स्तर पर रखें जाने वाले अभिलेखः- 

क्र0 सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाँ उपलब्ध होगी अवधि जब तक उपलब्ध होगी

1.

अपराध रजिस्टर सर्किल में पंजीकृत अभियोगों व केस डायरियों का संक्षिप्त अंकन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाँच वर्षो तक

2.

जेड रजिस्टर केस डायरियों को न्यायालय भेजने के दिनांक सहित संक्षिप्त विवरण क्षेत्राधिकारी कार्यालय में स्थायी

3.

आर्डर बुक प्रार्थना पत्र प्रार्थना पत्रों की सूची क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाँच वर्षो तक

4.

परिपत्र सूचनाओं की फाइल समस्त परिपत्र क्षेत्राधिकारी कार्यालय में अधिकारी द्वारा नष्ट किये जाने के आदेश तक

5.

आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाँच वर्ष तक

6.

अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण क्षेत्राधिकारी कार्यालय में एक वर्ष तक

7.

विशेष अपराध पत्रावलियाँ विशेष अपराधों का विवरण क्षेत्राधिकारी कार्यालय में स्थायी

8.

जाँच पत्रावलियाँ  शिकायत की जाँच के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पाँच वर्ष तक

 

6.3    अपर पुलिस अधीक्षक स्तर पर रखे जाने वाले अभिलेखः- 

क्र0सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाँ उपलब्ध होगी अवधि जब तक उपलब्ध होगी

1.

आर्डर बुक प्रार्थना पत्र प्रार्थना पत्रों की सूची अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाँच वर्षो तक

2.

परिपत्र सूचनाओं की फाइल समस्त परिपत्र अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में अधिकारी द्वारा नष्ट किये जाने क आदेश तक

3.

आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाँच वर्षो तक

4.

अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक वर्ष तक

5.

नियुक्ति रजिस्टर क्षेत्र के थानों पर नियुक्त कर्मचारियों के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी

6.

जाँच पत्रावलियाँ शिकायतों की जाँच के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाँच वर्षो तक

 

6.4    पुलिस अधीक्षक स्तर पर रखे जाने वाले अभिलेखः- 

क्र0सं0 अभिलेख की प्रकृति उपलब्ध सूचना का विवरण इकाई/शाखा जहाँ उपलब्ध होगी अवधि जब तक उपलब्ध होगी

1.

राजपत्रित अधिकारियों की गोपनीय सेवा राजपत्रित अधिकारियों के गोपनीय सेवा अभिलेख वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी

2.

हिस्ट्रीशीटर इन्डेक्स जनपद के दुराचारियों का विवरण वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी

3.

पुरस्कार रजिस्टर जनपद के पुरस्कार प्राप्त कर्मचारियों की सूची वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाँच वर्षो तक

4.

आर्डर बुक प्रार्थना पत्र  प्रार्थना पत्रों की सूची शिकायत प्रकोष्ठ कार्यालय में पाँच वर्ष तक

5.

परिपत्र सूचनाओं की फाइल  समस्त परिपत्र प्रधान लिपिक कार्यालय में अधिकारी द्वारा नष्ट किये जाने के आदेश तक

6.

आर्डर बुक शस्त्र प्रार्थना पत्र रजिस्टर प्राप्त शस्त्र प्रार्थना पत्रों की सूची वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पाँच वर्षो तक

7.

अवकाश रजिस्टर आकस्मिक अवकाशों का विवरण वाचक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक वर्ष तक

8.

नियुक्ति रजिस्टर क्षेत्र के थानों पर नियुक्त कर्मचारियों के सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में स्थायी

9.

सर्विस बुक/चरित्र पंजिका समस्त रैकों के कर्मचारियों के सेवा इतिहास प्रधान लिपिक कार्यालय में स्थायी

10.

कैश बुक/पै-बिल रजिस्टर समस्त भुगतानों के लेन-देन के सम्बन्ध में आंकिक शाखा स्थायी

11.

आकस्मिकता निधि रजिस्टर आकस्मिकता निधि रजिस्टर पर पारित व्ययों के सम्बन्ध में आंकिक शाखा स्थायी

12.

स्टाफ रजिस्टर सामान्य भण्डार की मदों का क्रय व वितरण पुलिस लाइन स्थायी

13.

हिन्दी आदेश पुस्तिका समस्त आदेश जिनका प्रभाव पुलिस लाइन

40 वर्षो तक

 

7.      जनता की परामर्श दात्री समितियाँ-

जनपदीय पुलिस में जनता के सदस्यों से परामर्श के लिए या उनके द्वारा दिये गये अभ्यावेदनों पर नीति निर्धारण में विचार हेतु निम्नलिखित व्यवस्था विद्यमान है। 

क्र0सं0 समिति का नाम समिति का गठन भूमिका एवं दायित्व गोष्ठियों की आवृत्ति

1.

ग्राम पुरवा सुरक्षा समिति प्रत्येक गाँव में 15 से 20 व्यक्तियों की समिति थानाध्यक्ष द्वारा गठित की जाती है। गाँव में घटित होने वाले अपराध एवं अपराधियों की सूचना पुलिस को देना व अपराधियों से मुकाबला करना समय-समय पर

2.

पुलिस पेन्शनर्स बोर्ड जनपद के पुलिस पेन्शनर्स के द्वारा गठित होती है। पुलिस पेन्शनर्स के कल्याण हेतु पैरवी करना त्रैमासिक

3.

उद्योग बन्धु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद के उद्यमियों की बैठक उद्योगों के विकास में आने वाली कानून-व्यवस्था की समस्या के समाधान हेतु त्रैमासिक

4.

जिला सड़क सुरक्षा समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित समस्त से सम्बन्धित समस्त विभागों के अधिकारियों की समिति दुर्घटनाओं के निवारण हेतु त्रैमासिक

5.

जिला स्तरीय पत्रकार समिति जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जनपद के पत्रकारों की समिति पत्रकारों की पुलिस सम्बन्धित समस्याओं के निराकरण हेतु त्रैमासिक

6.

शांति समिति क्षेत्र के सम्भ्रान्त नागरिकों की समिति साम्प्रदायिक सद्भाव बनाये रखने हेतु आवश्यकतानुसार

7.

मेला समिति मेले में सम्बन्धित सम्भ्रान्त व्यक्तियों की समिति प्रमुख मेलों को सकुशल सम्पन्न कराने हेतु मेले के आयोजन से पूर्व

8.

सांसद व विधायकगण की गोष्ठी समस्त सांसद व विधायकगण की गोष्ठी शिकायतों के निस्तारण व सुझाव/परामर्श के लिए मसिक

 

8. बोर्डो, परिषदों, समितियों और अन्य निकायः-

पुलिस संगठन में इस प्रकार की कोई व्यवस्था प्रचलित नहीं है।

9. अधिकारियों तथा कर्मचारियों की टेलीफोन डायरेक्ट्रीः- 

नाम/पद पुलिस अधिकारीगण आवास नम्बर कार्यालय नम्बर मोबाइल नम्बर व्यक्तिगत सी0यू0जी0 नम्बर
श्री राजेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक, फतेहपुर 

05180-224288

05180-224413

 

9454400268

श्री संतोष कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक, फतेहपुर

05180-224895

05180-224413

 

9454401045

श्री अजीत कुमार सिन्हा, क्षेत्राधिकारी नगर, फतेहपुर

05180-224498

05180-221486

 

9454401286

श्री सूर्यकान्त त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी खागा, फतेहपुर

 

05182-260801

 

9454401287

श्री अनिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी बिन्दकी, फतेहपुर

 

 

 

9454401288

श्री गौरव सिंह, आईपीएस

 

05180-224413

 

9454401289

क्षेत्राधिकारी जाफरगंज,फतेहपुर

 

05180-2214413

 

9454401290

श्री जनार्दन त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी थरियाँव, फतेहपुर

 

05180-224417

 

9454402357

जनपद में लगे टेलीफोन/सी0यू0जी0 नम्बरों की सूचीः-

क्र0सं0 पद टेलीफोन नम्बर

सी0यू0जी0 नम्बर

आवास नम्बर

कार्यालय नम्बर

1. पुलिस अधीक्षक

05180-224288

05180-224895

05180-224413 9454400268
2. अपर पुलिस अधीक्षक

05180-224498

05180-224413 9454401045
3. क्षेत्राधिकारी नगर

 

05180-221486 9454401286
4. क्षेत्राधिकारी खागा

 

05180-260801 9454401287
5. क्षेत्राधिकारी बिन्दकी

 

  9454401288
6. क्षेत्राधिकारी जाफरगंज

 

05180-224413 9454401289
7. क्षेत्राधिकारी थरियाँव

 

05180-224413 9454401290
8. थाना कोतवाली

 

05180-224401 9454403347
9. थाना मलवाॅं

 

05181-248223 9454403349
10. थाना हुसैनगंज

 

05180-241223 9454403341
11. थाना खागा

 

05182-260812 9454403344
12. थाना किशनपुर

 

05182-263223 9454403346
13. थाना खखरेरू

 

05182&^264409 9454403345
14. थाना धाता

 

05182-262264 9454403338
15. थाना सुल्तानपुर घोष

 

05182-233447 9454403350
16. थाना बिन्दकी

 

05181-257546 9454403336
17. थाना कल्यानपुर

 

05181-247223 9454403334
18. थाना औंग

 

05181-251000 9454403334
19. थाना बकेवर

 

05181-255170 9454403335
20. थाना जहानाबाद

 

05181-253223 9454403342
21. थाना जाफरगंज

 

  9454403352
22. थाना चाॅंदपुर

 

05183-283636 9454403337
23. थाना ललौली

 

05183-232223 9454403348
24. थाना गाजीपुर

 

05183-290029 9454403339
25. थाना थरियाँव

 

05182-242223 9454403351
26. थाना हथगाँव

 

05182-259299 9454403340
27. थाना असोथर

 

05183-236237 9454403333
28. प्रतिसार निरीक्षक

 

05180-224417 9454402357
29. जिला नियंत्रण कक्ष

 

05180-224542 100 9454403359
30. महिला थाना

 

05180-224284 9454404462
31. नगर नियंत्रण कक्ष

 

 

9454404879

 

10. अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन/पारितोषिकः-

10.1 सशस्त्र व नागरिक पुलिस के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

क्र0सं0

पद

वेतन मान पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता
पे बैन्ड

ग्रेड वेतन

1. पुलिस अधीक्षक 37400-67000

8700

&

375

2. अपर पुलिस अधीक्षक 15600-39100

6600

600

300

3. पुलिस उपाधीक्षक 15600-39100

6600

600

300

4. निरीक्षक 9300-34800

4600

600

150

5. उप निरीक्षक 9300-34800

4200

600

150

6. मुख्य आरक्षी 5200-20200

2400

750

150

7. आरक्षी 5200-20200

2000

750

150

10.2 रेडियो शाखा के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

क्र0सं0

 

पद

वेतन मान पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता
पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. रेडियो निरीक्षक 9300-34800

4800

600 150
2. रेडिया उपनिरीक्षक 9300-34800

4600

600

150

3. हेड आपरेटर 9300-34800

4200

600

150

4. सहायक परिचालन 5200-20200

2400

750

150

5. अनुचर/संदेश वाहक 5200-20200

1900

650

 

10.3 फायर सर्विस के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

क्र0सं0 पद वेतन मान पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता
पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. अग्निशमन अधिकारी 9300-34800 4600 600 150
2. द्वितीय अग्निशमन अधिकारी 9300-34800 00

600

150

3. लीडिंग फायरमैन/हे0कां0 ड्रा0 फायर सर्विस 5200-20200

2400

750

150

4. फायर मैन 5200-20200

2000

750

150

5. अनुचर 4440-7440

1800

650

125

10.4 लिपिक वर्गीय अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

 

क्र0सं0 पद

वेतन मान

पौष्टिक आहार भत्ता

वर्दी धुलाई भत्ता

विशेष भत्ता

पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. एस0आई0(एम) 9300-34800

4200

600

150

-

2. ए0एस0आई0(एम) 5200-20200

2800

600

150

-

3. उर्दू अनुवादक या कनिष्ठ लिपिक 5200-20200

2800

-

-

-

10.5 परिवहन शाखा के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन 

क्र0सं0   पद

वेतन मान

पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता विशेष भत्ता
 
पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. उ0नि0 परिवहन शाखा 9300-34800 4200 600 150 300
2. मुख्य आरक्षी 5200-20200 2400 750 150 300
3. आरक्षी चालक 5200-20200 2000 750 150 300

10.6 स्थानीय अभिसूचना ईकाई के अधिकारियों/कर्मचारियों को प्राप्त मासिक वेतन

क्र0सं0   पद वेतन मान पौष्टिक आहार भत्ता वर्दी धुलाई भत्ता विशेष भत्ता
 
पे बैन्ड ग्रेड वेतन
1. निरीक्षक अभिसूचना

9300-34800

4600

600

150

1280

2. उ0नि0 अभिसूचना 

9300-34800

4200

600

150

1080

3. मु0आ0 अभिसूचना

5200-20200

2400

750

150

320

4. आरक्षी अभिसूचना

5200-20200

2000

750

150

240

11. बजटः-

क्र0सं0 लेखा शीर्षक चालू वित्तीय वर्ष 2013-14
अनुदान व्यय
1. वेतन मंहगाई एवं अन्य भत्ते

588457235

588457235

2. अंशकालिक मजदूरों पर व्यय

216000

216000

3. यात्रा भत्ता

13679000

13679000

4. कार्यालय व्यय

324000

324000

5. अपराधियों, घायलों तथा परिवहन पर व्यय

16200

16200

6. विद्युत/प्रकाश पर व्यय

1134000

1134000

7. जलकर/जलप्रभार पर व्यय

12731

12731

8. लेखन सामग्री/छपाई पर व्यय

549400

549400

9. फर्नीचर का क्रय एवं मरम्मत

75000

75000

10. टेलीफोन पर व्यय

238600

238600

11. डीजल/पेट्रोल पर व्यय

8168326

8168326

12. वाहनों के मरम्मत पर व्यय

-

-

13.  किराया उप-शुल्क एवं कर

7527

7527

14. पुरस्कार पर व्यय

95300

95300

15. सुख सुविधा पर व्यय

578000

578000

16. चिकित्सा पर व्यय

1607000

1607000

17. वर्दी पर व्यय

1323000

1323000

12. सब्सिडी कार्यक्रम के निष्पादन का ढंगः-

 वर्तमान में विभाग में कोई उपादान कार्यक्रम प्रचलित नहीं है।

13. संगठन द्वारा प्रदत्त छूट, अधिकार पत्र तथा अधिकृतियों के प्राप्त कर्ताओं का विवरणः-

 14. इलेक्ट्रानिक प्रारूप में सूचनाओं की उपलब्धताः-

 उक्त सूचना को इलेक्ट्रानिक रूप में निबद्व के बाद उसकी प्राप्ति के सम्बन्ध में अवगत कराया जायेगा।

 

 15. अधिनियम के अन्तर्गत नागरिकों को प्रदत्त सुविधायें :- 

 

क्र0 सं0 कार्य कार्यवाही किसके स्तर से समयावधि
1. सूचना प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र प्राप्त किया जाना अ0पु0अ0 सम्बन्धित क्षेत्राधिकारी (यदि क्षेत्राधिकारी मुख्यालय पर नहीं बैठते है, तो सम्बन्धित थाना प्रभारी) कार्यालय प्रातः 10 बजे से शाम 17.00 बजे (राजकीय अवकाशों को छोड़कर)
2. सूचना निरीक्षण करने का स्थान उपरोक्त उपरोक्त
3. सूचना प्रदान किये जाने का स्थान उपरोक्त विलम्बतम 30 दिन तथा जीवन रक्षा एवं व्यक्ति की स्वतंत्रता के सम्बन्ध में 48 घण्टे
4. सूचना निरीक्षण करने हेतु जमा की जाने वाली धनराशि (10 रू0 प्रथम घण्टा, प्रथम घण्टा के पश्चात 5 रू0 प्रति 15 मिनट) पुलिस कार्यालय की आंकिक शाखा में नकद, लोक प्राधिकारी को ड्राफ्ट या बैंकर्स चेक उपरोक्त
5. सूचना प्राप्त करने हेतु जमा करायी जाने वाली राशि का विवरण (10 रू0 प्रति आवेदन पत्र और गरीबी की रेखा के नीचे के व्यक्तियों को निःशुल्क) उपरोक्त उपरोक्त

 

नोटः-    समय से सूचना उपलब्ध न कराये जाने की स्थिति में 250 रू0 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना (25000 रू0 अनाधिक) भी देय होगा।

 

16.   लोक सूचना अधिकारियों के नाम व पदनामः-

 

जनपद फतेहपुर पुलिस में लोक सूचना अधिकारियों की नियुक्ति निम्नलिखित प्रकार से की गयी है। 

क्र0सं0 जनपद के जनसूचना अधिकारी जनपद के सहायक जन सूचना अधिकारी अपीलीय अधिकारी का पदनाम
1.

श्री संतोष कुमार सिंह,

अपर पुलिस अधीक्षक, फतेहपुर।

श्री निवेश कटियार, क्षेत्राधिकारी नगर, फतेहपुर

श्री भगवान स्वरूप, पुलिस उपमहानिरीक्षक

इलाहाबाद परिक्षेत्र,

इलाहाबाद।

श्री माता प्रसाद सलोनिया, क्षेत्राधिकारी खागा, फतेहपुर
श्री अनिल कुमार सिंह, क्षेत्राधिकारी बिन्दकी, फतेहपुर
श्री अनुराग दर्शन, क्षेत्राधिकारी जाफरगंज, फतेहपुर
श्रीमती वन्दना सिंह,     क्षेत्राधिकारी थरियाँव, फतेहपुर
श्री विजेन्द्र द्विवेदी
क्षेत्राधिकारी अपराध, फतेहपुर

 

टिप्पणीः- सी0यू0जी0 मोबाइल नम्बर राजपत्रित अधिकारियों के पद से आवंटित है, जो कि अधिकारी के स्थानान्तरण के उपरान्त परिवर्तित नहीं होगें।

  17.    अन्य कोई विहित सूचनाः-

                        शून्य

Mahila Samman Prakoshtha, U.P. Police

Mahila Samman Prakoshtha

9454401149

Mahila Samman Prakoshtha, U.P. Police

UP 100

Control Room

Fire Brigade

101

Fire Brigade

Ambulance

108

Ambulance

Women Help Power line

1090

Women Help Power line

Download Mobile App

Download Mobile App

Child Helpline

1098

Child Hepline